- ट्रंप का दावा- साउथ कोरिया ने ईरान को परमाणु हथियारों से मुक्त करने के अभियान में भाग लेने से इनकार कर दिया है
- नाराज ट्रंप ने साउथ कोरिया के साथ होने वाले अमेरिकी सैन्य अभ्यास को काफी कम करने का आदेश दिया है
- उन्होंने नॉर्थ कोरिया के नेता किम जोंग उन के साथ अपने "बहुत अच्छे रिश्ते" का हवाला दिया है
अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप कब क्या करेंगे, कोई नहीं जानता. आप नहीं बता सकतें कि कब कौन उनका दोस्त है और कब वही दुश्मन बन जाए. इसका एक और सबूत सामने आया है. डोनाल्ड ट्रंप ने बताया है कि साउथ कोरिया ने हाल ही में ईरान को परमाणु हथियारों से मुक्त करने के लिए अमेरिका के अभियान के साथ जुड़ने से इनकार कर दिया था. अब इस बात से नाराज डोनाल्ड ट्रंप ने साउथ कोरिया के साथ होने वाली अमेरिकी सैन्य अभ्यास को काफी कम करने का आदेश दे दिया है. खास बात यह है कि ट्रंप ने इसके पीछे नॉर्थ कोरिया के नेता किम जोंग उन के साथ अपने “बहुत अच्छे रिश्ते” का हवाला दिया है. यानी ट्रंप साउथ कोरिया के जख्म पर नमक रगड़ रहे हैं.
ट्रंप ने क्या लिखा?
ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्रूथ सोशल पर लिखा, “ये सैन्य अभ्यास सिर्फ महंगे ही नहीं हैं, जिनका बड़ा हिस्सा हमेशा की तरह अमेरिका देता है, बल्कि इनसे ऐसा संदेश जाता है जो पूरी तरह अनुचित और दुश्मनी वाला है.”
वहीं कोरिया ने कहा है कि अमेरिका के साथ सैन्य अभ्यास तय कार्यक्रम के अनुसार ही होंगे. वहीं, नॉर्थ कोरिया ने खबर लिखे जाने तक अभी इस पर कोई प्रतिक्रिया नहीं दी है. यह घटनाक्रम ऐसे समय हुआ है जब नॉर्त कोरिया ने इसी महीने बैलिस्टिक मिसाइलों के कई परीक्षण किए हैं. इन मिसाइल परीक्षणों पर संयुक्त राष्ट्र ने प्रतिबंध लगा रखा है.

ट्रंप का यह ऐलान उनके और किम जोंग उन की एक पुरानी तस्वीर पोस्ट करने के 24 घंटे से भी कम समय बाद आया. यह तस्वीर 2018 की थी. ट्रंप ने तस्वीर के साथ लिखा कि दोनों बहुत अच्छे दोस्त हैं, भले ही इस खास तस्वीर में दोनों के चेहरे कुछ दोस्ताना नहीं दिख रहे हैं.

पिछले हफ्ते अमेरिका और साउथ कोरिया के सैन्य अधिकारियों ने एक संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस में उलची फ्रीडम शील्ड सैन्य अभ्यास की घोषणा की थी. उन्होंने बताया था कि यह 11 दिनों तक चलने वाला अभ्यास होगा और इसका स्तर पिछले वर्षों जैसा ही रहेगा. इसमें करीब 18,000 साउथ कोरियाई सैनिक हिस्सा लेंगे. प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान सैन्य अधिकारियों ने रूस-यूक्रेन युद्ध में रूस की मदद के लिए नॉर्थ कोरिया द्वारा सैनिक भेजे जाने का भी जिक्र किया.
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