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'मैंने ही अपनी पत्नी को मारा, लेकिन यह मर्डर नहीं...', ऑस्ट्रेलिया की कोर्ट में शख्स की ये कैसी दलील?

भारतीय मूल के विक्रांत ठाकुर ने ऑस्ट्रेलिया की अदालत में अपनी पत्नी सुप्रिया की मौत की जिम्मेदारी मानते हुए कहा कि यह मर्डर नहीं, बल्कि मैनस्लॉटर है. सुप्रिया को दिसंबर में घर में बेहोश पाया गया था और बचाया नहीं जा सका. विक्रांत हिरासत में हैं.

'मैंने ही अपनी पत्नी को मारा, लेकिन यह मर्डर नहीं...', ऑस्ट्रेलिया की कोर्ट में शख्स की ये कैसी दलील?
  • ऑस्ट्रेलिया के एडिलेड में विक्रांत ठाकुर ने अपनी पत्नी सुप्रिया की जान लेने की बात अदालत में स्वीकार की है.
  • विक्रांत ने मर्डर के आरोप से इनकार करते हुए मैनस्लॉटर के लिए दोष स्वीकार किया है.
  • सुप्रिया ठाकुर की मौत के बाद पुलिस ने विक्रांत को गिरफ्तार कर लिया और मामले की अगली सुनवाई अप्रैल में होगी.
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ऑस्ट्रेलिया के एडिलेड में भारतीय मूल के 42 वर्षीय विक्रांत ठाकुर अपनी पत्नी सुप्रिया ठाकुर की मौत के मामले में फिर से अदालत में पेश हुए, जहां उन्होंने स्वीकार किया कि उन्होंने अपनी पत्नी की जान ली. लेकिन इस बात से इनकार किया कि यह हत्या (Murder) थी. अदालत में उन्होंने कहा, 'I plead for manslaughter, but not guilty for murder.' उनके वकील की सलाह पर उन्होंने यह दलील दी.

कैसे सामने आया मामला

21 दिसंबर को एडिलेड के उत्तरी उपनगर में पुलिस को एक घर से कॉल मिली. वहां पहुंचकर पुलिस ने सुप्रिया ठाकुर (36) को बेहोश पाया. तुरंत CPR दी गई, लेकिन उन्हें बचाया नहीं जा सका.    यह मामला घरेलू विवाद का बताया गया था. इसके बाद पुलिस ने वहीं से विक्रांत ठाकुर को गिरफ्तार कर लिया.

22 दिसंबर को हुई पहली सुनवाई में विक्रांत ने जमानत के लिए कोई आवेदन नहीं किया. अभियोजन पक्ष ने जांच पूरी करने के लिए 16 हफ्तों का समय मांगा था। अब मामले की अगली सुनवाई अप्रैल में होगी.

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मर्डर बनाम मैनस्लॉटर की दलील

कानून में अंतर स्पष्ट है

मर्डर: जान लेने का स्पष्ट इरादा.

मैनस्लॉटर: मौत होना, लेकिन बिना इरादे के.

विक्रांत का कहना है कि यह घटना इरादतन नहीं थी, इसलिए उन पर मर्डर का आरोप नहीं लगना चाहिए.

बेटे के लिए फंडरेजर शुरू

सुप्रिया के दोस्तों और स्थानीय समुदाय ने उनके बेटे की मदद के लिए एक फंडरेज़र शुरू किया है. उनके मित्रों का कहना है कि सुप्रिया बेहद मेहनती और दूसरों की मदद करने वाली थीं. वे अपने बेटे के बेहतर भविष्य के लिए लंबे समय तक काम करती थीं और नर्स बनने का सपना रखती थीं.

फंडरेजर पेज के अनुसार, उनकी अचानक मौत ने बेटे की ज़िंदगी को 'रातों‑रात उलट दिया है.' बता दें कि विक्रांत ठाकुर फिलहाल हिरासत में हैं और अप्रैल में अदालत में पेश होंगे, जहां आगे की कानूनी प्रक्रिया तय होगी.

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