- हमास ने ईरान के अधिकार को स्वीकार करते हुए पड़ोसी देशों को निशाना बनाने से परहेज करने का आह्वान किया
- हमास ने अंतरराष्ट्रीय मानदंडों के तहत ईरान के आक्रामकता के जवाब देने के अधिकार की पुष्टि की है
- गाजा में इजरायल के साथ युद्ध में हमास ने अंतरराष्ट्रीय समुदाय से युद्ध समाप्ति के लिए कार्रवाई की मांग की
फिलिस्तीन के इस्लामी गुट हमास ने शनिवार को ईरान से पड़ोसी देशों को निशाना बनाने से परहेज करने का आह्वान किया. साथ ही इजरायल और संयुक्त राज्य अमेरिका के खिलाफ आत्मरक्षा के तेहरान के अधिकार को जरूरी बताया. हमास ने एक बयान में कहा, "अंतरराष्ट्रीय मानदंडों और कानूनों के अनुसार सभी उपलब्ध साधनों से इस आक्रामकता का जवाब देने के इस्लामी गणराज्य ईरान के अधिकार की पुष्टि करते हुए, हम ईरान में अपने भाइयों से पड़ोसी देशों को निशाना बनाने से बचने का आह्वान करते हैं."
ईरान के सपोर्ट में है हमास
गाजा में इजरायल के साथ दो साल तक चले विनाशकारी युद्ध में शामिल हमास ने अंतरराष्ट्रीय समुदाय से भी इस युद्ध को तुरंत रोकने की दिशा में काम करने का आह्वान किया. इस समूह ने इससे पहले युद्ध के पहले दिन ईरान के सर्वोच्च नेता अली खामेनेई की हत्या की निंदा करते हुए इसे जघन्य अपराध बताया था और फिलिस्तीनी आंदोलन के लिए उनके लंबे समय से चले आ रहे समर्थन को खुले तौर पर स्वीकार किया था. खामेनेई की हत्या के तुरंत बाद हमास ने कहा, "उन्होंने हमारे लोगों, हमारे उद्देश्य और हमारे प्रतिरोध को हर तरह का राजनीतिक, राजनयिक और सैन्य समर्थन प्रदान किया."
फिर क्यों नहीं है खुश
असल में इस तरह का बयान जारी करना हमास की मजबूरी भी है. कारण ये है कि वो खुद इजरायल के हमलों को झेल रहा है. साथ ही उसका सपोर्ट ईरान से लेकर खाड़ी के सभी देश और सभी मुस्लिम मुल्क करते रहे हैं. अब ईरान का सिर्फ पक्ष लेने से जाहिर है अरब मुल्क भी उससे नाराज होते और उसकी फंडिंग पर असर पड़ता. ऐसे में उसने एक तरफ तो अमेरिका और इजरायल के खिलाफ ईरान के पलटवार को उसका अधिकार बता दिया. साथ ही पड़ोसी देशों को निशाना नहीं बनाने की अपील भी कर दी.
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