अमेरिका-इजरायल और ईरान के बीच बुधवार को हुए युद्धविराम समझौते पर अनिश्चितता के बादल मंडरा रहे हैं. इजरायल बुधवार से ही लेबनान पर हमले कर रहा है. इससे वहां सैकड़ों लोगों की मौत हो गई है. इस बीच इन हमलों को लेकर ईरान ने होमुर्ज जलडमरूमध्य को एक बार फिर रोक दिया है. इससे इस समुद्री गलियारे से होकर जहाजों की आवाजाही रुक गई है. इस बीच ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कोर (आईआरजीसी) ने होमुर्ज जलडमरूमध्य में बिछाए गए बारूदी सुरंगों से बचने के लिए वहां का एक नक्शा जारी किया है.
आईआरजीसी ने क्या कहा है
कतर के टीवी चैनल 'अल जजीरा' ने ईरान की स्थानीय मीडिया के हवाले से लिखा है कि यह होमुर्ज जलडमरूमध्य में जहाजों के गुजरने का एक वैकल्पिक रास्ता है. इस नक्शे में गोल में दिखाया गया इलाका होमुर्ज जलडमरूमध्य का खतरे से भरा इलाका है. आईआरजीसी की नैसेना ने कहा है कि इन समुद्री बारूदी सुरंगे से बचने के लिए जहाजों को उसके साथ समन्वय स्थापित करना चाहिए.

इस इलाके में वे टैंकर जो पहले ओमान के पास से गुजरते थे, जो जलडमरूमध्य के दक्षिण में स्थित है, अब उन्हें अधिक उत्तरी मार्ग अपनाने के लिए कहा जा रहा है, जो कि ईरान के तट के ज्यादा करीब है.
होमुर्ज जलडमरूमध्य पर युद्ध की छाया
युद्धविराम समझौते पर मंडरा रहे अनिश्चितता के बादल के बीच अभी यह साफ नहीं हो पाया है कि होमुर्ज जलडमरूमध्य जहाजों के लिए पूरी तरह खुला है या नहीं. बुधवार देर रात खबर आई थी कि लेबनान पर इजरायली हमलों के जवाब में ईरान ने इस जलमार्ग को एक बार फिर बंद कर दिया है. लेबनान पर हमले को ईरान युद्धविराम समझौते का उल्लंघन बता रहा है. उसका कहना है कि समझौते में लेबनान पर हमले रोकना भी शामिल था, जबकि अमेरिका और इजरायल का कहना है कि लेबनान पर हमले रोकना समझौते का हिस्सा नहीं था. इस मामले में मध्यस्थता करने वाले पाकिस्तान ने ईरान के रुख का समर्थन किया है.
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