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ईरान पर फिर हमला करने वाला है अमेरिका, पर आखिरी मुहर लगाने में क्यों हिचक रहे डोनाल्ड ट्रंप

US-Iran War: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप प्रशासन शुक्रवार को ईरान के खिलाफ नए सैन्य हमलों की तैयारी कर रहा था.सूत्रों के अनुसार कल शुक्रवार दोपहर तक हमले को लेकर अंतिम फैसला ही नहीं हो पाया.

ईरान पर फिर हमला करने वाला है अमेरिका, पर आखिरी मुहर लगाने में क्यों हिचक रहे डोनाल्ड ट्रंप
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  • अमेरिका और ईरान के बीच डेढ़ महीने से कोई लड़ाई नहीं हुई, पाकिस्तान में मध्यस्थता के बाद मामला शांत है
  • राष्ट्रपति ट्रंप ने ईरान पर हमला करने की योजना बनाई थी, लेकिन अंतिम समय में फैसला टाल दिया गया
  • व्हाइट हाउस ने स्पष्ट किया कि ईरान को परमाणु हथियार और समृद्ध यूरेनियम रखने की अनुमति नहीं मिलेगी
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नई दिल्ली:

अमेरिका-ईरान के बीच बीते डेढ़ महीने से कोई लड़ाई नहीं हुई है. पाकिस्तान में मध्यस्थता का दौर चला और तब से अबतक दोनों के बीच मामला शांत है. इस बीच ईरान और अमेरिका दोनों ने हमले की धमकी दी,होर्मुज स्ट्रेट को लेकर तनातनी भी दिखी. अब पता चला है कि राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप फिर एक बार ईरान पर हमला करने वाले थे, लेकिन अंतिम समय तक इसपर कोई फैसला न हो पाने के चलते इसे टाल दिया गया. 

बातचीत सफल नहीं रही तो हमला

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने शुक्रवार सुबह अपने वरिष्ठ राष्ट्रीय सुरक्षा अधिकारियों के साथ बैठक की थी, जिसमें ईरान से जुड़े हालात और संभावित युद्ध विकल्पों पर चर्चा हुई.यह जानकारी अमेरिकी अधिकारियों ने दी. सूत्रों के अनुसार,अगर आखिरी समय में बातचीत में कोई बड़ी सफलता नहीं मिलती है,तो ट्रंप प्रशासन ईरान के खिलाफ नए सैन्य हमले पर गंभीरता से विचार कर रहा है. इसी बीच,पाकिस्तान सेना प्रमुख आसिम मुनीर तेहरान पहुंचे हैं,जहां उनके साथ कतर का एक प्रतिनिधिमंडल भी शामिल हुआ.यह दौरा आखिरी समय में समझौता कराने की कोशिश के तौर पर देखा जा रहा है. सूत्रों के मुताबिक आसिम मुनीर शनिवार को ईरान के प्रभावशाली सैन्य कमांडर जनरल अहमद वाहिदी (IRGC) से मुलाकात कर सकते हैं. माना जा रहा है कि यह बैठक ईरान के निर्णय लेने की प्रक्रिया में अहम भूमिका निभा सकती है. 

ट्रंप ने तय कर दी अपनी रेड लाइन

व्हाइट हाउस की प्रवक्ता एना केली ने CBS News से कहा कि राष्ट्रपति ट्रंप ने अपनी स्पष्ट ‘रेडलाइन' तय कर दी है. ईरान कभी परमाणु हथियार नहीं रख सकता और उसे अपने समृद्ध यूरेनियम (enriched uranium) को भी बनाए रखने की अनुमति नहीं होगी. उन्होंने कहा, “राष्ट्रपति के पास हर समय सभी विकल्प खुले रहते हैं” और पेंटागन की जिम्मेदारी है कि वह किसी भी निर्णय को लागू करने के लिए तैयार रहे.साथ ही चेतावनी दी गई कि अगर ईरान किसी समझौते तक नहीं पहुंचता, तो उसे परिणाम भुगतने होंगे. 

ईरान की कड़ी चेतावनी

ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने भी जवाब देते हुए कहा कि तो संघर्ष मध्य पूर्व से बाहर तक फैल सकता है. कहा कि ईरान ऐसी जगहों पर कड़ा जवाब देगा, जिसकी कल्पना भी नहीं की जा सकती.ईरान फिलहाल अमेरिका के नए प्रस्ताव की समीक्षा कर रहा है
यह प्रस्ताव बुधवार को भेजा गया था. साथ ही चेतावनी भी दी गई कि अगर इसे ठुकराया गया, तो सैन्य हमले फिर शुरू हो सकते हैं. 

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