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दुनिया में सिर वाला पहला जीव 'राइटी' भी था, 55 करोड़ साल पुराना रहस्य आया सामने

Spriggina floundersi नाम का जीव आज विलुप्त हो चुका है लेकिन इसके बारे में जो बातें पता चली हैं उसने करोड़ों साल पुराने इवोल्यूशन (विकासक्रम) का नया राज खोल दिया है.

दुनिया में सिर वाला पहला जीव 'राइटी' भी था, 55 करोड़ साल पुराना रहस्य आया सामने
Spriggina floundersi दुनिया में सिर वाला पहला जीव था (फोटो- एनडीटीवी)
  • दुनिया का सबसे पुराना सिर वाला जीव न सिर्फ चल-फिर सकता था, बल्कि उसमें भी दाईं तरफ झुकने की आदत थी
  • इस जीव का नाम स्प्रिगिना फ्लाउंडर्सी (Spriggina floundersi) है.
  • इसके जितने जीवाश्म मिले, उनमें बाईं ओर मुड़े हुए शरीरों की संख्या दाईं ओर मुड़े हुए शरीरों से लगभग दोगुनी थी

क्या आप भी अपने ज्यादातर काम दाएं हाथ से करते हैं? अगर ऐसा है तो इस आदत की शुरुआत इंसानों से नहीं, बल्कि करीब 55 करोड़ साल पहले धरती पर रहने वाले एक छोटे से जीव से हुई थी. वैज्ञानिकों ने एक ऐसी हैरान करने वाली खोज की है, जिसने करोड़ों साल पुराने इवोल्यूशन (विकासक्रम) का नया राज खोल दिया है. रिसर्च के मुताबिक दुनिया का सबसे पुराना सिर वाला जीव न सिर्फ चल-फिर सकता था, बल्कि उसमें भी दाईं तरफ झुकने यानी 'राइटी' होने की आदत थी. वह राइटी होने वाला भी पहला जीव पाया गया है.

क्यों खास है यह जीव

इस जीव का नाम स्प्रिगिना फ्लाउंडर्सी (Spriggina floundersi) है. यह समुद्र में एडियाकरन काल के दौरान रहता था, जो करीब 63.5 करोड़ से 54.2 करोड़ साल पहले का समय माना जाता है. यह छोटा, चपटा और कई हिस्सों में बंटा हुआ जीव था. इसका शरीर अंडाकार था. एक सिरा नुकीला था, जबकि दूसरे सिरे पर बड़ा और मुड़ा हुआ हिस्सा था. वैज्ञानिक इसे अब तक का सिर वाला सबसे पुराना ज्ञात जीव मानते हैं.

इस जीव के जीवाश्म सबसे पहले 1958 में मिले थे. तब से वैज्ञानिकों के बीच इस बात पर बहस चल रही थी कि क्या यह जीव अपने आप चल सकता था या फिर सिर्फ समुद्र के पानी के बहाव से इधर-उधर होता था. इस सवाल का जवाब खोजने के लिए वैज्ञानिकों ने हाल ही में 100 से ज्यादा जीवाश्मों का विस्तार से अध्ययन किया. यानी उन्हें स्टडी किया है. 

रिसर्च में वैज्ञानिकों ने सिर्फ जीवाश्म ही नहीं देखे, बल्कि उनके आसपास की चट्टानों का भी अध्ययन किया. उन्होंने यह पता लगाने की कोशिश की कि कहीं इन जीवों के मुड़े हुए शरीर समुद्र की तेज धाराओं या तूफानों की वजह से तो नहीं बने. लेकिन जांच में पता चला कि ऐसा नहीं था. यह जीव खुद समुद्र की सतह पर रेंगकर चलता था.

सबसे चौंकाने वाली बात यह रही कि जितने जीवाश्म मिले, उनमें बाईं ओर मुड़े हुए शरीरों की संख्या दाईं ओर मुड़े हुए शरीरों से लगभग दोगुनी थी. वैज्ञानिकों का कहना है कि इसका मतलब यह नहीं है कि वे "लेफ्टी" थे. बल्कि जब कोई जीव अपनी दाईं तरफ को ज्यादा इस्तेमाल करता है, तो उसका शरीर अक्सर बाईं ओर मुड़ता है. यही वजह है कि वैज्ञानिकों ने इसे दाईं तरफ झुकाव यानी 'राइट-हैंडेडनेस' का सबसे पुराना सबूत माना है. CNN की रिपोर्ट के अनुसार रिसर्च के प्रमुख लेखक स्कॉट इवांस का कहना है कि पहली नजर में ये जीवाश्म अजीब लग सकते हैं, लेकिन इन्हें ध्यान से देखने पर पता चलता है कि आज के जानवरों की कई बुनियादी खूबियां करोड़ों साल पहले ही विकसित हो चुकी थीं. इनमें अपने आप चलने की क्षमता और शरीर के एक तरफ को प्राथमिकता देने जैसी आदतें शामिल हैं.

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