Donald Trump Visit to China: अमेरिका में डोनाल्ड ट्रंप हमेशा ऐसी सत्ता चलाने की तरफ झुकाव दिखाते रहे हैं जहां नेता सबसे ऊपर हो, विरोध कम हो और सिस्टम पूरी तरह नियंत्रण में चले. अब जब 9 साल बाद वो फिर से अमेरिकी राष्ट्रपति के तौर पर चीन पहुंचे थे तो उन्हें सपना-सपना सा लगा होगा. बीजिंग की सख्त व्यवस्था, सैनिकों की एक जैसी चाल, झुके हुए सिर और पूरी तरह नियंत्रित माहौल में ट्रंप बेहद सहज नजर आए. ऐसा लगा मानो जिस तरह की ताकतवर सत्ता का सपना ट्रंप अमेरिका में देखते रहे, उसका असली रूप चीन में शी जिनपिंग जी रहे हैं.
बीजिंग के ग्रेट हॉल ऑफ द पीपल में गुरुवार को जब डोनाल्ड ट्रंप और शी जिनपिंग मिले, तब पूरी बैठक में ताकत और भव्यता का प्रदर्शन दिखा. चीनी सैनिकों की सटीक परेड, अमेरिकी और चीनी झंडे लहराते बच्चे, वरिष्ठ अधिकारी और अमेरिका के बड़े कारोबारी- सब कुछ बेहद योजनाबद्ध तरीके से तैयार किया गया था. ट्रंप ने अपने दौरे के पहले दिन चीन की तारीफ करते हुए कहा, “चीन खूबसूरत है.”
अमेरिका में चुनावों पर सवाल उठाने, यूनिवर्सिटियों पर दबाव बनाने और पत्रकारों को देशद्रोही कहने वाले ट्रंप चीन में काफी शांत और संभले हुए नजर आए. एक्सपर्ट्स का मानना है कि यूरोप की लोकतांत्रिक सरकारों के मुकाबले चीन जैसी सख्त व्यवस्था में उनका व्यवहार ज्यादा नरम दिखा.
ट्रंप को स्वागत समारोह की सैन्य भव्यता साफ तौर पर पसंद आई. सैनिक संगीत, संगीन लगी राइफलें लिए जवानों की एक जैसी चाल और औपचारिक वर्दियों में मार्च- सब कुछ बेहद अनुशासित था. अमेरिकी राष्ट्रगान के दौरान तियानआनमेन स्क्वायर में 21 तोपों की सलामी भी दी गई. याद कीजिए कि पिछले साल ट्रंप ने अपने जन्मदिन 14 जून पर वॉशिंगटन में सैन्य परेड करवाई थी. शी जिनपिंग का जन्मदिन उससे एक दिन बाद आता है. ट्रंप पहले भी चीनी सैनिकों के अनुशासन और एक जैसी लंबाई की तारीफ कर चुके हैं.
अमेरिका में ट्रंप को ऐसी लोकतांत्रिक व्यवस्था का सामना करना पड़ता है जहां लोग उनका मजाक उड़ा सकते हैं, उन्हें जवाब दे सकते हैं और 2020 की तरह उन्हें सत्ता से बाहर भी कर सकते हैं. लेकिन चीन में उन्हें एक ऐसा व्यवस्थित देश दिखता है जहां राष्ट्रपति पद की दो कार्यकाल की सीमा खत्म हो चुकी है. कुछ ऐसा ही तो वो अमेरिका में भी चाहते हैं.
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