विज्ञापन

ईरानी दूतावास को क्यों याद आए शोले के 'बिना हाथ वाले ठाकुर'? UN का ऐसे उड़ाया मजाक

भारत में ईरानी दूतावास ने UN पर तंज करने के लिए मीम शेयर किया. किताबों में UN को कई हाथों वाले डॉक्टर स्ट्रेंज जैसा ताकतवर बताया, जबकि असलियत में शोले के हाथ कटे ठाकुर जैसा बेबस बताया.

ईरानी दूतावास को क्यों याद आए शोले के 'बिना हाथ वाले ठाकुर'? UN का ऐसे उड़ाया मजाक
ईरान ने मीम शेयर करके यूएन पर किया तंज. (Photo: Screengrab)
  • ईरान एंबेसी ने मीम शेयर करते हुए यूएन पर तंज कसा है.
  • एंबेसी ने इसके लिए हिंदी सिनेमा की मशहूर फिल्म शोले के एक सीन का सहारा लिया.
  • पिछले कुछ महीनों में ईरान ने सोशल मीडिया पर कई बार मीम शेयर किया है.
नई दिल्ली:

भारत में ईरानी दूतावास ने यूएन यानी संयुक्त राष्ट्र पर तंज कसने के लिए बॉलीवुड फिल्म से जुड़ा एक सीन का यूज किया है. दूतावास ने दुनिया तक अपनी बात पहुंचाने के लिए इंडियन सिनेमा के सबसे मशहूर किरदारों में से एक का इस्तेमाल किया. सोशल मीडिया पोस्ट में ईरानी दूतावास ने एक मीम शेयर किया. इसमें एक तरफ यूएन की ताकत दर्शाते हुए रीप्रजेंटेटिव इमेज दिखाई गई, तो दूसरी तरफ संगठन की सीमाओं को रीप्रजेंट किया गया है. एक तरफ मार्वल के काल्पनिक सुपरहीरो और न्यूरोसर्जन 'डॉक्टर स्ट्रेंज' को दिखाया गया, जिनके पास जादुई शक्तियां हैं और कई हाथ हैं. इसके साथ लिखा गया- 'स्कूल की किताबों के मुताबिक यूएन'  वहीं, दूसरी तरफ 1975 की क्लासिक फिल्म 'शोले' के ठाकुर बलदेव सिंह को दिखाया गया, जिसके साथ कैप्शन लिखा गया- 'असलियत में यूएन.'

Latest and Breaking News on NDTV

ईरान एंबेसी ने अपनी पोस्ट में किसी खास यूएन प्रस्ताव या किसी तरह की स्थिति का जिक्र नहीं किया है, लेकिन इस इशारों-इशारों में जो कहा गया है कि उसे नजरअंदाज करना मुश्किल है. डॉक्टर स्ट्रेंज के कई हाथ एक ऐसे संगठन की ओर इशारा करते हैं, जो कई मोर्चों पर काम करने की ताकत रखता है, जबकि 'शोले' फिल्म में संजीव कुमार का निभाए गए किरदार 'ठाकुर' जिसने अपने दोनों हाथ खो दिए थे, इसके ठीक उलट स्थिति को दिखाता है. एक ऐसी ताकत, जो काम करने की अपनी क्षमता खो चुकी है.

मीम वाला यह पोस्ट ऐसे वक्त में किया गया है, जब इस बात पर बहस बढ़ रही है कि क्या यूएन बड़े टकरावों को सुलझा सकता है, खासकर तब जब ताकतवर देश उनमें सीधे तौर पर शामिल हों. यह बात खास तौर पर अमेरिका-ईरान टकराव के दौरान साफ ​​दिखी थी, जब यूएन बार-बार तनाव कम करने और बातचीत की अपील करता रहा, लेकिन संघर्ष जारी रहा. 

ईरान एंबेसी ने यह पोस्ट जिस वक्त किया है, वो ज्यादा अहम है. यह मीम न्यूयॉर्क में 81वीं संयुक्त राष्ट्र महासभा के बैकग्राउंड  में सामने आया, जहां वर्ल्ड लीडर्स उच्च स्तरीय कूटनीति के लिए इकट्ठा हुए, लेकिन कोई निर्णायक नतीजा नहीं निकला.

पहले भी ईरान कर चुका है ऐसे पोस्ट

अमेरिका-ईरान युद्ध के बीच, दुनिया भर में ईरानी दूतावास और वाणिज्य दूतावास सियासी मैसेज देने के लिए मीम्स, व्यंग्य, पॉप-कल्चर और एआई-जनरेटेड वीडियो की ओर तेजी से रुख कर रहे हैं. इंस्टीट्यूट फॉर स्ट्रैटेजिक डायलॉग की एक स्टडी में पाया गया कि युद्ध शुरू होने के बाद ईरानी राजनयिक और आधिकारिक अकाउंट्स से पोस्ट में बढ़ोतरी हुई है. पहले 50 दिनों में मॉनीटर किए गए अकाउंट्स पर करीब 896 मिलियन व्यूज आए, जबकि पिछले 50-दिनों में यह आंकड़ा 55 मिलियन था. लाइक्स करीब 660,000 से बढ़कर 22 मिलियन हो गए.

ये भी पढ़ें: ईरान एंबेसी को पैसे भेजने के बाद सऊदी में 2 भाई गिरफ्तार, बुजुर्ग माता-पिता ने सरकार से मांगी मदद

पूरी स्टोरी पढ़ें

NDTV.in पर ताज़ातरीन ख़बरों को ट्रैक करें, व देश के कोने-कोने से और दुनियाभर से न्यूज़ अपडेट पाएं

फॉलो करे:
Iran, Iran Embassy, United Nations, Middle East, Tehran
Listen to the latest songs, only on JioSaavn.com