- उत्तर-पश्चिम इंग्लैंड की अदालत ने नागेंदर गिल को हथियार और मादक पदार्थों की साजिश में 20 साल की जेल दी
- जोन्स को 30 साल और वाइज को 25 साल की सजा सुनाई गई, जो खतरनाक अपराधियों के रूप में पहचान गए
- एनसीए के ऑपरेशन वेनेटिक ने 2020 में ‘एनक्रोचैट’ को बंद कराया, जिससे हथियार और ड्रग नेटवर्क का भंडाफोड़ हुआ
उत्तर-पश्चिम इंग्लैंड की एक अदालत ने भारतीय मूल के एक ड्रग डीलर को हथियारों और मादक पदार्थों से जुड़े कई अपराधों की साजिश रचने के आरोप में 20 साल जेल की सजा सुनाई. अधिकारियों ने बताया कि 47 वर्षीय नागेंदर गिल ने कार्ल इयान जोन्स (59) और हार्ली वाइज (29) के साथ मिलकर इस साजिश में एन्क्रिप्टेड कम्युनिकेशन प्लेटफॉर्म ‘एनक्रोचैट' पर ‘इंडियनओशियन' नाम का इस्तेमाल किया.
सैन्य हथियारों की डील पर कर रहे थे बात
बृहस्पतिवार को ‘बोल्टन क्राउन' अदालत में हुई सुनवाई में जोन्स को 30 साल और वाइज को 25 साल की सजा सुनाई गई. ब्रिटेन की राष्ट्रीय अपराध एजेंसी (एनसीए) ने पता लगाया कि जोन्स, वाइज और गिल“एनक्रोचैट' का इस्तेमाल कर सैन्य हथियारों के व्यापार के लिए बातचीत कर रहे थे.
बताया गया खतरनाक
एजेंसी के शाखा प्रमुख जॉन ह्यूजस ने बताया, “ये लोग बेहद खतरनाक अपराधी हैं और इनके जेल जाने से माहौल पहले से ज्याद सुरक्षित हो गया है.” उन्होंने बताया, “हमने हाल के वर्षों में देखा है कि संगठित अपराध समूहों के बीच आपसी लड़ाई में निर्दोष लोग भी फंस जाते हैं. मादक पदार्थों और हथियारों से जुड़े अपराध अक्सर आपस में जुड़े होते हैं. एजेंसी इन खतरों से जनता की सुरक्षा के लिए देश-विदेश में अपने सहयोगियों के साथ मिलकर काम करना जारी रखेगी.”
एजेंसी के नेतृत्व में चलाए गए ‘ऑपरेशन वेनेटिक' के कारण 2020 में ‘एनक्रोचैट' को बंद कर दिया गया था, जिसके बाद मिले सबूतों से पता चला कि खतरनाक अपराधी इसका इस्तेमाल कर रहे थे. अदालत में बताया गया कि कैसे जोन्स ने अन्य अपराधियों के साथ 7.62 मिलीमीटर (मिमी) की 50 गोलियों से लैस एक एआर15 असॉल्ट राइफल के लिए सौदा करने की कोशिश की.
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