जम्मू:
पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर में चीनी सेना के अभियंताओं की बढ़ती उपस्थिति भारतीय सेना के लिए चिंता का विषय बना हुआ है। सेना के एक वरिष्ठ अधिकारी ने यह जानकारी दी। सेना के वरिष्ठ कमांडर ने कहा कि पीपुल्स लिबरेशन आर्मी (पीएलए) के कितने सिपाही और अभियंता नियंत्रण रेखा (एलओसी) के पार पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर में बुनियादी ढांचे के निर्माण में लगे हैं, इसके बारे में अभी सही संख्या नहीं बताई जा सकती। लेकिन पिछले कुछ महीनों में इस संख्या में इजाफा हुआ है। एलओसी जम्मू और कश्मीर को भारत और पाकिस्तान के बीच विभाजित करती है। जम्मू से करीब 160 किलोमीटर की दूरी पर स्थित राजौरी में पत्रकारों से बातचीत के दौरान मेजर जनरल के. एच. सिंह ने बताया, "हमारी खुफिया एजेंसी की रिपोर्ट ने पीएलए के चीनी सिपाहियों और अभियंताओं की संख्या में लगातार वृद्धि होने की पुष्टि की है।" सिंह ने एक कार्यक्रम के दौरान पत्रकारों को यह जानकारी दी। विशेष रूप से 2005 में भूकंप आने के बाद जब बहुत से निर्माण कार्य चीनी कम्पनियों को दिए गए थे, तभी से भारतीय सेना को पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर में चीनी सैनिकों की बड़ी संख्या में उपस्थिति की जानकारी थी। समाचार पत्र 'न्यूयॉर्क टाइम्स' में छपी एक रिपोर्ट में गिलगित और बाल्तिस्तान सहित पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर में 15,000 चीनी सैनिकों के जमावड़े की बात कही गई है। मेजर सिंह ने कहा कि भारतीय सेना पाकिस्तान के अधिकार वाले क्षेत्र में इतनी बड़ी संख्या में चीनी जवानों के जमावड़े के उद्देश्य का पता लगाने की कोशिश कर रही है।
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