पाकिस्तान को दुनिया का चौधरी बनना है. उसे अमेरिका और ईरान के बीच की जंग को खत्म करवाना है, जो वह 7 महीनों में नहीं कर पाया है. लेकिन पाकिस्तान की सच्चाई यह है कि वहां भुखमरी विकराल रूप ले चुकी है. बुधवार को जारी 2026 ग्लोबल हंगर इंडेक्स में पाकिस्तान दक्षिण एशिया में अफगानिस्तान के बाद सबसे अधिक भुखमरी वाला देश बनकर सामने आया. भारत की स्थिति भी कोई अच्छी नहीं है.
बता दें कि 'नो सिक्योरिटी विदाउट फूड सिक्योरिटी' विषय के तहत वेल्थंगरहिल्फे, रूर यूनिवर्सिटी बोचुम के 'इंस्टीट्यूट फॉर इंटरनेशनल लॉ ऑफ पीस एंड आर्म्ड कॉन्फ्लिक्ट' और स्विस संगठन 'हेल्वेटास' ने संयुक्त रूप से यह रिपोर्ट छापी है. रिपोर्ट बताती है कि दक्षिण एशिया में भुखमरी के मोर्च पर प्रगति काफी हद तक रुक गई है. 2018 के बाद से पाकिस्तान और अफगानिस्तान में हालात और खराब हुए हैं. भारत की रैंकिंग पिछले साल के मुकाबले 2 स्थान सुधरी है लेकिन हालत अब भी खराब ही है.
पाकिस्तान का क्या हाल
पाकिस्तान में, आर्थिक अस्थिरता और खाने की चीजों की कीमतों में भारी उछाल के कारण लोगों की खरीदने की क्षमता कम हो गई है. भोजन तक उनकी पहुंच सीमित हो गई है. देश में कुपोषण का स्तर 2018 के 'कम' स्तर से बढ़कर 'मध्यम' स्तर पर पहुंच गया है. जबकि बच्चों में 'वेस्टिंग' (उम्र के हिसाब से वजन बहुत कम होना) की समस्या भी 'उच्च' स्तर की ओर बढ़ गई है. 25.5 के स्कोर के साथ पाकिस्तान की रैंकिंग 122 देशों में 106 रही.
भारत का क्या हाल
2026 के ग्लोबल हंगर इंडेक्स (GHI) में, 122 देशों की सूची में भारत 100वें स्थान पर है. इसका स्कोर 24.1 है, जो इसे 'गंभीर' श्रेणी में रखता है. इस श्रेणी में भारत 2012 से ही बना हुआ है. इस रिपोर्ट में कहा गया है कि भारत की प्रगति इस मोर्चे पर धीमी हो गई है. रिपोर्ट के अनुसार, बच्चों में वेस्टिंग की समस्या बढ़ी है, जबकि स्टंटिंग और कुपोषण के मामलों में कमी आई है.
भारत के GHI स्कोर में सुधार तो हुआ है, लेकिन 2006-2012 की अवधि की तुलना में सुधार की गति धीमी पड़ गई है. रिपोर्ट में कहा गया है कि 2012 से ही 'गंभीर' माने जा रहे भारत के GHI स्कोर में क्षेत्रीय सुस्ती झलकती है. यह 2018 के 25.8 से घटकर 2026 में 24.1 हो गया है. यह 2006 से 2012 के बीच हुए 8.2 अंकों के बड़े सुधार की तुलना में बहुत मामूली है. GHI इंडेक्स में भारत की रैंकिंग में दो स्थानों का सुधार भी हुआ है; पिछले साल 123 देशों में भारत 102वें स्थान पर था.
यहां गौर करने वाली बात है कि भारत सरकार लगातार 'ग्लोबल हंगर इंडेक्स' को खारिज करती है और इसकी आलोचना करती है. सरकार का कहना है कि यह भूख को मापने का एक गलत, पक्षपाती और गलत पैमाना है, जो ज़मीनी हकीकत को नहीं दर्शाता है. सरकार ने संसद के अंदर दिए जवाब में भी यही बात कही है.
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