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ChatGPT को डायरी समझना पड़ा भारी, दूसरों को प्रताड़ित करने की टिप्स पूछते थे अधिकारी, एक गलती से एक्सपोज हुआ ची

एक चीनी अधिकारी ने ChatGPT को निजी डायरी की तरह इस्तेमाल किया, जिससे चीन का एक गुप्त दमन और बदनाम करने वाला कैंपेन उजागर हो गया. OpenAI की जांच में पता चला कि यह नेटवर्क फर्जी दस्तावेज, धमकियों, झूठी मौत की खबरें और विश्व नेताओं को निशाना बनाने जैसी गतिविधियों में शामिल था.

ChatGPT को डायरी समझना पड़ा भारी, दूसरों को प्रताड़ित करने की टिप्स पूछते थे अधिकारी, एक गलती से एक्सपोज हुआ ची
  • चीन के एक अधिकारी ने ChatGPT को निजी डायरी की तरह उपयोग कर गुप्त अभियान चलाया था.
  • इस अभियान में अमेरिकी इमिग्रेशन अधिकारियों के नाम से चीनी असंतुष्टों को धमकी भरे संदेश भेजे गए.
  • ChatGPT का इस्तेमाल मुख्य रूप से योजना बनाने और रिकॉर्ड रखने के लिए किया गया.
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आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के बढ़ते इस्तेमाल के बीच एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है. OpenAI की एक ताजा रिपोर्ट के अनुसार, चीन के एक कानून प्रवर्तन अधिकारी ने ChatGPT को निजी डायरी की तरह इस्तेमाल किया, जिसके चलते एक गुप्त अंतरराष्ट्रीय अभियान का पर्दाफाश हो गया.

रिपोर्ट में बताया गया है कि यूजर ChatGPT पर लगातार नोट्स लिख रहा था, जिनमें विदेशों में रह रहे चीनी असंतुष्टों को डराने-धमकाने की कथित योजनाएं लिखता था. इन्हीं बातचीतों के पैटर्न से OpenAI की आंतरिक टीम को संदिग्ध गतिविधि का पता चला, जिसके बाद उस अकाउंट को बैन कर दिया गया.

विदेशी असंतुष्ट (Foreign Dissidents) वे लोग होते हैं जो अपने देश की सरकार, नीतियों या तानाशाही के खिलाफ बोलते हैं, और इस वजह से उन्हें अपनी जान का खतरा होने पर दूसरे देशों में जाकर शरण लेनी पड़ती है.

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क्या करता था ChatGPT यूजर

OpenAI के अनुसार, इस अभियान के तहत, अमेरिका में रह रहे चीनी असंतुष्टों (Chinese dissident) को कथित तौर पर अमेरिकी इमिग्रेशन अधिकारियों के नाम से धमकी भरे संदेश भेजे गए. नकली अदालती दस्तावेज तैयार कर सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर अकाउंट हटवाने की कोशिश की गई. सैकड़ों लोगों और हजारों फर्जी ऑनलाइन अकाउंट्स के जरिए समन्वित गतिविधियां चलाई गईं.

कंपनी ने स्पष्ट किया कि ChatGPT का उपयोग मुख्य रूप से योजना बनाने और रिकॉर्ड रखने के लिए किया गया था, न कि बड़े पैमाने पर सामग्री तैयार करने के लिए.

फर्जी मौत की साजिश

रिपोर्ट में यह भी सामने आया है कि अभियान के दौरान एक चीनी असंतुष्ट की मौत की झूठी खबर फैलाने की कोशिश की गई. ChatGPT में दर्ज विवरणों के अनुसार, एक नकली शोक-संदेश और कब्र की तस्वीरें बनाकर ऑनलाइन साझा की गईं. बाद में यही अफवाहें 2023 में Voice of America की चीनी अखबार में रिपोर्ट की गई थीं.

ChatGPT से लीं टिप्स

OpenAI के प्रमुख जांचकर्ता Ben Nimmo ने CNN से बातचीत में कहा, 'यह आधुनिक ट्रांसनेशनल दमन का उदाहरण है. यह सिर्फ ऑनलाइन ट्रोलिंग नहीं, बल्कि एक औद्योगिक स्तर का अभियान है, जिसमें हर जगह और हर माध्यम से आलोचकों को निशाना बनाया जाता है.'

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ChatGPT से मांगी जापान की पीएम को बदनाम करने की टिप्स

रिपोर्ट के मुताबिक, यह अभियान केवल चीनी असंतुष्टों तक सीमित नहीं था. यूजर्स ने ChatGPT से जापान की भावी प्रधानमंत्री Sanae Takaichi को बदनाम करने की रणनीति तैयार करने में भी मदद मांगी थी, जिसमें अमेरिकी टैरिफ को लेकर नाराजगी बढ़ाने की योजना शामिल थी.

खुफिया एजेंसियां नहीं, AI बना ‘ट्रिपवायर'

दिलचस्प बात यह है कि इस पूरे मामले का खुलासा न तो CIA ने किया और न ही MI6 ने, बल्कि एक AI प्लेटफॉर्म की आंतरिक निगरानी प्रणालियों ने किया. विशेषज्ञों का मानना है कि यह घटना एक चेतावनी है. AI को निजी और पूरी तरह सुरक्षित मानना गंभीर परिणाम ला सकता है.

गौरतलब है कि जैसे-जैसे साइबर युद्ध का स्वरूप बदल रहा है, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस एक नया मोर्चा बनता जा रहा है. यह मामला दिखाता है कि AI केवल हथियार नहीं, बल्कि कभी-कभी सच्चाई को उजागर करने वाला आईना भी बन सकता है.

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