- पाकिस्तान की शहबाज सरकार बढ़ती पेट्रोल कीमतों और फ्यूल खपत को कम करने के लिए स्मार्ट लॉकडाउन पर विचार कर रही
- प्रस्तावित योजना में सरकारी और प्राइवेट ऑफिस सप्ताह में 4 दिन काम करने तथा वाहनों की संख्या आधी करने पर चर्चा
- बाजारों को सप्ताह में तीन दिन बंद रखने और खुलने के समय को घटाने जैसे विकल्प भी प्रस्तावित हैं
ईरान और अमेरिका के बीच चल रहे युद्ध में दुनिया भर में चौधरी बनने की कोशिश तो पाकिस्तान कर रहा था लेकिन अपने ही देश की जनता को लॉकडाउन में धकेलने की तैयारी कर चुका है. वेस्ट एशिया में लगातार सैन्य टकराव बढ़ता जा रहा है. सऊदी अरब के तेल इंफ्रास्ट्रक्चर पर हूतियों के हमले से एक बार फिर खाड़ी देशों में कच्चे तेल की कीमतों में आग लगी हुई है. इसका बड़ा प्रभाव पाकिस्तान में दिखाई दे रहा है. ऐसे में शहबाज सरकार पाकिस्तान की जनता पर पेट्रोल की खपत कम करने का दवाब बना रही है.
पाकिस्तान की सरकार अपने बढ़ते वित्तीय बोझ को कम करने और फ्यूल की खपत को बचाने के लिए स्मार्ट लॉकडाउन लगाने पर विचार कर रही है. बीते दिन पाकिस्तान के प्रधानमंत्री ने एक कैबिनेट बुलाई जिसमें पेट्रोल की बढ़ती कीमतों के दवाब को कम करने के लिए कई प्रस्तावों पर चर्चा की गई जिसमें ट्रांसपोर्ट और फ्यूल के उपयोग को कम करने के विकल्प पर विचार किए.
4 दिन काम करने का प्रस्ताव
पाकिस्तान के अखबार डॉन के अनुसार शहबाज सरकार सरकारी और प्राइवेट ऑफिस में हफ्ते में 4 दिन काम करने के प्रस्ताव पर चर्चा की है, जिसके तहत शुक्रवार शनिवार और रविवार को दफ्तर बंद रहें. जिससे लोगों का घर निकलना कम हो सके और लोग गाड़ियों का इस्तेमाल कम से कम करें और पेट्रोल के उपयोग में कमी आए. सरकारी कर्मचारियों के लिए रोटेशन सिस्टम लागू करने की बात हो रही है एक तरह से ऑड-इवन जैसी व्यवस्था जिसमें कर्मचारी अलग अलग दिनों में काम करें, जिससे आने- जाने वालों की संख्या कम हो सके.
इसके अलावा सरकारी और प्राइवेट ट्रांसपोर्ट की वाहनों की संख्या भी 50% कम हो सकती है. सूत्रों के अनुसार बाजार हफ्ते में 3 दिन बंद रखने का प्रस्ताव भी विचारधीन है साथ में बाजार के खुलने और बंद होने के समय को घटाने के समय पर भी चर्चा हो रही है. प्रस्ताव अभी विचाराधीन हैं और इन्हें अभी तक अंतिम नीति के तौर पर पेश नहीं किया गया है. खबरों के अनुसार सरकार प्रस्तावित स्मार्ट लॉकडाउन उपायों पर अंतिम फैसला जल्दी लेगी.
शहबाज के मंत्रियों ने फैलाया कन्फ्यूजन
इन दावों पर मंत्रियों से पाकिस्तानी मीडिया ने पूछा तो मंत्रियों ने अलग-अलग बयान देकर जनता को भ्रम फैला दिया. पार्लियामेंट्री अफेयर्स मिनिस्टर डॉक्टर तारीफ फजल चौधरी ने स्मार्ट लॉकडाउन से जुड़ी मीडिया रिपोर्ट्स को खारिज कर दिया. मंत्री ने कहा कि मुझे इसके बारे में कोई जानकारी नहीं है. यह बैठक पेट्रोलियम की बढ़ती कीमतों और उसकी खपत पर थी. जबकि सूचना मंत्री अताउल्लाह तरार ने कहा कि खपत को कम करने के लिए कुछ पुराने कानून को फिर से लागू करने पर विचार किया जा रहा है. वजह है कि एक बार फिर खाड़ी देशों में तनाव बढ़ा है और आपूर्ति बाधित हो रही है. तरार ने कहा कि पीएम ने खपत को कम करने के लिए विचार विमर्श करने को कहा है जिनमें से कुछ, जैसा कि पीएम ने बताया बताया, "अभी भी लागू हैं, जैसे कि बाजार के खुलने-बंद होने का समय". तरार ने कहा कि यह पता लगाया जा रहा है कि मौजूदा स्थिति में किन उपायों को फिर से लागू करने की आवश्यकता है. उन्होंने कहा कि जल्द ही कोई निर्णय लिया जाएगा.
पाकिस्तान में पेट्रोल की कीमतों के कारण इस समय हालात लगातार खराब होते जा रहे हैं. हर बीतते दिन के साथ नये नये रेट लोगों की कमर तोड़ रही है. मंगलवार को एक बार फिर फ्यूल बम जनता पर फोड़ा गया पेट्रोल के दाम 4.42 पाकिस्तानी रू. प्रति लीटर के हिसाब से बढ़ा दिया गया जिसके बाद 1 लीटर तेल की कीमत 380 रुपये प्रति लीटर हो गया. वहीं डीजल के दामों की बात करें तो 6.10 रू प्रति लीटर बढ़ाया जिसके बाद दाम 410 रू प्रति लीटर पहुंच गया. अब इन दामों से पाकिस्तान की जनता त्राहिमाम कर रही है और सरकार के पास एक रास्ता दिख रहा पेट्रोल पर स्मार्ट लॉकलाउन लगा दो.
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