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ISIS को ज्वाइन करने गईं औरतें वापस आईं ऑस्ट्रेलिया, एयरपोर्ट पर तीन गिरफ्तार, सीरिया में रखती थीं गुलाम

ये महिलाएं 2019 में इस्लामिक स्टेट के पतन के बाद कुर्द बलों द्वारा पकड़ी गई थीं. तब से वे सीरिया के कुख्यात 'रोज' कैंप में रह रही थीं. गुरुवार शाम को कतर एयरवेज की फ्लाइट से जैसे ही वे मेलबर्न इंटरनेशनल एयरपोर्ट पहुंचीं, पुलिस ने उन्हें तुरंत हिरासत में ले लिया.

ISIS को ज्वाइन करने गईं औरतें वापस आईं ऑस्ट्रेलिया, एयरपोर्ट पर तीन गिरफ्तार, सीरिया में रखती थीं गुलाम
जांच में सामने आया है कि 53 वर्षीय महिला ने करीब 10,000 अमेरिकी डॉलर देकर एक महिला को 'गुलाम' के तौर पर खरीदा था.
AFP

ऑस्ट्रेलिया से सीरिया जाकर आतंकी संगठन इस्लामिक स्टेट (IS) का साथ देने वाली दो महिलाओं पर अब कानून का शिकंजा कस गया है. मेलबर्न पुलिस ने इन महिलाओं पर एक महिला को 'गुलाम' बनाकर रखने और मानवता के खिलाफ अपराध करने के गंभीर आरोप लगाए हैं. करीब एक दशक तक सीरिया के कैंपों में रहने के बाद जब ये महिलाएं वापस लौटीं, तो एयरपोर्ट पर उतरते ही उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया.

शुक्रवार को मेलबर्न पुलिस ने जानकारी दी कि गिरफ्तार की गई महिलाओं में 53 साल की मां और उसकी 31 साल की बेटी भी शामिल हैं. पुलिस के मुताबिक, 2014 में ये दोनों IS के स्वघोषित 'खलीफा' शासन का समर्थन करने के लिए सीरिया गई थीं. आरोप है कि वहां रहने के दौरान इन्होंने बेहद अमानवीय कृत्य किए.

जांच में सामने आया है कि 53 वर्षीय महिला ने करीब 10,000 अमेरिकी डॉलर देकर एक महिला को 'गुलाम' के तौर पर खरीदा था. वहीं, उसकी 31 वर्षीय बेटी पर आरोप है कि उसने जानबूझकर उस महिला को अपने घर में गुलाम बनाकर रखा. ऑस्ट्रेलियाई फेडरल पुलिस के काउंटर-टेररिज्म चीफ स्टीफन नट ने इसे मानवता के खिलाफ अपराध बताते हुए कहा कि इस मामले की जांच अभी जारी है.

एयरपोर्ट पर गिरफ्तारी

ये महिलाएं 2019 में इस्लामिक स्टेट के पतन के बाद कुर्द बलों द्वारा पकड़ी गई थीं. तब से वे सीरिया के कुख्यात 'रोज' कैंप में रह रही थीं. गुरुवार शाम को कतर एयरवेज की फ्लाइट से जैसे ही वे मेलबर्न इंटरनेशनल एयरपोर्ट पहुंचीं, पुलिस ने उन्हें तुरंत हिरासत में ले लिया.

इनके साथ कुल चार महिलाएं और नौ बच्चे ऑस्ट्रेलिया लौटे हैं. इनमें से एक अन्य महिला, 32 वर्षीय जनई सफ़र को सिडनी में गिरफ्तार किया गया. यानी कुल तीन महिलाओं को पुलिस ने गिरफ्तार किया है. जनई पर प्रतिबंधित क्षेत्र में प्रवेश करने और एक 'आतंकी संगठन' में शामिल होने का आरोप है. बताया जा रहा है कि वह 2015 में अपने पति के पास सीरिया गई थी, जो IS का लड़ाका था.

'ISIS ब्राइड्स' को लेकर ऑस्ट्रेलिया में छिड़ी बहस

इन महिलाओं की घर वापसी ने ऑस्ट्रेलिया में एक बड़ी बहस छेड़ दी है. इन महिलाओ को 'आतंकियों की दुल्हन' कहा जाता है. गृह मंत्री टोनी बर्की ने इन महिलाओं की कड़ी आलोचना करते हुए कहा कि इन्होंने एक खतरनाक आतंकी संगठन में शामिल होने का "भयानक फैसला" किया था. हालांकि, मानवाधिकार संगठनों का तर्क है कि कैंपों में रह रहे बच्चों और महिलाओं को मानवीय आधार पर वापस लाया जाना चाहिए.

ऑस्ट्रेलियाई कानून के मुताबिक, 2010 के दशक की शुरुआत में सीरिया के रक्का जैसे IS के गढ़ वाले इलाकों में यात्रा करना अपराध घोषित कर दिया गया था. यही वजह है कि वापस लौटने वाली महिलाओं को अब सख्त कानूनी कार्रवाई का सामना करना पड़ रहा है. इससे पहले भी 2019, 2022 और 2025 में कुछ महिलाओं और बच्चों को सीरिया से वापस लाया जा चुका है.

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