खाड़ी क्षेत्र में एक बार फिर तनाव बढ़ने के संकेत मिले हैं. ईरानी मीडिया के अनुसार, ईरान के प्रमुख तेल निर्यात केंद्र खार्ग द्वीप के पास एक ईरानी तेल टैंकर को मिसाइल से निशाना बनाया गया है. कुछ रिपोर्टों में दावा किया गया है कि टैंकर पर चार अमेरिकी मिसाइलें दागी गईं, जिसके बाद जहाज को खाली कराने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई. हालांकि इस दावे की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो सकी है. घटना ऐसे समय हुई है जब अमेरिका और ईरान के बीच पिछले कई महीनों से जारी टकराव नई सैन्य कार्रवाइयों में बदल चुका है और दोनों देशों के बीच तनाव चरम पर पहुंच गया है.
खार्ग द्वीप के पास सुनी गईं धमाकों की आवाजें
ईरान की समाचार एजेंसी फार्स के अनुसार, उसके संवाददाता ने खार्ग द्वीप के आसपास कई धमाकों की आवाजें सुनीं. हालांकि विस्फोटों के बाद इलाके में धुएं का कोई स्पष्ट गुबार दिखाई नहीं दिया. खार्ग द्वीप ईरान का सबसे बड़ा तेल निर्यात केंद्र माना जाता है. देश के अधिकांश कच्चे तेल का निर्यात इसी क्षेत्र से होता है, इसलिए इसका रणनीतिक महत्व बेहद अधिक है.
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— ⚡️🌎 World News 🌐⚡️ (@ferozwala) September 5, 2026
🚨About an hour ago, the sound of several explosions was heard over the Persian Gulf near #KhargIsland. @EnglishFars https://t.co/WZRuvezETF
▪️A Fars News reporter on Kharg Island says the explosions appeared to come from the Persian Gulf, but no signs of smoke or… pic.twitter.com/tHxpA02nLg
तेल टैंकर को निशाना बनाए जाने का दावा
ईरान की एसएनएन समाचार एजेंसी ने दावा किया कि खार्ग द्वीप के निकट एक ईरानी तेल टैंकर को अमेरिका ने निशाना बनाया. हालांकि इस दावे की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो सकी है. घटना के संबंध में न तो अमेरिकी अधिकारियों और न ही ईरानी अधिकारियों की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने आई है. इस कारण धमाकों के वास्तविक कारणों को लेकर स्थिति अभी स्पष्ट नहीं है.
छह महीने पुराने संघर्ष में नया घटनाक्रम
पिछले रविवार को अमेरिका द्वारा ईरान पर हमले किए जाने के बाद दोनों देशों के बीच सैन्य संघर्ष फिर तेज हो गया था. यह युद्ध अब छह महीने से अधिक समय से जारी है. अमेरिकी हमलों के जवाब में तेहरान ने भी पश्चिम एशिया में अमेरिकी हितों और सैन्य ठिकानों को निशाना बनाने का दावा किया है.
कुवैत और यूएई में अमेरिकी ठिकानों पर हमले का दावा
ईरान ने गुरुवार को कहा था कि उसकी सशस्त्र सेनाओं ने कुवैत और संयुक्त अरब अमीरात में स्थित अमेरिकी सैन्य अड्डों पर हमला किया है. ईरान ने कहा कि यह कार्रवाई उन नागरिकों की मौत का बदला लेने के लिए की गई, जिनकी मौत एक शादी समारोह पर हुए हमले में हुई थी और जिसके लिए उसने अमेरिका को जिम्मेदार ठहराया.
होर्मुज को लेकर भी टकराव
अमेरिका और ईरान के बीच रणनीतिक होर्मुज जलडमरूमध्य को लेकर भी तनाव बना हुआ है. रिपोर्टों के अनुसार ईरान जहाजों की आवाजाही को रोकने की कोशिश कर रहा है, जबकि अमेरिका ईरानी बंदरगाहों पर जवाबी दबाव बनाए हुए है.
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