जिनपिंग के खिलाफ बाइडेन के तीखे बयान पर चीन की सधी प्रक्रिया, मतभेद दूर करने पर दिया जोर

बाइडेन ने चीनी राष्ट्रपति के निरंकुश शासन के तरीके को रेखांकित करते हुए कहा था कि जिनपिंग लोकतांत्रिक विचारों के सांचे में ढले नहीं हैं.

जिनपिंग के खिलाफ बाइडेन के तीखे बयान पर चीन की सधी प्रक्रिया, मतभेद दूर करने पर दिया जोर

China के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने कहा, दोनों देशों के बीच हर स्तर पर संवाद जरूरी

बीजिंग:

चीन ने अमेरिका की सत्ता संभालने वाले जो बाइडेन (Joe Biden) के राष्ट्रपति शी जिनपिंग (XI Jinping) के खिलाफ तीखे बयान पर सधी प्रतिक्रिया दी है. चीन ने सोमवार को अमेरिकी राष्ट्रपति (US President) जो बाइडेन के बयान को नजरअंदाज करते हुए कहा कि दोनों देशों को सहयोग पर ध्यान देना चाहिए और मतभेद दूर करने चाहिए.

बाइडेन ने शनिवार को एक न्यूज चैनल को दिए इंटरव्यू में कहा था कि 20 जनवरी को शपथ ग्रहण के बाद से उन्होंने अभी तक राष्ट्रपति शी जिनपिंग (Chinese President) के साथ बातचीत नहीं की है. बाइडेन ने कहा था कि जब वे दोनों अपने-अपने देशों के उपराष्ट्रपति थे तब वे कई मौकों पर मिल चुके थे. बाइडेन ने चीनी राष्ट्रपति के निरंकुश शासन के तरीके को रेखांकित करते हुए कहा था कि जिनपिंग लोकतांत्रिक विचारों के सांचे में ढले नहीं हैं. लेकिन जब वे दोनों मिलेंगे तो उनके पास बात करने के लिए काफी कुछ होगा.


बाइडेन की टिप्पणी पर चीनी विदेश मंत्रालय प्रवक्ता वांग वेनबिन ने सोमवार को कहा कि राष्ट्रपति शी जिनपिंग का राष्ट्रपति बाइडेन के साथ कई बार संपर्क हुआ है. दोनों देशों के बीच समझ और संबंधों के विकास के लिए चीन और अमेरिका के बीच हर स्तर पर संवाद बनाए रखना जरूरी है.

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वांग यी ने कहा कि चीन अमेरिका के साथ एक ऐसा संबंध विकसित करने के लिए दृढ़ है, जो टकराव के बिना सम्मान और सहयोग पर आधारित हों. लेकिन चीन अपनी राष्ट्रीय संप्रभुता, सुरक्षा और विकास हितों की दृढ़ता से रक्षा करना जारी रखेगा. दोनों पक्षों को सहयोग पर ध्यान देकर मतभेद दूर करने पर ध्यान देना चाहिए. चीन-अमेरिका संबंधों के विकास को बढ़ावा देना चाहिए.



(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)