- ट्रंप की करीबी एक्टिविस्ट लॉरा लूमर ने ईरान के सुप्रीम लीडर के अंतिम संस्कार पर हमला करने की वकालत की है
- लॉरा लूमर ने कहा कि अमेरिका और इजरायल को खामेनेई के अंतिम संस्कार के मौके पर जिहादियों पर हमला करना चाहिए
- लॉरा लूमर ने ईरान के साथ नरमी न दिखाने और अमेरिका-इजरायल को सख्ती बरतने की बार-बार अपील की है
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की करीबी एक्टिविस्ट लॉरा लूमर ने ऐसा बयान दिया है, जो ईरान के साथ तनाव बढ़ाने वाला है. यही नहीं उनके बयान की दुनिया भर में आलोचना हो रही है और बेहद क्रूर बताया जा रहा है. ऐसा इसलिए क्योंकि लॉरा लूमर ने 4 महीने बाद होने वाले ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्लाह खामेनेई के अंतिम संस्कार को हमले का सही वक्त बताया है. उनका कहना है कि इस मौके पर अमेरिका और इजरायल को चूकना नहीं चाहिए. उन्होंने एक्स पर लिखा, 'खामेनेई का अंतिम संस्कार हो रहा है? यह हमारे लिए टारगेट का मौका होगा.'
इसके अलावा एक और पोस्ट में लॉरा ने लिखा, 'मैं कभी इतने सारे जिहादियों पर एक साथ बम गिराने के लिए अमेरिका और इजरायल को ना नहीं कहूंगी.' लॉरा लूमर लंबे समय तक डोनाल्ड ट्रंप की करीबी रही हैं. उनका यह कहना रहा है कि अमेरिका और इजरायल को कभी भी ईरान पर नरमी नहीं दिखानी चाहिए. सोशल मीडिया पर किसी ने लिखा था कि सैयद अली खामनेई का शव इतने समय से डीप फ्रीजर में रखा है. अब उनको अंतिम विदाई दी जाएगी. इसी पोस्ट पर लॉरा लूमर ने लिखा कि यह मौका तो हमला करने के लिए सही वक्त है. उनकी इस टिप्पणी के लिए खूब आलोचना की जा रही है.
बता दें कि लॉरा लूमर अकसर इस्लाम को लेकर बेहद आपत्तिजनक टिप्पणियां करती रही हैं. वह अमेरिका की मुस्लिम सांसद इलहान उमर की भी आलोचक रही हैं. इलहान की तो डोनाल्ड ट्रंप भी आलोचना करते रहे हैं और कई बार मजाक भी उड़ाया है. लूमर ने डोनाल्ड ट्रंप को कई बार भू-राजनीतिक मामलों का जीनियस बताया है, लेकिन ईरान के साथ समझौते को लेकर उनका कहना था कि यह गलत है.
I'll never say no to an opportunity to see the US or IDF bomb a bunch of jihadis. https://t.co/qEuwAR6ayd
— Laura Loomer (@LauraLoomer) July 2, 2026
4 से 9 जुलाई तक होंगे अंतिम विदाई से जुड़े आयोजन
बता दें कि ईरान के शीर्ष नेता की 28 फरवरी को अमेरिका और इजरायल के हमले में मौत हो गई थी. तब से अब तक जंग जारी थी, लेकिन ईरान के साथ अमेरिका ने अब समझौता कर लिया है. ऐसी स्थिति में शिया मुल्क अब अपने पूर्व शीर्ष नेता को अंतिम विदाई देने वाला है. यह आयोजन 4 जुलाई से 9 जुलाई तक होगा. अपने शीर्ष नेता को विदाई देने के लिए ईरान में भारी भीड़ उमड़ने की संभावना है. पहले भी ईरान में किसी सैन्य अथवा राजनीतिक नेता की विदाई पर बड़ी संख्या में लोग जुटते रहे हैं.
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