- भारत ने स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में भारतीय जहाजों पर हुए हमले की कड़ी निंदा करते हुए ईरानी राजदूत को तलब किया था
- शनिवार को होर्मुज जलडमरूमध्य में दो भारतीय जहाजों पर गोलीबारी हुई, जिससे जहाजों को यू-टर्न लेना पड़ा था
- गोलीबारी में किसी के घायल होने या जहाज को नुकसान पहुंचने की सूचना नहीं मिली है
भारत ने स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में भारतीय जहाजों पर हुए हमले का ईरानी राजदूत के समक्ष कड़े शब्दों में विरोध किया है. विदेश मंत्रालय ने इस घटना का तुरंत संज्ञान लेते हुए ईरानी राजदूत को शनिवार को तलब किया था. आपको बता दें कि इससे पहले शनिवार को स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में दो भारतीय जहाजों पर गोलीबारी की खबर आई थी. ये गोलीबारी उस वक्त हुई जब ये जहाज होर्मुज से भारत की तरफ बढ़ रहे थे. सरकार से जुड़े सूत्रों के अनुसार इस गोलीबारी के बाद दोनों भारतीय जहाज को होर्मुज में यू-टर्न लेना पड़ा था. इस घटना में किसी के घायल होने या किसी जहाज को नुकसान पहुंचने की खबर नहीं है.
भारतीय जहाजों पर हुए हमले से पहले शनिवार को होर्मुज में दो ईरानी गनबोट ने एक दूसरे टैंकर पर भी गोलीबारी की थी. यह घटना अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा नौसैनिक नाकाबंदी को "पूरी ताकत से" जारी रखने की घोषणा के ठीक एक दिन बाद हुई.ब्रिटेन के समुद्री व्यापार संचालन केंद्र ने एक बयान में कहा कि टैंकर के कप्तान ने बताया कि ईरान के रिवोल्यूशनरी गार्ड्स कोर की दो गनबोट उसके पास आईं और बिना किसी रेडियो चेतावनी के, गनबोटों ने "टैंकर पर गोलीबारी की".
गनबोटों ने ओमान से 37 किलोमीटर उत्तर-पूर्व में टैंकर के पास आने का प्रयास किया. हालांकि, टैंकर और चालक दल सुरक्षित हैं और अधिकारियों द्वारा घटना की जांच की जा रही है.ईरान के संयुक्त सैन्य कमान ने शनिवार को कहा कि "होर्मुज पर नियंत्रण पहले जैसा हो गया है... सशस्त्र बलों के सख्त प्रबंधन और नियंत्रण में". उसने चेतावनी दी कि जब तक ईरानी बंदरगाहों पर अमेरिकी नाकाबंदी प्रभावी रहेगी, तब तक वह जलडमरूमध्य से आवागमन को अवरुद्ध करना जारी रखेगा.
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