मध्य अमेरिका के देश होंडुरास में गुरुवार, 21 मई का दिन खून-खराबे से भर गया. कुछ ही घंटों के अंदर दो अलग-अलग हमलों में बंदूकधारियों ने गोलियों से कत्लेआम मजा दिया. खेतों में काम कर रहे मजदूर हों या गैंग के खिलाफ मिशन पर निकले पुलिस अधिकारी- किसी को भी नहीं बख्शा गया. हमलों में कम से कम 25 लोगों की मौत हो गई, जिनमें 19 मजदूर और 6 पुलिसकर्मी शामिल हैं. यह इलाका पहले से ही जमीन विवाद, ड्रग तस्करी और गैंग हिंसा के लिए बदनाम है. अब इस नई हिंसा ने एक बार फिर होंडुरास की कानून व्यवस्था और सुरक्षा पर बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं.
होंडुरास में क्या हुआ है?
होंडुरास के तटीय इलाके में गुरुवार को दो अलग-अलग हमलों में बंदूकधारियों ने गोलीबारी कर दी, जिसमें कम से कम 25 लोगों की मौत हो गई. पहला हमला उत्तरी होंडुरास के ट्रूजिलो नगर पालिका में एक प्लांटेशन यानी खेत में हुआ. न्यूज एजेंसी एपी की रिपोर्ट के अनुसार पब्लिक प्रॉसिक्यूटर ऑफिस के प्रवक्ता ने बताया कि वहां कम से कम 19 मजदूरों को गोली मारकर हत्या कर दी गई.
दूसरा हमला ग्वाटेमाला सीमा के पास कॉर्टेस विभाग की ओमोआ नगर पालिका में हुआ. पुलिस के मुताबिक, हमलावरों ने पुलिसकर्मियों पर गोलीबारी की, जिसमें एक सीनियर अधिकारी समेत 6 पुलिसकर्मी मारे गए. पुलिस ने बताया कि ये अधिकारी गैंग विरोधी मिशन पर तैनात थे और राजधानी तेगुसिगाल्पा से ओमोआ जा रहे थे, तभी उन पर हमला हुआ.
हिंसा से जूझता होंडुरास
होंडुरास लंबे समय से गैंग क्राइम और अंतरराष्ट्रीय ड्रग तस्करी से जुड़ी हिंसा से जूझ रहा है. हालांकि विश्व बैंक के मुताबिक, हाल के वर्षों में वहां हत्या की दर में काफी कमी आई है. 2011 में वहां हर 1 लाख लोगों पर 83 हत्याएं होती थीं. अंतरराष्ट्रीय मानवाधिकार संगठनों ने अपराध से लड़ने के लिए होंडुरास के सैन्य तरीके की आलोचना की है. उनका कहना है कि इससे मानवाधिकार उल्लंघन बढ़े हैं, जिनमें यातना, जबरन गायब करना और बिना कानूनी प्रक्रिया के हत्याएं शामिल हैं.
इसमें तीन साल तक लागू रही आपात व्यवस्था भी शामिल थी, जिसके तहत कुछ संवैधानिक अधिकार निलंबित कर दिए गए थे और सुरक्षा बलों को ज्यादा शक्तियां दी गई थीं. यह पूरी व्यवस्था जनवरी 2026 में खत्म हुई.
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