- CIA डायरेक्टर जॉन रैटक्लिफ ने कहा ये अब तक का सबसे बड़ा डेली ब्रीफ सेट है.
- 1998 के दस्तावेजों में तालिबान द्वारा बिन लादेन को मेहमान बताकर सौंपने से इनकार का भी जिक्र.
- विमान अपहरण की ट्रेनिंग और न्यूयॉर्क एयरपोर्ट पर ट्रायल रन के बारे में भी बताया गया है.
11 सितंबर, 2001 के हमलों की 25वीं बरसी पर अमेरिकी राष्ट्रपति को दी जाने वाली कई दर्जन ब्रीफिंग रिपोर्ट सार्वजनिक की गई हैं. इन रिपोर्टों में उन खुफिया जानकारियों का ब्योरा है, जो सरकारी अधिकारियों ने ओसामा बिन लादेन और अल-कायदा के बारे में उन हाईजैकिंग घटनाओं से पहले जुटाई थीं, जिनमें करीब 3,000 लोग मारे गए थे और अमेरिका की नेशनल सिक्योरिटी को भारी झटका लगा था. ये दस्तावेज दिखाते हैं कि सुरक्षा विश्लेषक किस तरह बिन लादेन की गतिविधियों और उसके सपोर्ट सिस्टम पर नजर रख रहे थे.
इंटेलिजेंस ने क्या कहा?
इसे 'बेहद पारदर्शिता वाला काम' बताते हुए, CIA (सेंट्रल इंटेलिजेंस एजेंसी) के डायरेक्टर जॉन रैटक्लिफ ने कहा कि ये दस्तावेज एजेंसी द्वारा जारी किए गए राष्ट्रपति के लिए तैयार रोजाना की ब्रीफिंग (प्रेसिडेंशियल डेली ब्रीफ्स) का अब तक का सबसे बड़ा सेट हैं. ये ब्रीफिंग देश की इंटेलिजेंस कम्युनिटी सरकार के सबसे सीनियर नेताओं के लिए तैयार करती थी और इन्हें बहुत गोपनीय माना जाता था.
इन दस्तावेजों में फरवरी 1998 की एक फाइल शामिल है, जिसे तत्कालीन राष्ट्रपति बिल क्लिंटन के लिए तैयार किया गया था. इसका टाइटल था 'Terrorists Seeking WMD Capability' और इसमें बिन लादेन और अन्य इस्लामी चरमपंथियों का जिक्र था. इसके अलावा, इसमें 12 सितंबर 2001 की एक रिपोर्ट भी है, जिसमें एक सूत्र ने बताया था कि इन हमलों की योजना दो साल से बनाई जा रही थी और इनमें अमेरिकी कैपिटल को भी निशाना बनाया गया था.
अप्रैल 1998 के एक डॉक्यूमेंट में तालिबान द्वारा बिन लादेन को सौंपने से इनकार करने का जिक्र था. उस वक्त बिन लादेन को अफगानिस्तान में उनका 'मेहमान' माना जाता था. दस्तावेज में कहा गया था कि 'सोवियत कब्जे के दौरान मिली मदद के लिए उनका शुक्रगुजार होने' की वजह से तालिबान 'उसकी गतिविधियों पर नजर रखकर या उसे कंट्रोल करके उससे दूरी बनाने में हिचकिचा' रहा था.
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दिसंबर 1998 में विमान अपहरण की संभावनाओं पर भी चर्चा हुई थी. उस वक्त एक ब्रीफर ने बताया था कि कैसे साजिश रचने वालों ने 'न्यूयॉर्क के एक अज्ञात एयरपोर्ट पर हाल ही में किए गए ट्रायल रन के दौरान सुरक्षा जांच को चकमा दिया' और 'बिन लादेन नेटवर्क के कुछ सदस्यों ने विमान अपहरण की ट्रेनिंग ली है.'
दूसरे दस्तावेजों में बिन लादेन की तरफ से 'डर्टी बम' (रेडियोएक्टिव मटीरियल वाले पारंपरिक हथियार) बनाने के लिए जरूरी सामान जुटाने की कोशिशों का ब्योरा है.
इंटेलिजेंस अधिकारियों के मुताबिक, जून 1999 तक उसके गुर्गों ने विस्फोटकों के साथ ऐसे एक्सपेरिमेंट किए थे, जिससे उनकी ऊर्जा क्षमता बढ़ाई जा सके.
कई दस्तावेजों में जानकारी देने वालों के नाम और पहचान बताने वाली दूसरी जानकारियों को छिपा दिया गया था. ऐसा नहीं लगा कि इन दस्तावेजों से हमलों की योजना या अमेरिकी अधिकारियों की इस समझ के बारे में कोई नई बात सामने आई हो कि हमले कैसे हुए थे.
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