
चीन ने अमेरिका के उस नए कानून की आलोचना की है जिसके तहत उइगरों और अन्य मुस्लिम अल्पसंख्यकों का सामूहिक उत्पीड़न करने के जिम्मेदार अधिकारियों पर प्रतिबंध लगाया जा सकेगा. चीन (China) ने कहा कि यह कानून झिंजियांग क्षेत्र में चीन की नीति पर "दुर्भावनापूर्ण तरीके से हमला करता है." गौरतलब है कि चीन के राष्ट्रपति ने डोनाल्ड ट्रंप प्रशासन द्वारा बुधवार को उइगर मानवाधिकार अधिनियम (Uighur Human Rights Act) पर हस्ताक्षर किए जाने के बाद एक बयान में कहा, "चीन इसे किसी भी तरह से बर्दाश्त नहीं करेगा और अमेरिका (USA) को इसके परिणामों को भुगतना होगा."
अमेरिकी कांग्रेस की ओर से लगभग सर्वसम्मति से पारित किया गया इस कानून में अमेरिकी प्रशासन को उन चीन अधिकारियों पर 'कार्रवाई' का प्रावधान किया गया है जो उइगरों और अन्य अल्पसंख्यकों की "मनमानी हिरासत, यातना और उत्पीड़न" के लिए जिम्मेदार हैं. नए कानून में मुसलमानों के उत्पीड़न और मानवाधिकार हनन के जिम्मेदार अधिकारियों का वीजा वापस लेने का प्रावधान होगा.इसके तहत अमेरिका, दुनिया की सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था वाले देश में ऐसे अधिकारी की संपत्ति को फ्रीज कर सकेगा और देश में उनके प्रवेश पर प्रतिबंध लगा सकेगा.
चीन के विदेश मंत्रालय ने एक बयान में कहा कि कानून स्पष्ट तौर पर चीन के आंतरिक मामलों में अशिष्ट रूप से हस्तक्षेप करता है. इसके साथ ही बीजिंग ने अमेरिका से "अपनी गलतियों को तुरंत सुधारने" का आग्रह किया है. चीन के विदेश मंत्रालय ने कहा, "यह तथाकथित कार्य जानबूझकर शिनजियांग में मानवाधिकारों की स्थिति को खराब करता है और चीन की नीति पर प्रहार की तरह है." चीन के झिंजियांग राज्य के सुदूर पश्चिमी क्षेत्र में उइगर मुसलमानों के साथ अत्याचार की रिपोर्ट कई बार सामने आई हैं. यहां पर उइगर मुसलमानों को बढ़ी हुई दाढ़ी और ज्यादा बच्चे होने के कारण नजरबंद शिविरों में भेजने का भी खुलासा हुआ था.
(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
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