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टूटी हड्डियों के साथ 7,000 फीट की चढ़ाई... ईरान में अमेरिकी फाइटर की 50 घंटे की सर्वाइवल कहानी उसी की जुबानी

सेंटकॉम प्रमुख ने बताया कि 90 से ज्यादा अमेरिकी सैनिकों को ईरान में जमीन पर भेजा गया; यह 46 सालों में वहां अमेरिकी जमीनी सैनिकों की पहली तैनाती थी.

कुछ ऐसे ही टूटी हड्डियों के साथ ब्रावो ईरान के 7,000 फीट ऊंचे पहाड़ पर चढ़ते रहे. ये एआई जेनरेटेड इमेज है.
  • F-15E विमान को ईरान की शोल्डर-फायर मिसाइल से निशाना बनाया गया, जिससे दो अधिकारी दुश्मन इलाके में कूद गए
  • घायल अधिकारी ब्रावो ने टूटे हुए शरीर के साथ सात हजार फुट ऊंची पहाड़ी की चोटी पर चढ़कर छुपकर बचाव किया
  • अमेरिकी सेना ने 90 से अधिक सैनिकों को जमीन पर भेजा और लगभग पचास घंटे की खोज के बाद ब्रावो को बचाया

2 अप्रैल को अमेरिकी सेना ने इतिहास के सबसे बड़े सर्च और रेस्क्यू ऑपरेशन में से एक को अंजाम दिया. यह ऑपरेशन तब शुरू हुआ जब एक अमेरिकी विमान को ईरान की शोल्डर-फायर मिसाइल से मार गिराया गया, जिससे विमान में सवार दो अधिकारियों को दुश्मन के इलाके में कूदना करना पड़ा. पायलट (जिसे 'अल्फा' कहा गया) को कुछ ही घंटों में बचा लिया गया, वहीं उसका साथी 'ब्रावो' (वेपन सिस्टम ऑफिसर) लगभग 50 घंटों तक दुश्मन के इलाके में फंसा रहा. वह घायल था और ईरान के एक ऊबड़-खाबड़ पहाड़ी दर्रे में छिपा हुआ था, जब तक कि उसे वहां से निकाला नहीं गया.

सुरक्षा कारणों से केवल मिशन कॉल साइन 'ड्यूड 44 ब्रावो' से पहचाने जाने वाले इस नॉन-फ्लाइंग अधिकारी ने पहली बार सार्वजनिक रूप से बात की है. उन्होंने अपने "सबसे डरावने पल" के बारे में बताया. उन्होंने बताया कि वो फाइटर प्लेन से कूदने पर वो तेजी से नीचे गिरे. इससे उनकी पीठ की हड्डियां टूट गईं. इस टूटी हुई पीठ के साथ वो 7,000 फुट ऊंची पहाड़ी की चोटी पर चढ़े और अमेरिकी सेना के पहुंचने तक दो दिनों तक ईरानी सेना से छिपे रहे.

ब्रावो की कहानी उसी की जुबानी

CBS के '60 मिनट्स' को दिए एक इंटरव्यू में, ब्रावो ने अपनी जान बचने की कहानी को "आज के जमाने का चमत्कार" बताया. ब्रावो ने उस पल को याद करते हुए कहा, "वह दिन हमारे लिए युद्ध का एक आम दिन ही था, जब तक कि हम पर ईरान के हथियार से हमला नहीं हुआ." उन्होंने बताया कि अमेरिका का 30 मिलियन डॉलर का दो-सीट वाला F-15E विमान ईरान ने एक शोल्डर-फायर्ड मिसाइल से मार गिराया गया. इस मिसाइल की कीमत लगभग 100,000 डॉलर हो सकती है. F-15E विमान दशकों से अमेरिकी हवाई युद्ध अभियानों का मुख्य आधार रहा है. 

ब्रावो ने मिसाइल के विमान से टकराने के पल को "मालगाड़ी की टक्कर" जैसा बताया. उन्होंने कहा कि अल्फा ने फाइटर जेट को बचाने की पूरी कोशिश की, लेकिन उन्हें जल्द ही एहसास हो गया कि विमान को नहीं बचाया जा सकता, इसलिए दोनों ने इजेक्ट कर लिया. अल्फा सुरक्षित रूप से बाहर निकल गया था और उसे कुछ ही घंटों में बचा लिया गया. लेकिन ब्रावो का पैराशूट खराब हो गया था, जिसकी वजह से उसे काफी संघर्ष करना पड़ा और वह अल्फा से लगभग 5 मील दूर जमीन पर जोर से गिरा.

