- NYT की रिपोर्ट में बताया गया है कि ईरान ने तुर्की में ट्रंप को मारने की योजना बनाई थी और उनकी लोकेशन पता थी
- US खुफिया एजेंसियों को जानकारी मिली कि एयर फोर्स वन पर जमीन से हवा में मार करने वाली मिसाइल से हमला हो सकता है
- तुर्की के नाटो सम्मेलन के दौरान ट्रंप को सुरक्षित निकालने के लिए गुप्त तरीके से विमान बदलने की योजना बनी थी
क्या ईरान ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को मौत के घाट उतारने की पूरी तैयारी कर ली थी. जंग के बीच डोनाल्ड ट्रंप तुर्की में थे, ईरान को यह पता था कि वह कहां ठहरे हैं, बिल्डिंग के किस फ्लोर पर उनका कमरा है. ईरान कंधे से चलने वाली मिसाइल लेकर तैयार भी था..... न्यूयॉर्क टाइम्स की रिपोर्ट में ऐसे खुलासे हुए हैं जो बता रहे हैं कि ट्रंप की जान किस हद तक खतरे में थे. इस रिपोर्ट में दावा किया गया है कि राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने पिछले महीने एयर फोर्स वन विमान बदलने का जो गुप्त फैसला लिया था, खाने के ट्रक में बैठकर दूसरे हेलीकॉप्टर से जो चुपके से यात्रा की थी, उसके वजह ईरान का गंभीर खतरा था.
यह ईरानी खतरा 8 जुलाई को तुर्की में नाटो शिखर सम्मेलन के आखिरी दिन से ठीक पहले सामने आया था.
रिपोर्ट में क्या पता चला?
न्यूयॉर्क टाइम्स की रिपोर्ट के अनुसार इस खतरे की जानकारी रखने वाले दो अमेरिकी अधिकारियों ने बताया कि अमेरिकी खुफिया एजेंसियों को इस बारे में कई अलग-अलग जानकारियां मिली थीं. उन्हें पता चला था कि एयर फोर्स वन पर जमीन से हवा में मार करने वाली मिसाइल से हमला करने का खास खतरा है. यानी जिस भी विमान में राष्ट्रपति सवार हों, वह ईरान के निशाने पर हो सकता था.
फिर चुपके से प्लेन बदलने वाला प्लान बना
अमेरिकी अधिकारियों को खतरे की यह जानकारी इतनी भरोसेमंद लगी कि ट्रंप और उनकी सरकार के बड़े अधिकारियों ने उन्हें तुर्की से सुरक्षित निकालने के लिए एक बेहद असाधारण योजना बनाई. कैमरों के सामने तो ट्रंप अपने पुराने एयर फोर्स वन विमान में सवार हुए. उन्होंने पहले ही कहा था कि वह इस विमान में पुराने दिनों की याद में सफर करेंगे. लेकिन इसके बाद गुपचुप तरीके से उन्हें एक एयरपोर्ट कैटरिंग कंटेनर (फुड ट्रक) के जरिए दूसरी जगह ले जाया गया. वहां से ट्रंप एक सैन्य विमान में सवार हुए और तुर्की से बाहर निकल गए.
ट्रंप की जान पर खतरा
ट्रंप पहले भी हमलों के निशाना पर रह चुके हैं. 2024 में पेंसिल्वेनिया के बटलर में चुनाव प्रचार के दौरान एक हमलावर की गोली ट्रंप को छूती हुई निकल गई थी. उसी साल बाद में फ्लोरिडा के उनके गोल्फ कोर्स में एक हथियारबंद व्यक्ति ने उन्हें निशाना बनाने की कोशिश की थी. हालांकि, इन दोनों हत्या के प्रयासों का ईरान से मिली धमकियों से कोई संबंध नहीं था.
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