अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने आरोप लगाया है कि ईरान ने विरोध प्रदर्शन कर रहे अपने 1 लाख नागरिकों की मौत के घाट उतार दिया है. इसके साथ ही ट्रंप ने ये भी दावा किया है कि ईरान अपनी सेना और आर्म्ड फोर्सेज को वेतन नहीं दे रहा है. अमेरिकी राष्ट्रपति का ये बयान US के होर्मुज स्ट्रेट में लारक आइलैंड पर दो ईरानी लॉन्च सिस्टम पर हमला करने के कुछ घंटों बाद आया है.
ट्रंप ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्रूथ सोशल पर लिखा, "ईरान ऑफिशियली एक फेल देश है. यह खत्म हो चुका है. उनके पास कोई नेवी नहीं है, उनके पास कोई एयर फोर्स नहीं है, उनके पास कोई करेंसी नहीं है. वे अपने सैनिकों या पुलिस को पेमेंट नहीं कर रहे हैं. महंगाई 300% पर है और उनकी लीडरशिप पूरी तरह से बिखरी हुई है और देश को ठीक से रिप्रेजेंट करने में नाकाम है."
'अपने प्रोटेस्टर्स को मारने की नीयत'
ट्रंप ने आगे कहा, "उनके पास सिर्फ फेक न्यूज है और अपने प्रोटेस्टर्स को मारने की नीयत है. अब 100,000 से ज्यादा लोग मारे जा चुके हैं. उन पर इंसानियत के खिलाफ वॉर क्राइम के लिए केस चलना चाहिए."

Add image caption here
अमेरिका ने ईरान पर हमला किया
अमेरिकी सेना ने ईरान के लारक द्वीप को निशाना बनाते हुए बड़ा हमला किया. अमेरिका ने दो रॉकेट लॉन्चर्स पर सीधा हमला किया. 30 जुलाई के बाद यह अमेरिका का ईरान पर पहला बड़ा हमला है.
ईरान के सेमी-ऑफिशियल मीडिया ने भी इस हमले की पुष्टि करते हुए बताया कि कई सैनिक और नागरिक मारे गए हैं. ईरान का कहना है कि अमेरिका ने ड्रोन से हमला किया है. वहीं इस हमले के बाद ईरान ने भी अमेरिका पर पलटवार करने का ऐलान किया है.
यह भी पढ़ें: अमेरिकी हमले से दहला ईरान का लारक द्वीप, एक महीने बाद फिर होर्मुज में अटैक, ईरान बोला- अंजाम भुगतना होगा
NDTV.in पर ताज़ातरीन ख़बरों को ट्रैक करें, व देश के कोने-कोने से और दुनियाभर से न्यूज़ अपडेट पाएं