- केंद्रीय मंत्री अश्वनी वैष्णव ने दावोस में कहा कि भारत की अर्थव्यवस्था अगले 5 सालों में 6-8 % बढ़ेगी
- उन्होंने कहा कि दूरसंचार टावर की अनुमति प्रक्रिया अब सात दिनों में पूरी हो जाती है जिसमें पहले 270 दिन लगते थे
- अश्वनी वैष्णव ने कहा कि भारत AI के क्षेत्र में शीर्ष देशों में शामिल है और तकनीक का लोकतंत्रीकरण कर रहा है
स्विट्जरलैंड के दावोस में केंद्रीय मंत्री अश्वनी वैष्णव ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के क्षेत्र में भारत की पहुंच और मुद्रास्फीति समेत कई अन्य मुद्दों पर बात की. उन्होंने कहा कि मुद्रास्फीति में नरमी और मजबूत आर्थिक वृद्धि के बल पर भारतीय अर्थव्यवस्था अगले पांच वर्षों में वास्तविक रूप से छह-आठ प्रतिशत और मौजूदा कीमतों पर 10-13 प्रतिशत की दर से बढ़ती रहेगी. उन्होंने यहां विश्व आर्थिक मंच (डब्ल्यूईएफ) की वार्षिक बैठक के इतर आयोजित ‘बेट ऑन इंडिया- बैंक ऑन द फ्यूचर' सत्र को संबोधित करते हुए अनुमति प्रक्रियाओं के सरलीकरण के महत्व पर जोर दिया.
दूरसंचार टावर पर क्या बोले अश्वनी वैष्णव?
अश्विनी वैष्णव ने कहा कि दूरसंचार टावर स्थापित करने में लगने वाला औसत समय 270 दिनों से घटकर सात दिन रह गया है और 89 प्रतिशत अनुमतियां अब तुरंत मिल रही हैं. नीति के उद्देश्य और जमीनी क्रियान्वयन के बीच की खाई को पाटने की जरूरत पर बल देते हुए कहा कि राजनीतिक नेतृत्व के रूप में यह सुनिश्चित करना जरूरी है कि नौकरशाही राजनीतिक निर्णयों के अनुरूप काम करे.
उन्होंने उद्योग जगत के बीच चुनौतियों के प्रभावी संवाद की जरूरत का भी उल्लेख किया और अमेरिका और यूरोप में डेटा स्थानीयकरण मानकों के मानकीकरण का उदाहरण दिया.
भारत टॉप AI देशो में शामिल
इसके साथ ही अश्वनी वैष्णव ने कहा कि भारत टॉप आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस देशों में शामिल है. उन्होंने ये भी कहा कि भारतीय एआई मॉडल दनियाभर की समस्याओं के समाधान के लिए ज्यादा बढ़िया हैं. हम पांचवीं औद्योगिक क्रांति के युग में कम लागत पर ज्यादा फायदा दे रहे हैं. उन्होंने कहा कि भारत में एआई प्रौद्योगिकी का लोकतंत्रीकरण कर रहा है. इससे कुशल सेवाएं मुहैया कराने में मदद मिल रही है.
केंद्रीय मंत्री ने कहा कि 'एआई पावर प्ले' पैनल में भारत ने खुद को वैश्विक एआई शक्ति के रूप में स्थापित किया है और आईएमएफ रैंकिंग को चुनौती दी है. एआई गवर्नेंस के लिए हमारा तकनीकी-कानूनी दृष्टिकोण पूर्वाग्रह, डीपफेक और ट्रस्ट का समाधान करेगा.
#Watch | Union Minister @AshwiniVaishnaw says nearly 95% of AI work can be done using the 20–50 billion parameter models, which India is already deploying across sectors to boost productivity and efficiency. He added that Stanford ranks India third globally in AI penetration,… pic.twitter.com/i2dc27PaEc
— DD News (@DDNewslive) January 21, 2026
भारत कैसे कर रहा AI का इस्तेमाल?
उन्होंने कहा कि करीब 95% एआई कार्य 20-50 अरब पैरामीटर मॉडल के इस्तेमाल से किया जा सकता है, जिन्हें भारत उत्पादकता और दक्षता बढ़ाने के लिए विभिन्न क्षेत्रों में पहले से ही लागू कर रहा है. उन्होंने कहा कि स्टैनफोर्ड ने एआई पैठ, तैयारी और एआई प्रतिभा के मामले में भारत को वैश्विक स्तर पर तीसरा स्थान दिया है.
Union Minister @AshwiniVaishnaw says India is democratizing AI by offering government-subsidised GPU access at one-third of the global cost, free AI models for common needs, training 10 million people in AI skills, and steering the IT industry toward scalable AI services for… pic.twitter.com/drOXcMfK97
— DD News (@DDNewslive) January 21, 2026
IMF की रिपोर्ट पर अश्वनी वैष्णव का जवाब
बता दें कि IMF की रिपोर्ट में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस को लेकर भारत को दूसरे स्तर पर रखा गया था, जिस पर IT मत्री अश्विनी वैष्णव ने असहमति जताई. वैष्णव ने कहा कि भारत टॉप एआई देशों में शामिल है और इसके पूरे इकोसिस्टम पर काम कर रहा है.
बता दें कि दावोस के वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम में एक चर्चा के दौरान, IMF की क्रिस्टालिना जॉर्जीवा ने देशों का एक नया इंडेक्स जारी किया, जो AI की तैयारियों पर था. उन्होंने इस इंडेक्स में देशों को तीन कैटेगरी में बांटा. पहले वो देश जो बदलाव ला रहे हैं, दूसरे वो जो सिर्फ देख रहे हैं, और तीसरे वे जो इस बदलाव से अनजान हैं.
AI के क्षेत्र में भारत कहां है? वैष्णव ने बताया
उनकी लिस्ट में सिंगापुर, अमेरिका और डेनमार्क टॉप पर थे. जबकि भारत को उन्होंने सऊदी जैसे उभरते मार्केट वाली दूसरी कैटेगरी में रखा. हालांकि उन्होंने उन्होंने भारत को आईटी क्षेत्र में बढ़ते निवेश को लेकर सराहा भी. लेकिन AI के टॉप देशों में उसे जगह नहीं दी. भारत के IT मंत्री अश्विनी वैष्णव ने इस बात को साफ तौर पर खारिज कर दिया कि देश टेक और AI इनोवेशन में पीछे है. उन्होंने कहा कि भारत का AI फोकस अलग है. आने वाले समय में यही मॉडल सबसे ज्यादा काम आने वाला है.
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