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'पाषाण युग' में भेज दूंगा से 'स्वर्ण काल' लाऊंगा... 2 ट्वीट से समझिए ईरान पर ट्रंप ने कितनी पलटी मारी

ट्रंप पहले कह रहे थे कि वह ईरान को पाषाण युग में पहुंचा देंगे लेकिन अब कह रहे हैं कि ईरान में स्वर्ण काल लाएंगे. दूसरी ओर ईरान भी अब नरम नजर आ रहा है.

'पाषाण युग' में भेज दूंगा से 'स्वर्ण काल' लाऊंगा... 2 ट्वीट से समझिए ईरान पर ट्रंप ने कितनी पलटी मारी

ईरान और अमेरिका के बीच पिछले 39 दिनों से जारी भीषण तनाव और युद्ध की आहट के बीच एक ऐसी खबर आई है, जिसने पूरी दुनिया को हैरान कर दिया है. कल तक जो डोनाल्ड ट्रंप ईरान को 'पाषाण युग' में भेजने की धमकी दे रहे थे, आज वही ट्रंप ईरान के लिए 'स्वर्ण युग' के सपने देख रहे हैं. गौरतलब है कि मंगलवार रात ईरान और अमेरिका के बीच दो हफ्ते के युद्धविराम पर सहमति बन गई है. इस ऐतिहासिक बदलाव की शुरुआत ट्रंप के एक सोशल मीडिया पोस्ट से हुई. उन्होंने अपने प्लेटफॉर्म 'ट्रुथ सोशल' पर घोषणा की कि अमेरिका ने तेहरान द्वारा रखे गए 10-सूत्रीय प्रस्ताव को स्वीकार कर लिया है.

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इस समझौते के तहत सबसे महत्वपूर्ण फैसला दुनिया की 'तेल की नस' कहे जाने वाले होर्मुज जलडमरूमध्य को फिर से खोलने का है. ईरान इस रास्ते पर अपना नियंत्रण बरकरार रखेगा.

ट्रंप ने इस समझौते को दुनिया की शांति के लिए एक 'बड़ा दिन' बताया है. उन्होंने लिखा, "ईरान चाहता है कि ऐसा हो, उन्होंने बहुत झेल लिया है! और बाकी सब ने भी!" 

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पाषाण युग की धमकी से स्वर्ण काल तक का वादा

दिलचस्प बात यह है कि केवल एक हफ्ते पहले ट्रंप के तेवर बिल्कुल अलग थे. 1 अप्रैल को दिए अपने संबोधन में ट्रंप ने ईरान को सीधी चेतावनी दी थी कि अगर समझौता नहीं हुआ, तो अमेरिकी सेना ईरान के पावर प्लांट और बुनियादी ढांचे को तबाह कर देगी. उन्होंने कहा था, "अगले दो-तीन हफ्तों में हम उन्हें वापस पाषाण युग में ले जाएंगे, जहां उनकी असली जगह है." 

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ट्रंप ने कहा था कि अमेरिका ईरान के बिजली घरों और पुलों को निशाना बनाने के लिए तैयार है. लेकिन समझौते के बाद ट्रंप के शब्द पूरी तरह बदल चुके हैं. अब वे ईरान के पुनर्निर्माण की बात कर रहे हैं.

ट्रंप ने लिखा, "ईरान अब पुनर्निर्माण की प्रक्रिया शुरू कर सकता है. हम हर तरह की सप्लाई के साथ वहां मौजूद रहेंगे और यह सुनिश्चित करेंगे कि सब कुछ ठीक रहे, इसलिए हम वहीं मौजूद रहेंगे. मुझे भरोसा है कि यह मध्य पूर्व का 'स्वर्ण युग' हो सकता है, ठीक वैसा ही जैसा हम अमेरिका में देख रहे हैं."

ईरान नरम पड़ गया?

युद्धविराम से पहले ईरान के तेवर भी बेहद सख्त थे. ईरान ने साफ कह दिया था कि जब तक अमेरिका को 'स्थायी अपमान और आत्मसमर्पण' का सामना नहीं करना पड़ता, तब तक युद्ध जारी रहेगा. हालांकि, 10-सूत्रीय प्रस्ताव पर सहमति बनने के बाद अब दोनों पक्ष मेज पर बैठकर बातचीत करने को तैयार हैं. 

ट्रंप ने यह भी संकेत दिया कि होर्मुज स्ट्रेट में जहाजों की आवाजाही को सामान्य करने में अमेरिका मदद करेगा और इससे बड़े पैमाने पर पैसा भी कमाया जाएगा. फिलहाल यह युद्धविराम दो हफ्तों के लिए है, लेकिन इसने दुनिया को एक बड़ी राहत जरूर दी है.

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