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ईरान पर बड़ा हमला करके भी ट्रंप क्यों कह रहे 'सीजफायर जारी'? माइंडगेम समझिए

US Iran War and Donald Trump: अमेरिका और ईरान, दोनों ने एक दूसरे पर पहले हमले का आरोप लगाया है. होर्मुज में दोनों देश भिड़ गए हैं. ईरान की जमीं पर भी धमाके हुए हैं.

ईरान पर बड़ा हमला करके भी ट्रंप क्यों कह रहे 'सीजफायर जारी'? माइंडगेम समझिए
US Iran War: ईरान पर फिर से बड़ा हमला करके भी ट्रंप क्यों कह रहें 'सीजफायर जारी है'?

US Iran War and Donald Trump: अमेरिका और ईरान एक बार फिर भिड़ गए हैं. होर्मुज में दोनों देश की सेनाओं ने एक दूसरे पर हमला किया है. मिसाइल से लेकर ड्रोन तक का इस्तेमाल किया गया है. इतना ही नहीं ईरान की जमीं पर भी विस्फोट हुए हैं. ईरान की अर्ध-सरकारी फार्स न्यूज एजेंसी के अनुसार, बंदर अब्बास, केशम द्वीप और ईरान की राजधानी तेहरान के पास विस्फोटों की आवाज सुनी गई है. इन सबके बावजूद अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप कह रहे हैं कि दोनों देशों के बीच सीजफायर टूटा नहीं है. हमने तो बस ईरान को प्यार की थपकी दी है. चलिए आपको ट्रंप की मजबूरी बताते हैं कि वो क्यों इस स्केल के हमले के बावजूद कह रहे हैं कि सीजफायर जारी है. पहले जानिए ट्रंप ने क्या कहा है.

ट्रंप ने क्या कहा है?

अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने गुरुवार को कहा कि ईरान के साथ हुआ युद्धविराम (सीजफायर) अभी भी जारी है. ट्रंप ने एबीसी न्यूज की पत्रकार रेचल स्कॉट से फोन पर बातचीत में कहा, “सीजफायर चल रहा है. यह अभी भी लागू है.” उन्होंने इन हमलों को सिर्फ लव टैप यानी प्यार की थपकी जैसा बताया. इतना ही नहीं जब लिंकन मेमोरियल रिफ्लेक्टिंग पूल के पास जब ट्रंप से अचानक पत्रकारों ने पूछा कि क्या इतने बड़े अटैक के बाद सच में अभी भी सीजफायर लागू है तो उन्होंने जवाब दिया "आपको यह जानने की जरूरत नहीं होगी कि कोई सीजफायर लागू है या नहीं. आपको बस ईरान से आने वाली एक बड़ी चमक को देखना होगा."

ट्रंप ऐसा क्यों कह रहे हैं?

दरअसल ट्रंप सरकार के पास अपनी सैन्य कार्रवाई के लिए अमेरिकी संसद से मंजूरी लेने की जो कानूनी समय सीमा थी, वो खत्म हो चुकी है. अमेरिकी संविधान के अनुसार वहां की सरकार को किसी भी दूसरे देश के खिलाफ सैन्य कार्रवाई शुरू करने के 60 दिन के अंदर संसद से मंजूरी लेनी होती है. लेकिन ट्रंप सरकार ने ऐसा नहीं किया है और यह समयसीमा बीत चुकी है. ट्रंप सरकार कह रही है कि चूंकि ईरान के साथ अभी सीजफायर है, इसलिए यह कानूनी समय सीमा लागू नहीं होती है, वह “रुक” जाती है.

राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने 02 मार्च को ईरान के खिलाफ सैन्य अभियान की जानकारी अमेरिकी संसद को दी थी. इसके हिसाब से 1 मार्च को 60 दिन पूरे हो जाते हैं. मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, अमेरिकी “वॉर पावर्स एक्ट” के तहत राष्ट्रपति को 60 दिन के बाद युद्ध को कम करना पड़ता है, जब तक कि कांग्रेस से मंजूरी न मिल जाए.

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