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This Article is From Mar 01, 2025

यह जिद है या जज्बा है, ट्रंप को घर में पलटकर जवाब देते जेलेंस्की की यह क्या अदा है?

अमेरिका के राष्‍ट्रपति डोनाल्‍ड ट्रंप और यूक्रेन के राष्‍ट्रपति वोलोदिमीर जेलेंस्की के बीच व्‍हाइट हाउस के ओवल ऑफिस में तीखी बहस हुई. अमेरिकी मीडिया के मुताबिक, जेलेंस्की को ट्रंप के वरिष्ठ अधिकारियों ने व्‍हाइट हाउस से निकल जाने के लिए कहा था.

ट्रंप से ही भिड़ गए जेलेंस्‍की
वाशिंगटन:

ऐसा इतिहास में पहले कभी नहीं हुआ. दुनिया के सबसे ताकतवर इंसान को उसके ऑफिस में आकर कोई खरी-खोटी सुनाकर चला जाए. अमेरिका का व्‍हाइट हाउस कई लम्हों का गवाह बना, लेकिन शुक्रवार की रात जो कुछ हुआ वह दुनिया के इतिहास में कुछ अलग फॉन्ट में दर्ज हो गया. व्‍हाइट हाउस में 'तू-तू, मैं-मैं' पूरी दुनिया ने देखी. अमेरिका इसे घर में आए मेहमान जेलेंस्की की बदमिजाजी और जिद्दीपन बता रहा है, लेकिन जेलेंस्की के तेवरों पर उसके दोस्त और चाहने वाले फिदा हैं. अपने नायब जेडी वेन्स के साथ बरसते ट्रंप और 'अभी पूरी तरह से टूटा नहीं हूं' के तेवरों के साथ पलटकर जवाब देते जेलेंस्की. आखिर जेलेंस्की के दिल का ज्वालामुखी क्यों फटा? क्या ट्रंप इसके जिम्मेदार खुद हैं? इसकी कई वजहें हैं.

...जरा पहले शब्दों की गर्मी देखिए

जेडी वेन्सः जंग को कूटनीति के जरिए खत्म किया जाना चाहिए. 
जेलेंस्की (थोड़ा उत्तेजित होते हुए): किस तरह की कूटनीति? 
जेडी वेन्स: क्या यह तहजीब है कि अमेरिका के ओवल ऑफिस में आकर आप उस सरकार पर हमला कर रहे हैं, जो आपके देश में तबाही को रोकने की कोशिश में लगी है?
जेलेंस्की: चलिए जरा शुरू से बात करते हैं. पहले जंग से. इससे हर किसी को दिक्कत होती है. आपको भी होगी ही. लेकिन आपके पास सुंदर समंदर जो है (मतलब सीमाएं दूसरे देशों से सीधे नहीं टकराती हैं ). अभी महसूस मत कीजिए, लेकिन एक दिन आपको इसका अहसास जरूर होगा. 
ट्रंप: मुझे मत समझाइए कि हमें क्या महसूस होगा. हम एक समस्या के समाधान की कोशिश कर रहे हैं. यह मत कहिए कि हमें क्या फील होगा. 
जेलेंस्कीः मैं आपसे कुछ नहीं कह रहा हूं. (वह कुछ और भी कहते हैं लेकिन ट्रंप और वेन्स की तेज आवाज में उनकी आवाज दब जाती है )  
ट्रंप: हमें मत समझाइए. आप इस हालत में नहीं हैं कि हमें डिक्टेट कर सकें. आप इस हालत में कतई नहीं हैं. और आपको बता दें कि हम बहुत बेहतर और ताकतवर महसूस करते हैं.

