अमेरिका के एक हॉस्पिटल के स्टाफ बाथरूम में छिपाकर कैमरा लगाने के आरोप में भारतीय मूल के एक डॉक्टर को दोषी ठहराया गया है. कोर्ट ने अद्वैत देशमुख को छह महीने की जेल और तीन साल की प्रोबेशन की सजा सुनाई है. उनकी सजा की शर्तों में कम्युनिटी कंट्रोल भी शामिल है, जिसके तहत उन्हें 15 साल तक सेक्स ऑफेंडर के तौर पर रजिस्टर करना होगा, सेक्सहोलिक्स एनॉनिमस की मीटिंग्स में शामिल होना होगा और सेक्स ऑफेंडर के तौर पर मानसिक स्वास्थ्य का इलाज जारी रखना होगा.
कोर्ट के रिकॉर्ड से पता चलता है कि इस पूर्व डॉक्टर को पिछले महीने लुकास काउंटी कॉमन प्लीज कोर्ट में सजा सुनाई गई थी. अद्वैत ने सबूतों के साथ छेड़छाड़ की कोशिश के एक मामले और वॉयरिज्म के सात मामलों में अपना अपराध स्वीकार किया था. वॉयरिज्म का मतलब है किसी दूसरे इंसान को उसकी जानकारी या अनुमति के बिना प्राइवेट या अंतरंग स्थिति (जैसे कपड़े बदलते समय या नहाते समय) में छिपकर देखना या उसकी फोटो खींचना, वीडियो बनाना. फॉक्स 19 की रिपोर्ट के अनुसार, देशमुख जून 2029 तक एक्टिव एडल्ट प्रोबेशन पर रहेंगे.
क्या है पूरा मामला?
भारतीय मूल के इस व्यक्ति के खिलाफ मामला जून 2025 में शुरू हुआ, जब अमेरिका के ओहियो के प्रोमेडिका टोलेडो हॉस्पिटल में एक यूनिसेक्स रेस्टरूम के अंदर छिपा हुआ एक सेलफोन मिला. WTOL 11 की रिपोर्ट के मुताबिक, जब एक गवाह ने उस डिवाइस को हटाने की कोशिश की, तो देशमुख ने यह कहते हुए उसे अपने पास ले लिया कि वह उसका है.
जब इस क्राइम का पता चला, तो देशमुख यूनिवर्सिटी ऑफ टोलेडो में तीसरे साल के मेडिकल रेजिडेंट थे. वह एंडोयूरोलॉजी और यूरोलॉजिक ऑन्कोलॉजी में स्पेशलाइजेशन कर रहे थे. लेकिन फोन मिलने के बाद, यूनिवर्सिटी ऑफ टोलेडो ने उन्हें एडमिनिस्ट्रेटिव लीव (प्रशासनिक छुट्टी) पर भेज दिया और कहा कि आंतरिक जांच के बाद उनकी रेजिडेंसी अपॉइंटमेंट को रिन्यू नहीं किया गया.
खबरों के मुताबिक, सजा सुनाए जाने से पहले देशमुख ने पीड़ितों से माफी मांगी. उनके वकील ने कोर्ट से जेल की सजा के बजाय प्रोबेशन देने का अनुरोध किया. उन्होंने तर्क दिया कि पूर्व डॉक्टर अपने उस व्यवहार को बेहतर ढंग से समझने के लिए थेरेपी ले रहे हैं, जिसके कारण ये अपराध हुए.
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