- अमेरिका और ईरान के बीच तनाव के कारण होर्मुज स्ट्रेट लगभग बंद हो चुका है और कई जहाज फंसे हुए हैं
- ईरान ने होर्मुज स्ट्रेट को शुक्रवार को खोला था लेकिन अमेरिकी नाकाबंदी के कारण उसे फिर से बंद कर दिया गया
- शनिवार को दो भारतीय जहाजों पर IRGC ने गोलीबारी की, जिससे रास्ता बदलना पड़ा
अमेरिका और ईरान के बीच जारी तनाव के कारण होर्मुज स्ट्रेट लगभग बंद पड़ा है. जहाज फंसे हुए हैं. शुक्रवार को ईरान ने होर्मुज खोला था लेकिन अमेरिकी नाकाबंदी के कारण फिर बंद कर दिया. इस बीच होर्मुज स्ट्रेट से अपने जहाजों को सुरक्षित निकालने के लिए भारत लगातार ईरान से बातचीत कर रहा है. विदेश मंत्रालय ने सोमवार को बताया कि भारत अपने जहाजों की सुरक्षा और होर्मुज से उनकी सुरक्षित निकासी के लिए ईरानी अधिकारियों के संपर्क में है.
विदेश मंत्रालय की ये टिप्पणी तब आई है, जब हाल ही में दो भारतीय जहाजों पर ईरान की ओर से गोलीबारी की गई थी. शनिवार को होर्मुज के रास्ते भारत आ रहे दो जहाजों पर ईरान की इस्लामिक रिवॉल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने गोलीबारी की थी, जिसके बाद उन्हें अपना रास्ता बदलना पड़ा था.
इस घटना के बाद भारत ने ईरानी राजदूत मोहम्मद फथाली को तलब किया था और नाराजगी जताई थी. विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने बताया कि 'गोलीबारी की घटना के बाद हमने ईरानी राजदूत को बुलाया. उन्होंने विदेश सचिव से मुलाकात की थी. विदेश सचिव ने घटना पर गहरी चिंता जताई थी.'
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गोलीबारी की घटना पर क्या बोला विदेश मंत्रालय?
भारतीय जहाजों पर गोलीबारी की घटना को लेकर सोमवार को प्रेस ब्रीफिंग के दौरान जब विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल से सवाल किया गया तो उन्होंने बताया कि दो भारतीय जहाज 'समनार हेराल्ड' और 'बल्क कैरियर जग अर्नव' पर होर्मुज से गुजरते समय गोलीबारी हुई थी, जिसके बाद वे फारसी की खाड़ी में लौट आए. उन्होंने बताया कि क्रू के किसी भी मेंबर के घायल होने की कोई खबर नहीं है.
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भारतीय जहाजों की निकासी के लिए क्या कर रहा भारत?
28 फरवरी को जब जंग शुरू हुई थी, तब होर्मुज के पास 28 भारतीय जहाज फंसे हुए थे. इनमें से 10 जहाज अब तक होर्मुज को पार कर भारत आ चुके हैं. बाकी जहाजों को भी निकालने की कोशिश की जा रही है.
रणधीर जायसवाल ने कहा कि भारतीय नाविकों की सुरक्षा भारत सरकार की प्राथमिकता है. उन्होंने बताया, 'हमारे कई जहाज फारस की खाड़ी में हैं और हम ईरान और दूसरे देशों के संपर्क में हैं, ताकि हम अपने जहाजों को होर्मुज से सुरक्षित रूप से निकाल सकें.'
उन्होंने बताया कि 'हमारे 10 जहाज अब तक होर्मुज स्ट्रेट को सुरक्षित रूप से पार कर चुके हैं. एक जहाज जल्द ही पहुंचने वाला है.'
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