- दुबई की नई गोल्ड मेट्रो लाइन पूरी तरह जमीन के नीचे 42 किलोमीटर लंबी और 18 स्टेशनों वाली होगी
- गोल्ड लाइन का निर्माण 2032 तक पूरा होगा और इसके बाद दुबई का मेट्रो नेटवर्क 162 किलोमीटर हो जाएगा
- गोल्ड लाइन की लागत लगभग ₹86,816 करोड़ है जो दिल्ली मेट्रो के तीन फेज की कुल लागत से अधिक है
दुबई में मेट्रो पहले से शहर की रफ्तार का अहम हिस्सा है, लेकिन अब इसके नेटवर्क में एक ऐसी नई लाइन जुड़ने जा रही है, जो अपनी लंबाई और बनावट दोनों की वजह से खास है. दुबई ने अप्रैल में ही 42 किलोमीटर लंबी गोल्ड मेट्रो लाइन को मंजूरी दी है, जिसकी पूरी लाइन जमीन के नीचे बनाई जाएगी. यह दुबई की पहली पूरी तरह अंडरग्राउंड मेट्रो लाइन होगी और शहर के 15 अहम इलाकों को आपस में जोड़ेगी. आखिर 42 किलोमीटर लंबी इस नई मेट्रो में ऐसा क्या खास होगा? इसका काम कब शुरू होगा और कब तक यह तैयार होगी? साथ ही, यह दिल्ली मेट्रो से कितनी अलग है और इस पर कितना खर्च होने वाला है? आपको सबकुछ बताते हैं.
42 KM लंबी लाइन, 18 स्टेशन और पूरा सफर जमीन के नीचे
गोल्ड लाइन की लंबाई 42 किलोमीटर होगी और इस पर 18 स्टेशन बनाए जाएंगे. यह लाइन अल घुबैबा से शुरू होकर जुमेराह गोल्फ एस्टेट्स तक जाएगी. रास्ते में यह 15 अहम इलाकों को जोड़ेगी. इनमें मीना राशिद, सिटी वॉक, बिजनेस बे, मोहम्मद बिन राशिद सिटी, नाद अल शेबा, मोहम्मद बिन राशिद गार्डन्स, मेदान, अल बरशा साउथ और जेवीसी जैसे इलाके शामिल हैं.
यह लाइन दुबई मेट्रो की मौजूदा रेड लाइन और ग्रीन लाइन से जुड़ेगी. इसके अलावा इसका कनेक्शन एतिहाद रेल से भी होगा. अभी दुबई मेट्रो के ब्लू लाइन पर काम चल रहा है. गोल्ड लाइन के पूरा होने के बाद दुबई का कुल मेट्रो नेटवर्क बढ़कर 162 किलोमीटर हो जाएगा.
कबतक तैयार हो जाएगा दुबई मेट्रो की गोल्ड लाइन?
अभी दुबई का मेट्रो नेटवर्क करीब 120 किलोमीटर का है. इसमें रेड लाइन 52 KM, ग्रीन लाइन 23 KM, रूट 2020 करीब 15 KM और अभी बन रही ब्लू लाइन 30 KM की है. ब्लू लाइन के 2029 तक पूरा होने की उम्मीद है, जबकि गोल्ड लाइन को 9 सितंबर 2032 तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है. गोल्ड लाइन का टेंडर इस साल जारी किया जाएगा और 2027 में इसका ठेका दिए जाने की उम्मीद है. इसके बाद निर्माण शुरू होगा.
एमिरेट्स 24-7 की रिपोर्ट के अनुसार ब्लू और गोल्ड लाइन मिलकर दुबई के मेट्रो नेटवर्क को करीब 80 फीसदी तक बढ़ा देंगी. स्टेशनों की संख्या भी मौजूदा 67 से बढ़कर 85 हो जाएगी.
मेट्रो स्टेशन के आसपास महंगी हो जाएगी प्रॉपर्टी
दुबई की नई मेट्रो लाइन सिर्फ यात्रा का तरीका नहीं बदलेगी, बल्कि जमीन और प्रॉपर्टी की कीमतों पर भी असर डालेगी. दुबई रोड्स एंड ट्रांसपोर्ट अथॉरिटी (RTA) के डायरेक्टर जनरल और बोर्ड के चेयरमैन मत्तार अल तायर के मुताबिक, भविष्य के मेट्रो स्टेशनों के आसपास जमीन की कीमतों में 15 से 30 फीसदी तक बढ़ोतरी हो सकती है. हालांकि इसका असर इलाके और प्रॉपर्टी के प्रकार के हिसाब से अलग-अलग हो सकता है.
दुबई की जान है यह मेट्रो
दुबई मेट्रो पहले ही शहर की सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था का बड़ा हिस्सा बन चुकी है. 2009 में शुरू होने के बाद से 2025 के अंत तक यह 2.8 अरब से ज्यादा यात्रियों को सफर करा चुकी है. सिर्फ पिछले साल करीब 29.5 करोड़ यात्रियों ने इसका इस्तेमाल किया था. अब गोल्ड और ब्लू लाइन के साथ दुबई अपनी मेट्रो को सिर्फ बड़ा नहीं, बल्कि शहर की अगली पीढ़ी के इंफ्रास्ट्रक्चर का हिस्सा बनाने की तैयारी कर रहा है.
दिल्ली मेट्रो से कितनी अलग और कितनी महंगी?
दिल्ली मेट्रो और दुबई की गोल्ड लाइन में सबसे बड़ा फर्क इसकी बनावट और लागत यानी कॉस्ट में है. दिल्ली मेट्रो का नेटवर्क जमीन के ऊपर और नीचे, दोनों तरह के कॉरिडोर पर बना है, जबकि दुबई की 42 किलोमीटर लंबी गोल्ड लाइन पूरी तरह अंडरग्राउंड होगी. इसे जमीन के करीब 40 मीटर नीचे आधुनिक टनल बोरिंग मशीनों से बनाया जाएगा. लागत की बात करें तो अकेले दुबई के गोल्ड लाइन पर करीब ₹86,816 करोड़ खर्च होने का अनुमान है. तुलना करें तो अभी तक दिल्ली मेट्रो का फेज-1, फेज-2 और फेज-3 बन चुका है और यह चालू है. इनकी मिलाकर लागत ₹70,433 करोड़ बैठती है. यानी सिर्फ 42 किलोमीटर की दुबई गोल्ड लाइन की लागत, दिल्ली मेट्रो के 350 किमी वाले तीन फेज की कुल लागत से भी ज्यादा है.
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