- ईद-उल-फितर के दौरान यरुशलम में एक ईरानी मिसाइल गिरी जो तीनों धार्मिक स्थलों के करीब थी.
- पुराने शहर के बंद दरवाजों के बाहर सैकड़ों मुस्लिम नमाजियों को ईद की नमाज अदा करनी पड़ी.
- इजरायल ने सुरक्षा कारणों से अल-अक्सा मस्जिद सहित यरुशलम के पवित्र स्थलों तक पहुंच प्रतिबंधित कर दी.
ईद-उल-फितर के मौके पर यरुशलम के अल-अक्सा मस्जिद से कुछ सौ मीटर की दूरी पर मिसाइल जा गिरी. वहीं, सैकड़ों मुस्लिम नमाजियों को पुराने शहर के बंद दरवाजों के बाहर ही ईद की नमाज अदा करने पर मजबूर होना पड़ा, क्योंकि लगभग 60 वर्षों में पहली बार उन्हें शहर में प्रवेश करने से रोक दिया गया था.
इजरायल ने शनिवार को कहा कि ईद-उल-फितर के जश्न के दौरान यरुशलम पर एक ईरानी मिसाइल गिरी, जो मुसलमानों, ईसाइयों और यहूदियों—तीनों के सबसे पवित्र धार्मिक स्थलों से महज कुछ मीटर की दूरी पर थी. इजरायल के विदेश मंत्रालय ने X पर पोस्ट किया, “ईद-उल-फितर के दौरान यरुशलम पर एक ईरानी मिसाइल गिरी, जो मुसलमानों, ईसाइयों और यहूदियों के सबसे पवित्र स्थलों से कुछ सौ मीटर की दूरी पर थी. यह मुल्लाओं के तथाकथित ‘धार्मिक' शासन का असली चेहरा है.”
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पुराने शहर के भीतर एक पहाड़ी क्षेत्र में तेज धमाका हुआ
शुक्रवार को, ईरानी मिसाइलों के आगमन की चेतावनियों के बीच पुराने शहर के भीतर एक पहाड़ी क्षेत्र में तेज धमाका हुआ, जिसने ज़मीन पर एक गड्ढा बना दिया और सड़क पर मलबा बिखेर दिया. इजरायली सेना ने कहा कि यह धमाका टेंपल माउंट के बेहद पास महसूस किया गया. IDF ने एक बयान में कहा, “यरुशलम का पुराना शहर, जो टेंपल माउंट के ठीक पास है, ईरानी मिसाइल के टुकड़ों से प्रभावित हुआ. ईरानी शासन ने एक बार फिर साबित कर दिया है कि वह अंधाधुंध गोलीबारी करता है—चाहे लक्ष्य नागरिक इलाका हो या पवित्र स्थल—और यह सब इज़रायल को तबाह करने के इरादे से किया जाता है.”
An Iranian missile struck Jerusalem during Eid al-Fitr, a few hundred meters from the holiest sites for Muslims, Christians and Jews.
— Israel Foreign Ministry (@IsraelMFA) March 21, 2026
This is the true face of the Mullahs' so called ‘religious' regime. pic.twitter.com/m6gG03ZrqR
सैकड़ों मुस्लिम नमाजी पुराने शहर के दरवाजों पर इकट्ठा हुए और बाहर ही ईद की नमाज अदा की, क्योंकि वे अल-अक्सा मस्जिद तक पहुंच नहीं पाए. इजरायल ने ईरान के साथ जारी संघर्ष से जुड़ी सुरक्षा चिंताओं के चलते परिसर तक पहुंच को प्रतिबंधित कर दिया था. फिलिस्तीनी नागरिक वज्दी मोहम्मद श्वेकी ने AFP से कहा कि आज अल-अक्सा हमसे छीन लिया गया है. यह एक दुखद और दर्दनाक रमजान है. उन्होंने आगे कहा कि यह यरुशलम के निवासियों, समूचे फिलिस्तीनियों और दुनिया भर के मुसलमानों के लिए विनाशकारी स्थिति है.
28 फरवरी को इजरायल और संयुक्त राज्य अमेरिका द्वारा ईरान के खिलाफ सैन्य अभियान शुरू करने के बाद से, इजरायली अधिकारियों ने यरुशलम के तीनों सबसे पवित्र स्थलों- मुसलमानों के लिए अल-अक्सा मस्जिद, ईसाइयों के लिए चर्च ऑफ द होली सेपल्चर और यहूदियों के लिए वेस्टर्न वॉल को बंद रखा है.
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