ईरान में जुलाई 2025 से हिरासत में रखे गए 10 भारतीय नाविकों को आखिरकार रिहा कर दिया गया है. भारत के शिपिंग अधिकारियों ने मंगलवार देर रात बताया कि लगातार कूटनीतिक बातचीत के बाद इन नाविकों की रिहाई संभव हो सकी. डायरेक्टरेट जनरल ऑफ शिपिंग ने बयान में कहा कि एमवी हार्बर फीनिक्स नाम के तेल टैंकर पर मौजूद इन नाविकों को जुलाई 2025 में जास्क पोर्ट के पास जहाज रोके जाने के बाद ईरान में हिरासत में लिया गया था, गिरफ्तार किया गया था और जेल में रखा गया था.
अब शिपिंग प्राधिकरण ने कहा, “अब सभी नाविकों को रिहा कर दिया गया है और वे सुरक्षित हैं.” साथ ही कहा गया कि उन्हें जल्द से जल्द भारत वापस लाने की तैयारी की जा रही है.
Successful Release of 10 Indian Seafarers in MV Harbour Phoenix Case
— Directorate General of Shipping, Govt. of India (@dgshipping_IN) May 26, 2026
The Directorate General of Shipping, Government of India, is pleased to announce the successful release of all 10 Indian seafarers associated with MV Harbour Phoenix, who were detained, arrested and imprisoned… pic.twitter.com/EzrEe81KXh
बता दें कि भारत और ईरान के बीच लंबे समय से राजनयिक और ऊर्जा संबंध रहे हैं. हालांकि ईरानी बल अक्सर खाड़ी क्षेत्र में उन जहाजों को पकड़ने की घोषणा करते रहते हैं, जिन पर अवैध रूप से ईंधन ले जाने का आरोप होता है. भारत ने नाविकों की रिहाई के लिए बातचीत के दौरान शांत कूटनीति अपनाई और सार्वजनिक रूप से बहुत कम बयान दिए.
यह जहाज ट्रैकिंग वेबसाइट्स के मुताबिक यह पलाऊ झंडे वाला तेल उत्पाद ले जाने वाला टैंकर था. दरअसल भारत दुनिया की सबसे बड़ी मर्चेंट नेवी वर्कफोर्स में से एक है और हजारों भारतीय नाविक खाड़ी क्षेत्र के समुद्री रास्तों पर काम करते हैं.
होर्मुज हो रखा बंद
अभी ईरान ने स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से गुजरने वाले जहाजों पर पाबंदियां बढ़ा दी हैं. यह वही समुद्री रास्ता है, जिससे दुनिया का करीब पांचवां हिस्सा तेल और एलएनजी यानी लिक्विफाइड नेचुरल गैस की सप्लाई होती है. ईरान ने यह सख्ती तब बढ़ाई, जब 28 फरवरी को अमेरिका और इजरायल ने हमले शुरू किए थे. दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा तेल खरीदार भारत आमतौर पर अपने कच्चे तेल का करीब आधा हिस्सा स्ट्रेट ऑफ होर्मुज के जरिए हासिल करता है.
भारत का भी स्टैंड यही है कि मिडिल ईस्ट में शांति आए और होर्मुज से बिना रुकावट व्यापार हो.
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