- प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सात साल बाद चीन के शंघाई सहयोग संगठन के शिखर सम्मेलन में शामिल होने चीन आए हैं.
- मोदी और शी जिनपिंग ने द्विपक्षीय वार्ता में आपसी विश्वास और सम्मान के आधार पर संबंध सुधारने पर सहमति जताई.
- सीमा प्रबंधन के लिए दोनों देशों के विशेष प्रतिनिधियों के बीच एक समझौता हुआ है, जिससे शांति की उम्मीद बढ़ी है.
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इस समय चीन में हैं और वह यहां पर रविवार से शुरू हुए शंघाई सहयोग संगठन (SCO) के शिखर सम्मेलन के लिए आए हैं. सात साल के बाद पीएम मोदी पहली बार चीन गए हैं और उनके इस दौरे पर दुनियाभर की नजरें टिकी हुई हैं. उनकी यह यात्रा ऐसे समय में हो रही है जब साल 2020 में गलवान संघर्ष के बाद दोनों देशों के बीच दूरिया काफी बढ़ गई थीं. अमेरिका के साथ बढ़ते तनाव के बीच पीएम मोदी का चीन जाना साथ कूटनीतिक संबंधों में नरमी का एक और संकेत है. वहीं यहां की जनता भी पीएम मोदी को लेकर अपनी राय रखती है.
'चीन आते रहना चाहिए'
सोशल मीडिया पर आए एक वीडियो में पता लगता है कि कैसे चीन में एक कैब ड्राइवर को भी पता है कि अगर भारत और चीन के बीच रिश्ते सुधरे तो दोनों देशों को कैसा और कितना फायदा होगा. इस वीडियो में यूजर ने कैब ड्राइवर से जब पूछा कि वह पीएम मोदी की चीन यात्रा को कैसे देखते हैं तो उनका जवाब कुछ इस तरह से था, 'मेरे ख्याल से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को चीन आते रहना चाहिए और बहुत अच्छी बात है कि वो यहां पर आ रहे हैं.'
मोदी का दौरा क्यों जरूरी?
जब उनसे दोबारा पूछा गया कि उन्हें क्यों लगता है कि यह एक अच्छी बात है तो उनका जवाब था, 'साथ पढ़ने से और काम करने से अर्थव्यवस्था आगे बढ़ती है और तरक्की करती है.' प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आखिरी बार साल 2018 में चीन गए थे. उस समय पीएम मोदी ने जिनपिंग के आमंत्रण पर अनौपचारिक बैठक के लिए दो दिनों के लिए चीन के वुहान की यात्रा की थी. इसके बाद साल 2019 में जिनपिंग इसी तरह की मीटिंग के लिए मोदी के आमंत्रण पर भारत आए थे.
पीएम मोदी बोले विश्वास पर टिका रिश्ता
पीएम मोदी ने रविवार को चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग के साथ द्विपक्षीय वार्ता की. इस दौरान उन्होंने कहा कि भारत और चीन के बीच सहयोग 'सम्पूर्ण मानवता के कल्याण' का रास्ता खोलेगा. साथ ही पीएम मोदी ने जोर देकर कहा कि भारत चीन के साथ आपसी विश्वास, सम्मान और संवेदनशीलता" के आधार पर संबंधों को 'आगे बढ़ाने' के लिए प्रतिबद्ध है. सात साल के अंतराल के बाद शनिवार शाम को बंदरगाह शहर तियानजिन पहुंचे पीएम मोदी पर सभी की निगाहें टिकी थीं. प्रधानमंत्री मोदी ने यह भी कहा कि सीमा प्रबंधन को लेकर विशेष प्रतिनिधियों के बीच एक समझौता हुआ है. उन्होंने संबंधों और शांति के कई मोर्चों पर हुई प्रगति की सराहना की.
जिनपिंग ने कहा-आपसे मिलकर खुशी हुई
पीएम मोदी ने बेहतर संबंधों को विस्तार से बताया कि जहां कैलाश मानसरोवर यात्रा फिर से शुरू हो गई है. दोनों देशों के बीच सीधी उड़ानें भी फिर से शुरू हो रही हैं.' वहीं जिनपिंग ने भी कहा है कि दोनों देश आपसी सहयोग को राजी हो हैं. इस दौरान जहां पीएम मोदी ने पिछले साल कजान में जिनपिंग से हुई मुलाकात को याद किया तो वहीं जिनपिंग ने भी कहा, 'प्रधानमंत्री महोदय, आपसे दोबारा मिलकर मुझे बहुत खुशी हुई. मैं एससीओ शिखर सम्मेलन के लिए चीन में आपका स्वागत करता हूं. पिछले साल, कजान में हमारी एक सफल मीटिंग हुई थी.'
NDTV.in पर ताज़ातरीन ख़बरों को ट्रैक करें, व देश के कोने-कोने से और दुनियाभर से न्यूज़ अपडेट पाएं