- संयुक्त राज्य अमेरिका के नेशनल काउंटरटेररिज्म सेंटर के प्रमुख जोसेफ केंट ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है
- जोसेफ केंट ने अपने इस्तीफे में अमेरिका‑इजरायल और ईरान के बीच युद्ध को लेकर गंभीर सवाल उठाए हैं
- उन्होंने ट्रंप प्रशासन के ईरान युद्ध के फैसले का समर्थन न करने की बात अपनी अंतरात्मा की आवाज बताते हुए कही
ईरान पर इजरायल के साथ हमले करने की वाहवाही भले ही ट्रंप लूटने में कोई कसर नहीं छोड़ रहे हो लेकिन इस जंग में कूदने को लेकर उनके प्रशासन की फूट धीरे-धीरे ही सही अब जगजाहिर होने लगी है. इसी क्रम में अमेरिका के नेशनल काउंटर टेररिज्म सेंटर (NCTC) के प्रमुख जोसेफ केंट ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है. उन्होंने अपने इस्तीफे में इस युद्ध पर गंभीर सवाल उठाए हैं और कहा कि वह इस फैसले का समर्थन नहीं कर सकते. केंट ने लिखा कि वह "अपनी अंतरात्मा की आवाज पर" ट्रंप प्रशासन के ईरान युद्ध का समर्थन नहीं कर सकते. अपने पत्र में उन्होंने दावा किया कि जून 2025 तक ट्रंप यह जानते थे कि मिडिल ईस्ट में युद्धों से अमेरिका को केवल जान-माल का नुकसान होता है और देश की संपत्ति बर्बाद होती है.
After much reflection, I have decided to resign from my position as Director of the National Counterterrorism Center, effective today.
— Joe Kent (@joekent16jan19) March 17, 2026
I cannot in good conscience support the ongoing war in Iran. Iran posed no imminent threat to our nation, and it is clear that we started this… pic.twitter.com/prtu86DpEr
जंग से अमेरिका को सिर्फ नुकसान
अपने पत्र में, उन्होंने दावा किया कि जून 2025 तक ट्रंप को यह पता था कि मिडिल ईस्ट की जंग से अमेरिका को सिर्फ जान-माल का नुकसान हुआ है और देश की दौलत बर्बाद हुई है. उन्होंने कहा कि इजरायल के बड़े अधिकारियों और अमेरिकी मीडिया के असरदार लोगों ने एक गलत जानकारी फैलाने वाले कैम्पेन के ज़रिए, ईरान के साथ युद्ध को बढ़ावा देने के जान-बूझकर किए गए प्रयास में, युद्ध के पक्ष में माहौल बनाया. केंट ने ज़ोर देकर कहा कि 79 साल के राष्ट्रपति को गुमराह करने के लिए एक "इको चैंबर" का इस्तेमाल किया गया, ताकि उन्हें यह यकीन दिलाया जा सके कि ईरान अमेरिका के लिए एक तुरंत खतरा है और उन्हें उस पर हमला करना चाहिए.
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कौन हैं जोसेफ केंट
आपको बता दें कि नेशनल काउंटर टेररिज्म सेंटर के प्रमुख के तौर पर, केंट उस एजेंसी के इंचार्ज थे, जिसका काम आतंकवादी खतरों का विश्लेषण करना और उनका पता लगाना था. केंट, जो पहले एक राजनीतिक उम्मीदवार रह चुके हैं और जिनके दक्षिणपंथी चरमपंथियों से संबंध बताए जाते रहे हैं, पिछले जुलाई में 52‑44 वोटों से अपने पद पर युक्त किए गए थे. डेमोक्रेट्स ने केंट की नियुक्ति का जोरदार विरोध किया था और उनके अतीत में धुर‑दक्षिणपंथी लोगों और साजिश की थ्योरीज़ से जुड़े रहने का हवाला दिया था. 2022 के कांग्रेस चुनाव प्रचार के दौरान केंट ने धुर‑दक्षिणपंथी मिलिट्री ग्रुप ‘प्राउड बॉयज़' के सदस्य ग्राहम जोर्गेनसेन को कंसल्टिंग के काम के लिए भुगतान किया था.
इसके अलावा, उन्होंने ईसाई राष्ट्रवादी संगठन ‘पैट्रियट प्रेयर' के संस्थापक जॉय गिब्सन के साथ भी करीबी तौर पर काम किया और कई धुर‑दक्षिणपंथी लोगों का समर्थन हासिल किया. सीनेट में अपनी नियुक्ति की पुष्टि से पहले हुई सुनवाई के दौरान केंट ने उस साजिश की थ्योरी से खुद को अलग करने से इनकार कर दिया, जिसके मुताबिक 6 जनवरी 2021 को कैपिटल पर हुए हमले को संघीय एजेंटों ने भड़काया था. इसके साथ ही उन्होंने इस झूठे दावे से भी दूरी नहीं बनाई कि रिपब्लिकन पार्टी के डोनाल्ड ट्रंप ने 2020 का राष्ट्रपति चुनाव डेमोक्रेट जो बाइडेन के खिलाफ जीता था.
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