अमेरिका के सैनिक ही नहीं अब तो डोनाल्ड ट्रंप के करीबी कर्मचारी भी अंदरूनी जानकारी का उपयोग करके ऑनलाइन सट्टा लगा रहे हैं और करोड़ों रुपए छाप रहे हैं. बीबीसी की एक रिपोर्ट के अनुसार व्हाइट हाउस के एक टेलीप्रॉम्प्टर ऑपरेटर की जांच हो रही है. आरोप है कि उसने अंदर की जानकारी का इस्तेमाल करके अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के भाषणों पर सट्टा लगाया और लगभग 1,00,000 डॉलर कमाए. भारतीय करेंसी में यह रकम 96 लाख रुपए से अधिक की बैठती है.
इस रिपोर्ट के अनुसार इस आरोपी टेलीप्रॉम्पटर ऑपरेटर का नाम गैब्रिएल पेरेज है जो 2016 से व्हाइट हाउस में काम कर रहे था. इसपर आरोप है कि उसने राष्ट्रपति के अहम सार्वजनिक भाषणों, जैसे 'स्टेट ऑफ द यूनियन' का भाषण, के दौरान इस्तेमाल होने वाले शब्दों पर सट्टा लगाया. यहां आपको बता दें कि अमेरिका में कई ऐसे ऑनलाइन सट्टा लगाने वाले प्लेटफॉम हैं जिसपर किसी भी चीज पर सट्टा लगाया जाता है. उदाहरण के लिए ट्रंप अपने भाषणा में कितनी बाद ईरान का नाम लेंगे, वह सार्वजनिक रूप से अगली गाली कितने दिनों में देंगे, इत्यादि.
पैसा नहीं निकाल पाया आरोपी
रिपोर्ट्स के मुताबिक, Kalshi ने कोई भी प्रॉफिट निकाले जाने से पहले आरोपी कर्मचारी का अकाउंट फ़्रीज़ कर दिया. इस कंपनी ने BBC को बताया कि उसके एनालिस्ट्स ने मेंशन मार्केट्स पर असामान्य बेटिंग देखी. इसमें यूजर्स अनुमान लगाते हैं कि क्या कोई स्पीकर कुछ खास शब्द जैसे कि खास देश, आर्थिक शब्द या कैंपेन स्लोगन का इस्तेमाल करेगा या नहीं. Kalshi ने कहा कि राष्ट्रपति और US फेड के अध्यक्ष जैसे नेताओं के एक-एक शब्द से फॉरेन एक्सचेंज मार्केट, ऑयल फ्यूचर्स और स्टॉक मार्केट में अरबों डॉलर का उतार-चढ़ाव आता है.
अकाउंट डेटा का इस्तेमाल करके कंपनी को पता चला कि जो यूजर यह असामान्य बेटिंग कर रहा है, वह एक फेडरल कर्मचारी था जो व्हाइट हाउस के टेलीप्रॉम्प्टर ऑपरेट करता था. एक्सचेंज ने पैसे निकाले जाने से पहले 90 हजार डॉलर से ज्यादा की जीती हुई रकम फ्रीज कर दी.
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