क्यों फूटा जेलेंस्की का ज्वालामुखी

मैं आपके जनरलों, सैनिकों और खुद आपको पूरा श्रेय देना चाहता हूं... यह लड़ाई बहुत मुश्किल थी.... बहुत टफ थी...आप महान फाइटर हैं... आपको उनपर गर्व होना चाहिए.. लेकिन अब बहुत हो गया है...'   वाइट हाउस में जेलेंस्की सामने बैठे थे और अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप रूस से जंग में यूक्रेन के सैनिकों और उनकी वीरता का पाठ पढ़ रहे थे. लेकिन यह पाठ इतना सीधा-सपाट नहीं था. शब्दों की तासीर कुछ अलग थी. तारीफ-तारीफ में समझ जाने की नसीहत थी. अब बस बहुत हो गया.. इस शब्द के साथ एक हिदायत भी छिपी हुई थी. दूसरी तरफ जेलेंस्की की बॉडी लैंग्वेज बता रही थी कि वह एक हारे हुए सिपाही हैं. बुझा-बुझा चेहरा और थका-थका शरीर. ट्रंप बोल रहे थे और हाथ बांधे वह सब सुन रहे थे. शांति डील की शर्तें जेलेंस्की के सामने ही ट्रंप ने एक तरह से फाइनल कर दी थीं. ट्रंप ने जेलेंस्की से साफ कहा- आपको हमारा शुक्रगुजार होना चाहिए. इसके साथ ही कहा कि मॉस्को के साथ कॉम्प्रोमाइज करना ही होगा. ट्रंप बोल रहे थे और जेलेंस्की के अंदर का लावा मानो फूटकर बाहर आने को उतावला था. उनका चेहरा यह बता रहा था. यह उन 10 मिनट से ठीक पहले का सीन था, जब दोनों में तीखी बहस शुरू हो गई थी. और सूई चुभोने का काम किया पास बैठे जेडी वेन्स ने. 

ट्रंप ने  समझौते से दूर रखा

रूस और अमेरिका के बीच यूक्रेन युद्ध को लेकर पिछले दिनों सऊदी अरब में एक हाई लेवल मीटिंग हुई थी. इस बैठक में यूक्रेन पर विस्तार से चर्चा हुई. अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो और रूसी विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव इस बैठक में शामिल हुए थे. लेकिन हैरानी करने वाली ये रही कि इस बैठक में यूक्रेन की ओर से किसी को शामिल नहीं किया गया था. जेलेंस्‍की ने इस पर अपनी नाराजगी भी जाहिर की थी. उन्‍होंने कहा था कि यूक्रेन के भविष्‍य का फैसला ऐसे नहीं हो सकता है. इस बात से भी जेलेंस्‍की काफी खफा थे, जिसकी भड़ास उन्‍होंने ट्रंप के साथ हुई बैठक में निकाल दी.

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लगातार रूस के पक्ष लेते ट्रंप

डोनाल्‍ड ट्रंप अपनी दूसरी पारी में एकदम बदले-बदले नजर आ रहे हैं. वह शुरुआत से ही युद्ध रोकने और रूस का पक्ष लेते नजर आ रहे हैं. सऊदी अरब में हुई बैठक के बाद ट्रंप ने कहा था कि पुतिन भी युद्ध के पक्ष में नहीं हैं. वह भी शांति चाहते हैं और समझौते के लिए तैयार हैं. इस दौरान उन्‍होंने जेलेंस्‍की को 'तानाशाह' तक कह दिया. जेलेंस्‍की से बातचीत के दौरान भी ट्रंप लगातार रूस का पक्ष लेते हुए नजर आए. जेलेंस्की ने जब रूस के राष्ट्रपति पुतिन को हत्यारा कहा तो ट्रंप ने जेलेंस्की को फटकार लगा दी. ट्रंप ने कहा, 'आपको शुक्रगुजार होना चाहिए कि युद्ध को समाप्त करवाया जा रहा है. हम जो महसूस कर रहे हैं, उसे डिक्टेट करने की आप स्थिति में नहीं हैं. आपने हाथ में अब कुछ (कार्ड्स) नहीं बचा है. आप लाखों लोगों की जिंदगी से खेल रहे हैं. आप तीसरे विश्व युद्ध से खेल रहे हैं. आप जो कुछ कर रहे हैं, वह इस देश के लिए बहुत असम्मानजनक है.' अमेरिका का रूस के खिलाफ ये बदला नजरिया भी जेलेंस्‍की को रास नहीं आ रहा है. 

