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भारतीय सेना की मेजर स्वाति को मिला UN का बड़ा सम्मान, इस मुहिम से ला रही है बदलाव

संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंटोनियो गुटेरेस ने इस अवॉर्ड की घोषणा करते हुए मेजर स्वाति सांता कुमार की पहल “Equal Partners, Lasting Peace” की विशेष तौर पर प्रशंसा की.

भारतीय सेना की मेजर स्वाति को मिला UN का बड़ा सम्मान, इस मुहिम से ला रही है बदलाव
  • मेजर स्वाति को संयुक्त राष्ट्र महासचिव ने शांति स्थापना में लैंगिक समानता बढ़ाने के लिए सम्मानित किया
  • उनका प्रोजेक्ट "Equal Partners, Lasting Peace" लैंगिक समावेशी दृष्टिकोण को मजबूती देने के लिए UNMISS में लागू
  • यह परियोजना विश्वभर के UN मिशनों में सबसे अधिक वोट हासिल कर जेंडर कैटेगरी में विजेता बनी है
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भारतीय सेना की अधिकारी मेजर स्वाति सांता कुमार ने देश का नाम रोशन किया है. बेंगलुरु की रहने वाली मेजर स्वाति, जो इस समय दक्षिण सूडान में संयुक्त राष्ट्र मिशन (UNMISS) के साथ तैनात हैं. उन्हें संयुक्त राष्ट्र महासचिव का अवॉर्ड 2025 प्रदान किया गया है. मेजर स्वाति को यह सम्मान शांति स्थापना में लैंगिक समानता को बढ़ावा देने के लिए उनके उत्कृष्ट योगदान के लिए मिला है.

महासचिव ने की सराहना

संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंटोनियो गुटेरेस ने इस अवॉर्ड की घोषणा करते हुए मेजर स्वाति सांता कुमार की पहल “Equal Partners, Lasting Peace” की विशेष तौर पर प्रशंसा की. उनका यह प्रोजेक्ट UNMISS में लैंगिक समावेशी दृष्टिकोण को मजबूत करने के लिए शुरू किया गया था. यह अवॉर्ड उन मुहिमों को दिया जाता है जो लैंगिक समानता और महिला-समर्थक शांति स्थापना को बढ़ावा देती हैं.

कड़ी प्रतिस्पर्धा में जीत

मेजर स्वाति सांता कुमार का प्रोजेक्ट दुनिया भर के सभी UN मिशनों और एजेंसियों से आए नॉमिनेशन में से चुना गया. इसे Gender Category में विजेता घोषित किया गया. चार फाइनलिस्टों में यह प्रोजेक्ट सबसे अधिक वोट हासिल कर सका. वोटिंग प्रक्रिया में दुनिया भर के UN कर्मियों ने हिस्सा लिया. मेजर ने भारतीय एंगेजमेंट टीम को प्रभावी ढंग से तैनात और एकीकृत कर लैंगिक समानता को बढ़ावा दिया. उनकी अगुवाई में टीम ने कई अहम ऑपरेशंस किए, जिनमें शामिल हैं.

  • लघु और लंबी दूरी की पेट्रोलिंग
  • संयुक्त नदी पेट्रोलिंग
  • दूरस्थ इलाकों में एयर पेट्रोलिंग

यूएन ने क्या कुछ कहा

इन प्रयासों से दक्षिण सूडान के संघर्ष प्रभावित क्षेत्रों में सुरक्षा और सहयोग का माहौल बना. इससे 5,000 से अधिक महिलाओं को सामुदायिक गतिविधियों में सार्थक भागीदारी का अवसर मिला. स्थानीय स्तर पर विश्वास और भरोसा बढ़ा, जिससे शांति स्थापना को मजबूती मिली. UN ने कहा कि मेजर और उनकी टीम की प्रतिबद्धता ने भविष्य के शांति मिशनों के लिए एक मजबूत उदाहरण पेश किया है. जो यह दिखाता है कि लैंगिक समावेशी नेतृत्व कैसे नाजुक क्षेत्रों में स्थायी शांति और स्थिरता ला सकता है.

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