US President Donald Trump Press Conference: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सुप्रीम कोर्ट द्वारा रेसिप्रोकल टैरिफ को खारिज किए जाने के बाद प्रेस कॉन्फ्रेंस कर अपने अगले कदमों का संकेत दिया. उन्होंने सेक्शन-122 के तहत दुनिया भर के देशों पर 10% ग्लोबल टैरिफ लगाने का भी ऐलान कर दिया. सुप्रीम कोर्ट के फैसले की आलोचना करते हुए ट्रंप ने कहा कि प्रशासन अब 'पावरफुल अल्टरनेटिव्स' के जरिए ट्रेड पॉलिसी को आगे बढ़ाएगा. भारत के साथ हाल ही में तय हुए ट्रेड फ्रेमवर्क के सवाल पर ट्रंप ने साफ कहा कि इसमें कोई बदलाव नहीं होगा. उन्होंने पीएम मोदी की प्रशंसा करते हुए उन्हें स्मार्ट और शानदार नेता बताया, लेकिन कहा कि भारत से 18% टैरिफ लेना जारी रहेगा.
अमेरिकी राष्ट्रपति ने कहा कि ट्रेड टैरिफ पर उनके पास कई विकल्प मौजूद हैं, बल्कि कोर्ट के फैसले से उन विकल्पों के द्वार खुले ही है. ट्रंप ने और भी कई मुद्दों पर बात की. ट्रंप के प्रेस कॉन्फ्रेंस की 10 बड़ी बातें यहां जान लीजिए.
- सुप्रीम कोर्ट के फैसले पर तीखा हमला: ट्रंप ने कहा कि अदालत का फैसला 'बेहद निराशाजनक' है और कुछ जजों में देशहित में फैसला लेने का साहस नहीं दिखा. उन्होंने जस्टिस थॉमस, एलिटो और कावानॉ के असहमति वाले मत की खुलकर तारीफ की और आरोप लगाया कि कुछ जज राजनीतिक दबाव और विदेशी हितों से प्रभावित हुए.
- 'पावरफुल अल्टरनेटिव्स' का ऐलान: उन्होंने साफ किया कि IEEPA टैरिफ रद्द होने के बावजूद राष्ट्रपति के पास कई मजबूत कानूनी विकल्प हैं. ट्रंप ने कहा कि ट्रेड एक्सपेंशन एक्ट 1962, ट्रेड एक्ट 1974 और टैरिफ एक्ट 1930 जैसे कानून उन्हें पहले से ज्यादा सख्त टैरिफ लगाने की अनुमति देते हैं.
- 10% ग्लोबल टैरिफ लगाने का फैसला: ट्रंप ने घोषणा की कि सेक्शन-122 के तहत तुरंत प्रभाव से 10 प्रतिशत का वैश्विक टैरिफ लगाया जाएगा. उन्होंने इसे अमेरिकी उद्योगों की सुरक्षा और व्यापार घाटे को कम करने की दिशा में बड़ा कदम बताया और कहा कि इससे अमेरिका में भारी राजस्व आएगा.
- पुराने राष्ट्रीय सुरक्षा टैरिफ रहेंगे लागू: उन्होंने कहा कि सेक्शन-232 और सेक्शन-301 के तहत पहले से लागू टैरिफ पूरी तरह जारी रहेंगे. ट्रंप के मुताबिक सुप्रीम कोर्ट ने सिर्फ AIPA के इस्तेमाल पर रोक लगाई है, बाकी ट्रेड पॉलिसी टूल्स पर कोई असर नहीं पड़ा.
- लाइसेंसिंग, एम्बार्गो और ट्रेड प्रतिबंध की ताकत: ट्रंप ने दावा किया कि कोर्ट के फैसले ने राष्ट्रपति को लाइसेंसिंग, एम्बार्गो और व्यापार रोकने जैसी शक्तियां और स्पष्ट कर दी हैं. उन्होंने कहा कि भले ही कुछ मामलों में फीस नहीं ली जा सकती, लेकिन अमेरिका जरूरत पड़ने पर विदेशी देशों पर सख्त व्यापारिक प्रतिबंध लगा सकता है.
- अर्थव्यवस्था और बाजार पर बड़े दावे: प्रेस कॉन्फ्रेंस में ट्रंप ने कहा कि उनके टैरिफ फैसलों की वजह से Dow और S&P जैसे इंडेक्स रिकॉर्ड स्तर पर पहुंचे हैं. उन्होंने दावा किया कि अमेरिका दुनिया की सबसे मजबूत अर्थव्यवस्था बन चुका है और नोबेल पुरस्कार विजेता अर्थशास्त्रियों की मंदी की भविष्यवाणी गलत साबित हुई.
- भारत-पाकिस्तान संघर्ष का जिक्र: ट्रंप ने फिर कहा कि उन्होंने भारत-पाकिस्तान समेत कई अंतरराष्ट्रीय संघर्षों को खत्म कराने में टैरिफ का इस्तेमाल किया. ट्रंप ने इसे अपनी ट्रेड रणनीति की सफलता बताया. हालांकि भारत पहले भी किसी तीसरे पक्ष की मध्यस्थता से इनकार करता रहा है.
- फैक्ट्री विजिट और रोजगार का हवाला: उन्होंने जॉर्जिया की एक स्टील फैक्ट्री का उदाहरण देते हुए कहा कि टैरिफ के कारण कई अमेरिकी कंपनियां बंद होने से बचीं और अब 24 घंटे काम कर रही हैं. ट्रंप के मुताबिक विदेशी आयात पर शुल्क बढ़ने से घरेलू मैन्युफैक्चरिंग और रोजगार में तेजी आई है.
- 175 अरब डॉलर टैरिफ रेवेन्यू पर सवाल: प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान उनसे पूछा गया कि कोर्ट के फैसले के बाद करीब 175 अरब डॉलर के टैरिफ राजस्व का क्या होगा. ट्रंप ने कहा कि फैसले में इस पर स्पष्टता नहीं है और यह मामला अगले कुछ वर्षों तक अदालतों में चल सकता है.
- विदेशी मुल्कों को सख्त चेतावनी: ट्रंप ने कहा कि जो देश अमेरिका के साथ अनुचित व्यापार करेंगे, उन्हें ज्यादा टैरिफ या प्रतिबंधों का सामना करना पड़ेगा. उन्होंने दावा किया कि कई देश अब नए व्यापार समझौतों के लिए अमेरिका से संपर्क कर रहे हैं और अमेरिका पहले से ज्यादा मजबूत स्थिति में है.
Source: White House
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