
काठमांडू:
रविवार को नेपाल में एक बार फिर भूकंप के झटके महसूस किए गए। स्थानीय समय के अनुसार शाम करीब पांच बजकर बीस मिनट पर ये झटके महसूस किए गए। रिक्टर स्केल पर इसकी तीव्रता 4.3 मापी गई है। झटके से सहमे लोग अपने घर, दुकान और दफ्तर से बाहर निकल सड़कों पर आ गए।
इससे पहले रविवार सुबह भी नेपाल के विभिन्न हिस्सों में भूकंप के तीन झटके महसूस किए गए। राष्ट्रीय भूकंप केंद्र के अनुसार, रविवार तड़के 3.29 बजे भूकंप का पहला झटका महसूस किया गया, जिसका केंद्र सिंधुपालचौक जिले में पाया गया। इसकी तीव्रता रिक्टर पैमाने पर 4.5 आंकी गई। इसके बाद दो और झटके महसूस किए गए, जिनकी तीव्रता रिक्टर पैमाने पर चार आंकी गई। इन झटकों का केंद्र धडिंग और गोरखा जिलों में पाया गया।
अधिकारियों ने बताया, तड़के 4.25 बजे भूकंप का दूसरा झटका महसूस किया गया, जिसका केंद्र धडिंग जिले में पाया गया, जबकि तड़के 5.57 बजे तीसरा झटका महसूस किया गया, जिसका केंद्र गोरखा जिले में था। राष्ट्रीय भूकंप केंद्र के लोक विजय अधिकारी ने कहा, 'जब कोई बड़ा भूकंप आता है, तो उसके सप्ताह भर बाद तक झटके महसूस किए जाते हैं। लोगों को घबराना नहीं चाहिए।'
25 अप्रैल को 11.52 बजे पर महाविनाशकारी भूकंप के बाद नेपाल में अब तक सौ के क़रीब ऐसे झटके आए हैं जिनकी तीव्रता चार या चार से अधिक है। कम तीव्रता वाले झटके भी लोगों को डरा रहे हैं। भूकंप से हज़ारों मकानों को नुकसान पहुंचा है, जिसमें बहुत से ऐसे हैं जो भूकंप के हल्के झटके में भी जमींदोज़ हो जाए।
हालांकि लोग ऐसे घरों में जाने से बच रहे हैं, लेकिन जिनके पास कोई उपाय नहीं है वो क्षतिग्रस्त मकानों में ही रह रहे हैं। दूसरी तरफ हज़ारों की तादाद में ऐसे भी लोग हैं जो लगातार आ रहे झटकों की वजह से अपने सही सलामत मकानों में भी नहीं जा रहे, बल्कि टेंट में रह रहे हैं। जब तक इस तरह के झटके आते रहेंगे लोगों का डर बना रहेगा।
एजेंसी इनपुट के साथ
इससे पहले रविवार सुबह भी नेपाल के विभिन्न हिस्सों में भूकंप के तीन झटके महसूस किए गए। राष्ट्रीय भूकंप केंद्र के अनुसार, रविवार तड़के 3.29 बजे भूकंप का पहला झटका महसूस किया गया, जिसका केंद्र सिंधुपालचौक जिले में पाया गया। इसकी तीव्रता रिक्टर पैमाने पर 4.5 आंकी गई। इसके बाद दो और झटके महसूस किए गए, जिनकी तीव्रता रिक्टर पैमाने पर चार आंकी गई। इन झटकों का केंद्र धडिंग और गोरखा जिलों में पाया गया।
अधिकारियों ने बताया, तड़के 4.25 बजे भूकंप का दूसरा झटका महसूस किया गया, जिसका केंद्र धडिंग जिले में पाया गया, जबकि तड़के 5.57 बजे तीसरा झटका महसूस किया गया, जिसका केंद्र गोरखा जिले में था। राष्ट्रीय भूकंप केंद्र के लोक विजय अधिकारी ने कहा, 'जब कोई बड़ा भूकंप आता है, तो उसके सप्ताह भर बाद तक झटके महसूस किए जाते हैं। लोगों को घबराना नहीं चाहिए।'
25 अप्रैल को 11.52 बजे पर महाविनाशकारी भूकंप के बाद नेपाल में अब तक सौ के क़रीब ऐसे झटके आए हैं जिनकी तीव्रता चार या चार से अधिक है। कम तीव्रता वाले झटके भी लोगों को डरा रहे हैं। भूकंप से हज़ारों मकानों को नुकसान पहुंचा है, जिसमें बहुत से ऐसे हैं जो भूकंप के हल्के झटके में भी जमींदोज़ हो जाए।
हालांकि लोग ऐसे घरों में जाने से बच रहे हैं, लेकिन जिनके पास कोई उपाय नहीं है वो क्षतिग्रस्त मकानों में ही रह रहे हैं। दूसरी तरफ हज़ारों की तादाद में ऐसे भी लोग हैं जो लगातार आ रहे झटकों की वजह से अपने सही सलामत मकानों में भी नहीं जा रहे, बल्कि टेंट में रह रहे हैं। जब तक इस तरह के झटके आते रहेंगे लोगों का डर बना रहेगा।
एजेंसी इनपुट के साथ
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