- ब्रिटेन के प्रधानमंत्री ने पीटर मेंडेलसन को राजदूत नियुक्त करने में अपनी गलती स्वीकार की है
- स्टारमर ने बताया कि विदेश कार्यालय के अधिकारियों ने उन्हें मेंडेलसन की असफल सुरक्षा जांच पर सूचित नहीं किया था
- विपक्षी सांसदों ने प्रधानमंत्री पर सुरक्षा जांच को नजरअंदाज करने और जानकारी छिपाने के दावे किए
ब्रिटेन के प्रधानमंत्री कीर स्टारमर ने सोमवार को स्वीकार किया कि जेफरी एपस्टीन के मित्र पीटर मेंडेलसन को वाशिंगटन में ब्रिटेन का राजदूत नियुक्त करना उनकी गलती थी. हालांकि, उन्होंने इस्तीफे के दबाव को भी खारिज कर दिया. स्टारमर ने कहा कि अगर उन्हें पता होता कि मेंडेलसन सुरक्षा जांच में असफल रहे हैं, तो वे नियुक्ति वापस ले लेते. उन्होंने यह समझाने की कोशिश की कि मेंडेलसन को ब्रिटेन का सबसे महत्वपूर्ण राजनयिक पद क्यों दिया गया. स्टारमर ने इसका सीधा दोष विदेश कार्यालय के अधिकारियों पर डाला, जिन्होंने कथित तौर पर उन्हें सुरक्षा संबंधी चिंताओं के बारे में नहीं बताया और इसके चलते मेंडेलसन की नियुक्ति को मंजूरी दे दी.
स्टारमर ने कहा- 'ये चौंकाना वाला'
स्टारमर ने हाउस ऑफ कॉमन्स में सांसदों से कहा कि अगर उन्हें सच्चाई पता होती, तो वे नियुक्ति को आगे नहीं बढ़ाते. उन्होंने इसे "सचमुच चौंकाने वाला" बताया कि अधिकारियों ने उन्हें असफल जांच के बारे में नहीं बताया. स्टारमर ने आगे कहा, "इस मामले के मूल में एक ऐसा निर्णय भी है जो मैंने गलत लिया था. मुझे पीटर मैंडेलसन को नियुक्त नहीं करना चाहिए था." “मैं उस फैसले की जिम्मेदारी लेता हूं, और मैं बाल यौन शोषण के दोषी जेफरी एपस्टीन के पीड़ितों से एक बार फिर माफी मांगता हूं, जिन्हें मेरे फैसले से स्पष्ट रूप से नुकसान हुआ.”
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स्टारमर ने सितंबर में, पदभार संभालने के नौ महीने बाद, मैंडेलसन को बर्खास्त कर दिया, जब एपस्टीन के साथ उनकी दोस्ती के बारे में नए खुलासे हुए. एपस्टीन एक दोषी यौन अपराधी था जिसकी 2019 में जेल में मौत हो गई थी. उनके स्पष्टीकरण पर विपक्षी सांसदों ने उपहास किया, क्योंकि उन्हें विश्वास नहीं हो रहा था कि देश के नेता को सुरक्षा जांच में हुई गड़बड़ी के बारे में जानकारी नहीं थी. कंजर्वेटिव पार्टी की नेता केमी बैडेनोच ने कहा कि स्टारमर की जिज्ञासा की कमी पर विश्वास करना मुश्किल है. उन्होंने कहा, “ऐसा नहीं लगता कि उन्होंने कोई सवाल पूछा हो. क्यों? क्योंकि वह जानना ही नहीं चाहते थे.”
मंगलवार को हाउस ऑफ कॉमन्स में बोलेंगे
ब्रिटिश पीएम सांसदों को बार-बार यह बताने के बाद कि मैंडेलसन की नियुक्ति के समय “उचित प्रक्रिया” का पालन किया गया था, स्थिति स्पष्ट करने का प्रयास कर रहे थे. हालांकि उन्होंने अपने निर्णय की त्रुटि के लिए माफी मांगी, लेकिन उन्होंने संसद को गुमराह करने से इनकार किया, जिसे आमतौर पर इस्तीफे का अपराध माना जाता है. स्टारमर ने पिछले सप्ताह द गार्जियन द्वारा इस खुलासे के कुछ ही घंटों के भीतर विदेश कार्यालय के शीर्ष सिविल सेवक, ओली रॉबिन्स को बर्खास्त कर दिया. लेकिन रॉबिन्स के सहयोगियों का कहना है कि वे प्रधानमंत्री के साथ संवेदनशील जांच संबंधी जानकारी साझा करने में कभी सक्षम नहीं होते. रॉबिन्स से मंगलवार को हाउस ऑफ कॉमन्स की विदेश मामलों की समिति के समक्ष घटनाक्रम का अपना पक्ष रखने की उम्मीद है.
बैडेनोच ने कहा कि रॉबिन्स, मेंडेलसन से जुड़े सरकार से इतर एक और उच्च पदस्थ अधिकारी हैं. उन्होंने कहा कि अपनी गलतियों की जिम्मेदारी लेने के बजाय, स्टारमर ने "अपने कर्मचारियों और अधिकारियों को बलि का बकरा बना दिया है." मध्यमार्गी लिबरल डेमोक्रेट्स के नेता एड डेवी ने कहा कि स्टारमर "एक ऐसे प्रधानमंत्री की छवि पेश करते हैं जो पद पर तो हैं लेकिन सत्ता में नहीं हैं." डेवी ने कहा कि मेंडेलसन की नियुक्ति "निर्णय लेने में एक विनाशकारी गलती थी. और अब जब यह उनके लिए मुसीबत बन गई है, तो एकमात्र उचित कार्य यही है कि वे जिम्मेदारी स्वीकार करें."
7 मई को होने हैं चुनाव
सरकार के वरिष्ठ सहयोगियों ने प्रधानमंत्री का बचाव किया है. उप प्रधानमंत्री डेविड लैमी ने कहा कि अगर स्टारमर को सुरक्षा जांच में हुई गड़बड़ी के बारे में पता होता, तो "वह उन्हें कभी भी राजदूत नियुक्त नहीं करते." लेकिन स्टारमर की मध्य-वामपंथी लेबर पार्टी के सांसद, जो पहले से ही अपनी खराब चुनावी रेटिंग को लेकर चिंतित हैं, बेचैन हैं. स्टारमर ने फरवरी में एक संभावित संकट को पहले ही टाल दिया था, जब कुछ लेबर सांसदों ने मेंडेलसन की नियुक्ति को लेकर उनसे इस्तीफा देने का आग्रह किया था. अगर 7 मई को होने वाले स्थानीय और क्षेत्रीय चुनावों में लेबर पार्टी को करारी हार मिलती है, जैसा कि उम्मीद है, तो उन्हें एक नई चुनौती का सामना करना पड़ सकता है. इन चुनावों में मतदाताओं को सरकार के मध्यावधि चुनाव में अपना फैसला सुनाने का मौका मिलेगा.
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