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This Article is From Sep 25, 2025

जलवायु परिवर्तन को 'धोखा' बताने वाले डोनाल्ड ट्रंप को मिला जवाब, छोटे से देश के पीएम ने दिखाया 'आईना'

सेंट किट्स और नेविस के प्रधानमंत्री टेरेंस ड्रू ने डोनाल्‍ड ट्रंप के तीखे हमले का जवाब देते हुए कहा कि हर किसी को अपनी बात कहने का अवसर मिलता है. लेकिन उनके 45,000 देशवासियों के लिए जलवायु परिवर्तन किसी चर्चा का विषय नहीं है, यह एक वास्तविकता है जिसे हम जी रहे हैं.

जलवायु परिवर्तन को 'धोखा' बताने वाले डोनाल्ड ट्रंप को मिला जवाब, छोटे से देश के पीएम ने दिखाया 'आईना'
  • अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने जलवायु परिवर्तन को धोखा बताया था. हालांकि अब उन्‍हें जवाब मिला है.
  • सेंट किट्स और नेविस के PM टेरेंस ड्रू ने जलवायु परिवर्तन की गंभीरता को अपनी जनता की वास्तविकता बताया है.
  • डोनाल्‍ड ट्रंप के तीखे हमले का जवाब देते हुए ड्रू ने कहा कि हर किसी को अपनी बात कहने का अवसर मिलता है.
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न्‍यूयॉर्क:

अमेरिका के राष्‍ट्रपति डोनाल्‍ड ट्रंप अपने बयानों को लेकर चर्चित रहते हैं. कई मौकों पर वो ऐसा कुछ कह जाते हैं कि दुनिया आश्‍चर्य में पड़ जाती है, बाव‍जूद इसके उन्‍हें ज्यादातर जवाब नहीं मिलता है. हालांकि अमेरिकी राष्‍ट्रपति डोनाल्‍ड ट्रंप को जलवायु परिवर्तन पर उनके एक बयान के लिए एक छोटे से देश के प्रधानमंत्री से करारा जवाब मिला है. दरअसल, ट्रंप ने जलवायु परिवर्तन को 'धोखा' कहकर खारिज कर दिया था. हालांकि छोटे से देश के सेंट किट्स और नेविस के लिए इसके परिणाम साफ हैं - जहां जमीन निगल ली गई, घर तबाह हो गए और आजीविका खतरे में पड़ गई. 

सेंट किट्स और नेविस के प्रधानमंत्री टेरेंस ड्रू ने धरती के तापमान को बढ़ाने वाले जीवाश्म ईंधन पर संयुक्त राष्ट्र में डोनाल्‍ड ट्रंप के तीखे हमले का जवाब देते हुए कहा कि हर किसी को अपनी बात कहने का अवसर मिलता है. लेकिन उनके 45,000 देशवासियों के लिए, "यह किसी चर्चा का विषय नहीं है, यह एक वास्तविकता है जिसे हम जी रहे हैं" 

जलवायु परिवर्तन पर्यटन के लिए बन रहा खतरा: ड्रू

उन्होंने कहा, "इसलिए मैं लोगों को आने के लिए आमंत्रित करता हूं... और देखें कि हम किससे निपट रहे हैं."

पर्यटन लंबे समय से सेंट किट्स और नेविस की अर्थव्यवस्था का मुख्य आधार रहा है, जो अपने प्राचीन समुद्र तटों और विविध पारिस्थितिक तंत्रों के लिए प्रसिद्ध एक जुड़वां द्वीपीय राष्ट्र है. 

ड्रू ने कहा कि सार्गासम नामक एक प्रकार के शैवाल से खतरा है, जो गर्म पानी में पनपता है और कभी बेदाग रहे तटों पर जमा हो रहा है. उन्होंने कहा, "यह हमारे समुद्र तटों की सुंदरता को धूमिल कर रहा है." साथ ही कहा, "यह केवल तेज जलवायु परिवर्तन के कारण ही हो रहा है और यह हमारे सबसे महत्वपूर्ण आर्थिक स्तंभ पर्यटन के लिए खतरा बन रहा है."

साथ ही कहा कि खतरे यहीं नहीं रुकते हैं. समुद्र का जलस्तर बढ़ रहा है, "यह हमारे समुद्र तटों को नष्ट कर रहा है", जबकि बारिश के बदलते पैटर्न कृषि और पीने के पानी दोनों के लिए जरूरी मीठे पानी की आपूर्ति को बाधित कर रहा है.  

दिख रहा है जलवायु परिवर्तन का प्रभाव: विलियम्स

नेविस के 25 वर्षीय मेडिकल छात्र और जलवायु कार्यकर्ता रोल जे विलियम्स ने बताया कि वे जलवायु परिवर्तन के प्रभाव को अपने घर के पीछे भी देख सकते हैं. उन्होंने कहा कि उनके घर के पीछे समुद्र तट पर कटाव के कारण तटरेखा लगातार सिकुड़ रही है, जिससे मछुआरा समुदायों को अपने गांव छोड़ने पर मजबूर होना पड़ रहा है. 

उन्होंने कहा, "कैरिबियन सिर्फ एक पर्यटन स्थल नहीं है. यह एक ऐसा क्षेत्र है जो जलवायु परिवर्तन से बुरी तरह प्रभावित है."

80 लाख से ज्‍यादा लोगों के स्थानांतरित होने का अनुमान

संयुक्त राष्ट्र के ग्लोबल सेंटर फॉर क्लाइमेट मोबिलिटी की एक नई रिपोर्ट के अनुसार, इस क्षेत्र के 80 लाख से ज्‍यादा लोगों के सदी के मध्य तक स्थायी रूप से स्थानांतरित होने का अनुमान है, जिससे देशों के भीतर और बाहर जनसंख्या में बदलाव होगा. रिपोर्ट की प्रमुख लेखिका सारा रोसेनगार्टनर ने कहा, "परंपरागत रूप से इस इलाके में अमेरिका, ब्रिटेन और कनाडा के लिए काफी पर्यटक आते रहे हैं और अभी भी यही स्थिति रहने का अनुमान है." हालांकि कैरिबियाई लोग अपनी मातृभूमि से गहराई से जुड़े हुए हैं और वहां से जाने को तैयार नहीं हैं. 

उन्होंने कहा, "हम एक ऐसा जन गठबंधन बनाने की कोशिश कर रहे हैं जो इस मुद्दे पर जोर देकर यह तर्क दे सके कि इस मुद्दे पर ध्यान देने की जरूरत है."

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