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This Article is From Dec 18, 2013

बांग्लादेश : अवामी लीग के आठ कार्यकर्ताओं को मौत की सजा

ढाका:

बांग्लादेश की एक अदालत ने पिछले साल विपक्ष की राष्ट्रव्यापी हड़ताल के दौरान अल्पसंख्यक हिन्दू समुदाय के एक व्यक्ति की हत्या करने के मामले में अवामी लीग के आठ कार्यकर्ताओं को सजा-ए-मौत सुनाई, जबकि 13 अन्य को उम्रकैद की सजा सुनाई।

त्वरित सुनवाई न्यायाधिकरण-4 के न्यायाधीश एबीएम निजामुल हक ने खचाखच भरे अदालत कक्ष में फैसला सुनाते हुए कहा, उन्हें (आठ दोषियों को) उस वक्त तक फांसी पर लटकाया जाए, जब तक उनकी मौत न हो जाए। सजा सुनाए जाने के वक्त अदालत कक्ष में छह दोषी कठघरे में मौजूद थे।

सजा-ए-मौत वाले दो दोषियों और उम्रकैद की सजा वाले 13 में से 11 दोषियों के खिलाफ उनकी गैर-मौजूदगी में सुनवाई की गई। ये सभी फरार हैं। बांग्लादेश के कानून के तहत निचली अदालतों में सुनाई गई सजा-ए-मौत की समीक्षा उच्च न्यायालय में होना अनिवार्य है। अगर दोषी निचली अदालत के खिलाफ अपील नहीं भी दायर करें, तो भी उच्च न्यायालय को उसकी समीक्षा करनी होती है।

उल्लेखनीय है कि छात्र लीग के कार्यकर्ताओं ने पिछले साल 9 दिसंबर को विपक्ष के आंदोलन के दौरान पुराने ढाका के बहादुर शाह पार्क क्षेत्र में 24-वर्षीय विश्वजीत दास की हत्या कर दी थी। बांग्लादेश छात्र लीग (बीसीएल) अवामी लीग की छात्र शाखा है। त्वरित सुनवाई न्यायाधिकरण के इस फैसले पर प्रतिक्रिया करते हुए दास के भाई ने कहा, मैं संतुष्ट हूं..हमें इंसाफ मिल गया।

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