
पाकिस्तान में मार गिराया गया ड्रोन (फाइल फोटो)
बीजिंग:
चीन ने ड्रोन के निर्यात पर सख्त पाबंदिया लगा दी है। ऐसा पाकिस्तान के दावे पर हुए विवाद की पृष्ठिभूमि में किया गया है, जिसमें उसने कहा था कि उसने नियंत्रण रेखा पर भारत के जासूसी ड्रोन को मार गिराया है। बाद में पता चला कि वह चीन में बना यूएवी है।
सरकारी समाचार एजेंसी शिन्हुआ ने खबर दी है कि चीन की प्रौद्योगिकी कंपनियों को शक्तिशाली ड्रोन या कंप्यूटरों का निर्यात करने से पहले मंजूरी लेनी होगी।
वाणिज्य मंत्रालय (एमओसी) और सीमा शुल्क के सामान्य प्रशासन द्वारा शुक्रवार को ऐलान किए गए नए नियमों के तहत जो कंपनियां ड्रोन और कंप्यूटर बनाती हैं उनको मंत्रालय में खुद का पंजीकरण कराना होगा और उनका निर्यात करने से पहले लाइसेंस लेना होगा।
इन चीजों में, मानव रहित विमान शामिल हैं जो एक घंटे से ज्यादा वक्त तक उड़ सकते हो। कंपनियों को अब उत्पाद की तकनीकी विशेषताएं और किन के द्वारा वे इस्तेमाल किए जाएंगे उसके दस्तावेज मुहैया कराने होंगे।
एमओसी ने कहा कि उनकी आवेदन की स्थिति को 45 कार्य दिवसों के अंदर अधिसूचित किया जाएगा।
सरकारी समाचार एजेंसी शिन्हुआ ने खबर दी है कि चीन की प्रौद्योगिकी कंपनियों को शक्तिशाली ड्रोन या कंप्यूटरों का निर्यात करने से पहले मंजूरी लेनी होगी।
वाणिज्य मंत्रालय (एमओसी) और सीमा शुल्क के सामान्य प्रशासन द्वारा शुक्रवार को ऐलान किए गए नए नियमों के तहत जो कंपनियां ड्रोन और कंप्यूटर बनाती हैं उनको मंत्रालय में खुद का पंजीकरण कराना होगा और उनका निर्यात करने से पहले लाइसेंस लेना होगा।
इन चीजों में, मानव रहित विमान शामिल हैं जो एक घंटे से ज्यादा वक्त तक उड़ सकते हो। कंपनियों को अब उत्पाद की तकनीकी विशेषताएं और किन के द्वारा वे इस्तेमाल किए जाएंगे उसके दस्तावेज मुहैया कराने होंगे।
एमओसी ने कहा कि उनकी आवेदन की स्थिति को 45 कार्य दिवसों के अंदर अधिसूचित किया जाएगा।