
वाशिंगटन:
अमेरिका के पहले अश्वेत राष्ट्रपति बनकर चार साल पहले नया इतिहास रचने वाले बराक ओबामा ने सामारोहपूर्वक शपथ लेने के बाद व्हाइट हाउस में अपनी दूसरी पारी की शुरुआत की। हालांकि उनकी दूसरी पारी के शुरुआत में बजट संबंधी मुद्दा, बंदूक नियंत्रण एवं आव्रजन जैसे मुद्दों से निपटने की चुनौतियां मौजूद हैं।
हाड़ कंपा देने वाली सर्दी में हजारों लोगों की मौजूदगी के बीच ओबामा ने ऐतिहासिक सफेद गुंबद वाली कैपिटल बिल्डिंग में दूसरी बार शपथ ली। 51 वर्षीय ओबामा को चार साल के कार्यकाल के लिए उच्चतम न्यायालय के प्रधान न्यायाधीश जान राबर्ट्स ने लगातार दूसरे दिन शपथ दिलाई।
ओबामा के शपथ ग्रहण के अवसर पर उनका परिवार, सांसद, मित्र, कर्मचारी और हजारों लोग उपस्थित थे।
संवैधानिक अनिवार्यताओं के कारण ओबामा को औपचारिक रूप से रविवार को शपथ दिलाई गई क्योंकि उनका दूसरा कार्यकाल 20 जनवरी की दोपहर से शुरू होना था।
चूंकि कल रविवार था और सारे संघीय कार्यालय बंद थे लिहाजा उनका समारोहपूर्वक शपथ ग्रहण सोमवार को फिर आयोजित किया गया। अमेरिका के इतिहास में सातवीं बार ऐसा हुआ है कि राष्ट्रपति को दूसरी बार शपथ लेनी पड़ी।
ओबामा ने जब पहले कार्यकाल के लिए शपथ ली थी तो उस समय आर्थिक संकट और युद्ध का खतरा मंडरा रहा था। ये खतरे आज काफी हद तक खत्म हो चुके हैं लेकिन दूसरे कार्यकाल में शपथग्रहण समारोह के दौरान उत्साह का वह माहौल नहीं था जो पहले देखने को मिला था।
हाड़ कंपा देने वाली सर्दी में हजारों लोगों की मौजूदगी के बीच ओबामा ने ऐतिहासिक सफेद गुंबद वाली कैपिटल बिल्डिंग में दूसरी बार शपथ ली। 51 वर्षीय ओबामा को चार साल के कार्यकाल के लिए उच्चतम न्यायालय के प्रधान न्यायाधीश जान राबर्ट्स ने लगातार दूसरे दिन शपथ दिलाई।
ओबामा के शपथ ग्रहण के अवसर पर उनका परिवार, सांसद, मित्र, कर्मचारी और हजारों लोग उपस्थित थे।
संवैधानिक अनिवार्यताओं के कारण ओबामा को औपचारिक रूप से रविवार को शपथ दिलाई गई क्योंकि उनका दूसरा कार्यकाल 20 जनवरी की दोपहर से शुरू होना था।
चूंकि कल रविवार था और सारे संघीय कार्यालय बंद थे लिहाजा उनका समारोहपूर्वक शपथ ग्रहण सोमवार को फिर आयोजित किया गया। अमेरिका के इतिहास में सातवीं बार ऐसा हुआ है कि राष्ट्रपति को दूसरी बार शपथ लेनी पड़ी।
ओबामा ने जब पहले कार्यकाल के लिए शपथ ली थी तो उस समय आर्थिक संकट और युद्ध का खतरा मंडरा रहा था। ये खतरे आज काफी हद तक खत्म हो चुके हैं लेकिन दूसरे कार्यकाल में शपथग्रहण समारोह के दौरान उत्साह का वह माहौल नहीं था जो पहले देखने को मिला था।
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