- इस साल चीन की नेशनल यूनिवर्सिटी एग्जाम गाओकाओ में रजिस्ट्रेशन कराने वाले छात्रों की संख्या में कमी आई है
- आबादी में कमी और रोजगार बाजार की चुनौतियों के कारण युवाओं में पारंपरिक डिग्री लेने की रुचि कम हो रही है
- चीन में 16 से 24 साल की आयु के युवाओं के बीच बेरोजगारी दर 16% से अधिक हो चुकी है
चीन की सबसे प्रतिष्ठित और कठिन मानी जाने वाली राष्ट्रीय विश्वविद्यालय प्रवेश परीक्षा, 'गाओकाओ' (Gaokao) में बैठने वाले छात्रों की संख्या में इस साल ऐतिहासिक गिरावट आई है. शिक्षा मंत्रालय की ओर से जारी आंकड़ों के अनुसार, इस रविवार से शुरू होने वाली इस परीक्षा के लिए रजिस्ट्रेशन कराने वाले चीनी छात्रों की संख्या पिछले साल की तुलना में 4,50,000 घटकर 12.9 मिलियन (1.29 करोड़) रह गई है.
विश्लेषकों का मानना है कि ये गिरावट देश में कॉलेज जाने योग्य युवाओं की आबादी में कमी और चीन के बेहद चुनौतीपूर्ण रोजगार बाजार के कारण आ रही है, जिसने युवाओं को पारंपरिक अकादमिक डिग्री हासिल करने से पीछे हटने पर मजबूर कर दिया है.
वर्तमान में चीन में 16 से 24 साल की आयु के युवाओं के बीच बेरोजगारी दर 16% से अधिक हो चुकी है. स्थिति तब और गंभीर होने की आशंका है जब इस गर्मी में रिकॉर्ड 12.7 मिलियन (1.27 करोड़) नए विश्वविद्यालय स्नातक डिग्री पूरी कर नौकरी के बाजार में कदम रखेंगे.
चरवाहे की 2 नौकरियों के लिए आए 700 से अधिक आवेदन
देश के नौकरी बाजार में बढ़ते दबाव और तनाव का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि हाल ही में मंगोलिया के दक्षिण में स्थित सुदूर घास के मैदानों में चरवाहे (Shepherd) के केवल दो पदों के लिए 700 से अधिक लोगों ने आवेदन कर दिया.

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यह विज्ञापन एक स्थानीय चीनी किसान ज़ुओ ज़ियाओयोंग ने ऑनलाइन पोस्ट किया था, जिसे चीन के सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'वीबो' पर कुछ ही घंटों में 59 मिलियन (5.9 करोड़) व्यूज़ मिले. आवेदन करने वालों में चीन के बड़े महानगरों जैसे शंघाई और चोंगकिंग के उच्च-वर्गीय कर्मचारी, कारखाने के श्रमिक और कई विश्वविद्यालय स्नातक भी शामिल हैं.
डिग्री के बजाय वोकेशनल कोर्सेस पर भरोसा
बदलते हालातों के बीच चीनी युवा अब पारंपरिक डिग्री के बजाय वोकेशनल कोर्स को चुन रहे हैं, जो सीधे रोजगार की गारंटी देते हैं. स्थानीय मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, शंघाई के व्यावसायिक कॉलेजों में पिछले तीन सालों में नामांकन में 15% की वृद्धि हुई है. वहीं बीजिंग के एक व्यावसायिक स्कूल में मात्र 30 सीटों के लिए सैकड़ों माता-पिता अपने बच्चों का रजिस्ट्रेशन कराने के लिए कतारों में खड़े देखे गए.
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हाई-टेक धोखाधड़ी को रोकने के लिए पुख्ता इंतजाम
हालांकि शिक्षा मंत्रालय ने घटते रजिस्ट्रेशन पर कोई आधिकारिक बयान नहीं दिया है, लेकिन उसने परीक्षा की शुचिता बनाए रखने के लिए कड़ी चेतावनी जारी की है. मंत्रालय ने कहा कि वह झूठे प्रचार, अधिक फीस और धोखाधड़ी जैसी अनियमितताओं पर कड़ी कार्रवाई करेगा.
इस साल परीक्षा देने वाले करोड़ों छात्रों के लिए सुरक्षा उपायों को हाई-टेक कर दिया गया है. परीक्षा केंद्रों पर मोबाइल फोन और स्मार्ट ग्लास जैसे आधुनिक उपकरणों के जरिए होने वाली चोरी को रोकने के लिए 'इंटेलिजेंट स्क्रीनिंग सिस्टम' तैनात की गई है.
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