- ट्रंप ने ईरान में सरकार विरोधी प्रदर्शनकारियों को देशभक्त करार देते हुए मदद भेजने का ऐलान किया है
- ट्रंप ने ईरान से सभी वार्ता रद्द कर दी है और प्रदर्शनकारियों की हत्याएं बंद होने तक वार्ता से इनकार किया है
- मीडिया रिपोर्ट के अनुसार ट्रंप को ईरान पर संभावित सैन्य हमलों के नए विकल्पों के बारे में ब्रीफ किया गया है
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप जल्द ही ईरान में कोई बड़ी कार्रवाई करने वाले हैं. इसके साफ संकेत उन्होंने मंगलवार को दिए. ईरान में सरकार विरोधी प्रदर्शनकारियों को देशभक्त करार देते हुए ट्रंप ने सोशल मीडिया पर कहा कि प्रोटेस्ट करते रहें, अपने संस्थानों पर कब्जा कर लें... आपके लिए मदद भेजी जा रही है. इस बीच, 'द न्यूयॉर्क टाइम्स' ने अपनी रिपोर्ट में दावा किया है कि राष्ट्रपति ट्रंप को हाल के दिनों में ईरान पर संभावित सैन्य हमलों के नए विकल्पों के बारे में ब्रीफ किया गया है. इस बीच, इजरायल की सिक्योरिटी कैबिनेट ने भी तुरंत बैठक बुलाई है, जिसका एकमात्र एजेंडा ईरान बताया गया है.
अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने अपने ट्रुथ सोशल प्लेटफॉर्म पर लिखा, "ईरानी देशभक्तों, प्रदर्शन जारी रखें, संस्थानों पर कब्जा कर लें! हत्यारों और अत्याचारियों के नाम लिखकर रख लें. उन्हें इस सबकी भारी कीमत चुकानी होगी... मदद रास्ते में है."

ट्रंप ने आगे कहा कि मैंने ईरानी अधिकारियों के साथ सभी बैठकें रद्द कर दी हैं. साफ कह दिया है कि जब तक प्रदर्शनकारियों की बेमतलब की हत्याएं बंद नहीं होतीं, कोई बातचीत नहीं होगी. उन्होंने अपने पसंदीदा नारे MIGA (Make Iran Great Again अमेरिका को महान बनाएं) का जिक्र करते हुए ईरानी प्रदर्शनकारियों के लिए मदद भेजने का भी ऐलान किया.
इससे पहले, ट्रंप ने सोशल मीडिया पर लिखा था, "ईरान आजादी की तरफ देख रहा है, शायद ऐसा पहले कभी नहीं हुआ. संयुक्त राज्य अमेरिका उनकी मदद के लिए तैयार खड़ा है." राष्ट्रपति के इस बयान ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर हलचल तेज कर दी है, खासकर तब जब ट्रंप ईरान में कार्रवाई की साफ साफ धमकी दे चुके हैं.
ट्रंप का ये ऐलान ऐसे समय आया है, जब ईरान के सैकड़ों शहरों में विरोध प्रदर्शनों का सिलसिला जारी है. विरोध की आवाज दबाने के लिए ईरानी सरकार ने देश भर में इंटरनेट को लगभग पूरी तरह ठप कर दिया है. इस ब्लैकआउट का मकसद प्रदर्शनों से जुड़ी जानकारियों और वीडियो को दुनिया के सामने आने से रोकना बताया जा रहा है.
राष्ट्रपति ट्रंप ने एक अन्य पोस्ट में लंदन में ईरानी दूतावास पर हुए विरोध प्रदर्शन का जिक्र किया. ट्रंप ने लिखा कि लंदन में एक प्रदर्शनकारी दूतावास की बालकनी पर चढ़ गया और वहां पर लगा ईरान की मौजूदा सरकार का झंडा हटाकर क्रांति से पहले का पुराना प्रतीक लहरा दिया." ये घटना विदेशों में रह रहे ईरानियों के बीच बढ़ते गुस्से और मौजूदा आयतुल्ला अली खामेनेई सरकार के खिलाफ बढ़ती एकजुटता को दर्शाती है.
ट्रंप प्रदर्शनकारियों पर हो रही बर्बरता के खिलाफ ईरान को पहले ही कड़ी चेतावनी दे चुके हैं. अमेरिकी अधिकारी सार्वजनिक रूप से ईरानी लोगों की हिम्मत की तारीफ कर रहे हैं और खामेनेई सरकार को प्रदर्शनकारियों की हत्याएं न करने की चेतावनी दे रहे हैं.
ट्रंप के कड़े तेवरों के बावजूद ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामनेई ने साफ कर दिया है कि सरकार इन प्रदर्शनों के आगे नहीं झुकेगी. उन्होंने प्रदर्शनों को हिंसक कार्रवाई करार देते हुए चेतावनी दी है. ईरान के एक अधिकारी ने 2000 से ज्यादा लोगों और सुरक्षाकर्मियों के मारे जाने की पुष्टि की है. हालांकि मानवाधिकार समूहों ने इससे कई गुना ज्यादा मौतों के दावे किए हैं.
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