रूसी सेना ने यूक्रेन के कई शहरों पर बमबारी की और कई क्षेत्रों पर कब्ज़ा कर लिया. युद्ध अभी भी जारी है और दोनों पक्षों को भारी नुकसान हुआ है. युद्ध ने लाखों यूक्रेनियों को विस्थापित किया है. हजारों लोगों की जान जा चुकी है. यूक्रेन के कई शहर पूरी तरह से तबाह हो चुके हैं.
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अपने मिनिरल्स सौंपने का दर्द

यूक्रेन खनिजों के मामले में एक समृद्ध देश है. यहां कई प्रकार के खनिज पाए जाते हैं. यूक्रेन में टाइटेनियम, यूरेनियम, मैंगनीज और नेचुरल गैस जैसे कुछ प्रमुख खनिज हैं. रूसी सेना ने पूर्वी और दक्षिणी यूक्रेन के कुछ हिस्सों पर कब्जा कर लिया है. इन क्षेत्रों में बड़ी मात्रा में मिनिरल्स मौजूद हैं. अब अगर युद्ध विराम हो जाता है और समझौता होता है, तो यूक्रेन को अपने खनिज क्षेत्र का बड़ा हिस्‍सा रूस को सौंपना होगा. बीते 3 साल से रूस का जंग लड़ने का मकसद यही मिनिरल्‍स हैं. जेलेंस्‍की को अपने इन मिनिरल्‍स को सौंपने का दर्द भी है, जो ट्रंप के साथ बातचीत में ज्‍वालामुखी के रूप में फटा है.

हारने को अब कुछ नहीं है

24 फरवरी 2022 को रूस ने यूक्रेन पर आक्रमण का ऐलान कर दिया था. इसके बाद रूसी सेना ने यूक्रेन के कई शहरों पर बमबारी की और कई क्षेत्रों पर कब्ज़ा कर लिया. युद्ध अभी भी जारी है और दोनों पक्षों को भारी नुकसान हुआ है. युद्ध ने लाखों यूक्रेनियों को विस्थापित किया है. हजारों लोगों की जान जा चुकी है. यूक्रेन के कई शहर पूरी तरह से तबाह हो चुके हैं. अर्थव्‍यवस्‍था थप हो गई है. ऐसे में यूक्रेन के पास अब हारने को कुछ नहीं है. जेलेंस्‍की कई बार कह चुके हैं कि वह इस युद्ध को आत्‍मसम्‍मान और अपनी मातृभूमि की रक्षा के लिए लड़ रहे हैं. इंसान के पास जब कुछ खोने के लिए नहीं रहता, तो वह बेखौफ हो जाता है. जेलेंस्‍की की स्थिति भी इन दिनों कुछ यही है. इसीलिए उन्‍होंने विश्‍व के सबसे शक्तिशाली इंसान से भिड़ने से पहले एक बार भी नहीं सोचा. 

क्‍या यूक्रेन, बिना अमेरिका की मदद के रूस के सामने टिका रह सकता है? यूक्रेन को अभी यूरोपीय देशों का साथ मिल रहा है, क्‍या इनके दम पर वोलोदिमीर जेलेंस्की युद्ध में खड़े रह पाएंगे? रूस आखिर क्‍यों यूक्रेन के साथ अब समझौते को तैयार हो गया है?

जिद पर कायम जेलेंस्की

जेलेंस्की ने इस पूरे ड्रामे के लिए ट्रंप से माफी मांगने से इनकार किया है. फॉक्स न्यूज को दिए इंटरव्यू में जेलेंस्की ने कहा कि उन्हें नहीं लगता कि उन्होंने कुछ गलत किया है. उन्होंने कहा कि उन्हें इस बात का अफसोस जरूर है  कि यह पूरी दुनिया के मीडिया के सामने हुआ. 

वाइट हाउस से निकाले गए जेलेंस्की!

ट्रंप और जेलेंस्की के रिश्तों में कड़वाहट किस हद तक घुल गई है, उससे दोनों का एक मेज पर बैठना मुमकिन नहीं है. शुक्रवार की रात व्‍हाइट हाउस में माहौल कितना तनावपूर्ण था, इसे इस बात से समझा जा सकता है कि जेलेंस्की को वहां से समय से पहले ही निकलने का कह दिया गया. जेलेंस्की जिस मिनिरल्स डील के लिए आए थे, उस पर भी हस्ताक्षर नहीं किए गए. अमेरिकी मीडिया के मुताबिक, जेलेंस्की को ट्रंप के वरिष्ठ अधिकारियों ने व्‍हाइट हाउस से निकल जाने के लिए कहा था.

ये भी पढ़ें :- मैं ट्रंप से माफी नहीं मांगूंगा, जो हुआ वो दोनों देशों के लिए सही नहीं, फॉक्स न्यूज से बोले जेलेंस्की

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