अमेरिका में भारतीय मूल के एक डॉक्टर ने अपने मरीजों को नैदानिक जांच के लिए रेफर करने के बदले रिश्वत लेने और तीन साल की अवधि में 10 लाख डॉलर की अपनी आमदनी पर आयकर रिटर्न नहीं भरने का अपराध स्वीकार कर लिया है।
न्याय विभाग ने बताया कि लिविंगस्टोन, न्यूजर्सी के डॉक्टर यश खन्ना (72) ने 2008 में 3,81,000 डॉलर, 2009 में 4,00,000 डॉलर और 2010 में 2,14,000 डॉलर से अधिक की राशि अर्जित करने की बात स्वीकार की। उन वर्षों में उन्होंने जानबूझकर आयकर रिटर्न नहीं भरा या इसके लिए समय बढ़ाए जाने की मांग नहीं की।
उन्हें कई वर्ष कैद और अधिकतम 2,50,000 अमेरिकी डॉलर के जुर्माने की सजा हो सकती है। अदालत के दस्तावेजों के अनुसार, 2009 से 2011 तक खन्ना ने फैमिली मेडिसिन एंड पीडियाट्रिक्स एलएलसी नाम से खुद मेडिकल प्रैक्टिस की।
उन्होंने नैदानिक जांच केंद्र ऑरेंज कम्युनिटी एमआरआई एलएलसी (ऑरेंज एमआरआई) के प्रतिनिधियों से इस बात पर सहमति जताई कि उनके द्वारा मरीजों को जांच के लिए रेफर किए जाने के बदले उन्हें नकद भुगतान किया जाएगा। दस्तावेजों के अनुसार, उन्हें ऑरेंज एमआरआई से लिफाफों में बंद नकदी रिश्वत के रूप में मिली। संघीय अभियोजकों के अनुसार खन्ना ने ऑरेंज एमआरआई से रिश्वत लेने की बात स्वीकार कर ली।
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