वेटिकन सिटी:
पोप बेनेडिक्ट सोलहवें ने क्रिसमस को लेकर बढ़ते उपभोक्तावाद की आलोचना की है। वह क्रिसमस से पूर्व होने वाली प्रार्थना सभा में शामिल हुए और श्रद्धालुओं से अनुरोध किया कि वे इस छुट्टी की ऊपरी तड़क भड़क से ऊपर उठकर इसका वास्तविक अर्थ खोजें। बेनेडिक्ट (84) ने खचाखच भरे सेंट पीटर्स के बासिलिका में आयोजित प्रार्थना सभा की अध्यक्षता की और करीब दो सप्ताह तक चलने वाली अपनी क्रिसमस से जुड़ी सार्वजनिक उपस्थिति की शुरूआत की। क्रिसमस की पूर्व संध्या पर होने वाली प्रार्थना रात 10 बजे समाप्त हो गई जो कई वर्ष पहले देर रात तक चलती थी और पोप क्रिसमस के दिन भाषण देते थे। वयोवृद्ध बेनेडिक्ट को एक चलते हुए प्लैटफार्म के जरिये बासिलिका के केंद्रीय गलियारे तक पहुंचाया गया ताकि उन्हें पैदल न चलना पड़े। प्रार्थना सभा के दौरान बेनेडिक्ट देर रात और सूखी खांसी होने के बावजूद काफी अच्छे दिखाई दिये। हालांकि खांसी ने उनके उपदेशों के दौरान बाधा डाली। अपने भाषण में बेनेडिक्ट ने इस बात की कड़ी आलोचना की कि क्रिसमस तेजी से एक व्यवसायिक जश्न का रूप लेता जा रहा है जिसने ईसा मसीह के जन्म दिन के संदेश को धुंधला कर दिया है।
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