सबसे डरावना पल कौन सा था?

ब्रावो ने कहा, "एक पल ऐसा आया जब मैंने ऊपर देखा और मुझे कोई पैराशूट नहीं दिखा; वह मेरे लिए अब तक का सबसे डरावना अनुभव था. तभी मैंने कुछ पल के लिए रुककर प्रार्थना की, 'हे ईश्वर, आपकी मर्जी पूरी हो. लेकिन अगर मुझे इससे बचना है, तो मुझे मदद की जरूरत है.'" इतनी तेज रफ़्तार से जमीन पर गिरने के कारण उसकी पीठ, एक हाथ और कंधे की हड्डियां टूट गईं. अंधेरा छंटने पर, ब्रावो ने दुश्मन के इलाके में अपनी स्थिति का अंदाजा लगाया और वहां से निकलने की योजना बनाने लगा. वह एक ऐसी घाटी में था, जिसके दोनों ओर ऊंची चट्टानें थीं, इसलिए उसने तय किया कि ऊपर की ओर जाना ही सबसे सुरक्षित रहेगा. हड्डियां टूटी होने के बावजूद, वह पैदल चला और 7,000 फ़ीट ऊंची पहाड़ी की चोटी पर चढ़ गया.

CBS से बात करते हुए उसने कहा, "मुझे चोटें आई थीं, लेकिन हम सभी को ऐसी स्थितियों के अनुसार ढलने और उनसे उबरने की ट्रेनिंग दी जाती है. चोटों के बावजूद, मैं जितनी तेजी से हो सकता था, उस जगह से दूर चला गया, जहां मैं गिरा था." ब्रावो ने मजाक में कहा, "कभी भी प्रेरणा की कमी के कारण ईरानी टीवी पर मत आ जाना." अमेरिका में, रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ को आधी रात को क्रैश की खबर देकर जगाया गया. तुरंत यह तय किया गया कि अमेरिकी सेना अपने सैनिकों को वापस लाएगी, चाहे वे जिंदा हों या नहीं.

पीछे अमेरिका में क्या चल रहा था

US सेंट्रल कमांड के अमेरिकी कमांडर एडमिरल ब्रैड कूपर के मुताबिक, उस रात उनका मिशन इस्फहान के दक्षिण में पहाड़ी इलाके के पास मौजूद इंडस्ट्रीज को निशाना बनाना था. माना जाता है कि ईरान अपना ज्यादातर हाईली एनरिच्ड न्यूक्लियर मटीरियल यहीं रखता है. कूपर के अनुसार, जल्द ही उन दो सैनिकों को खोजने के लिए एक बड़ा मिशन शुरू किया गया, जिसमें हवा में सैकड़ों सैनिक और मिशन में मदद करने वाले हज़ारों अन्य सैनिक शामिल थे. सेंटकॉम प्रमुख ने बताया कि 90 से ज्यादा अमेरिकी सैनिकों को ईरान में जमीन पर भेजा गया; यह 46 सालों में वहां अमेरिकी जमीनी सैनिकों की पहली तैनाती थी. 'अल्फा' तो छह घंटे के भीतर ही मिल गया. लेकिन 'ब्रावो' का पता नहीं चल सका और उसे पहाड़ों में अकेले एक और दिन बिताना पड़ा, जबकि उसके पास खाने-पीने का लगभग कोई सामान नहीं था. आखिरकार वह अपनी लोकेशन के बारे में अमेरिका को संदेश भेजने में कामयाब रहा.

50 घंटे बाद ब्रावो को ढूंढ निकाला गया

आखिरी रेस्क्यू टीम भेजने से पहले, अमेरिकी सेना को उसके छिपने की जगह के पास IRGC फोर्स पर हमला करने के लिए बॉम्बर और ड्रोन का इस्तेमाल करना पड़ा. CIA ने भी इस मिशन में अहम भूमिका निभाई; उसने ईरानी फोर्स को गुमराह करने के लिए एक धोखा देने वाला अभियान चलाया और गिरे हुए अफसर का पता लगाने के लिए गुप्त टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल किया. लाखों की कीमत वाले विमानों का इस्तेमाल करके लगभग 50 घंटे की खोज के बाद, आखिरकार 'ब्रावो' मिल गया. उसने अपने रेस्क्यू किए जाने के पल को "अपनी जिंदगी के सबसे बेहतरीन पलों में से एक" बताया.

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