विज्ञापन

7 मंजिला बिल्डिंग में ड्यूटी पर था, उसी के मलबे में 8 दिन से फंसा था गार्ड, 7 देशों की रेस्क्यू टीम ने आखिर निकाल लिया जिंदा- देखें VIDEO

गिल को बचाने के लिए पिछले तीन दिनों से सावधानीपूर्वक खुदाई चल रही थी. तीन मीटर लंबी सुरंग के अंदर खुदाई की गई. एक ट्यूब के जरिए उनके पास सांस लेने के लिए हवा पहुंचाई गई. पढ़िए गिल को कैसे बचाया गया...

7 मंजिला बिल्डिंग में ड्यूटी पर था, उसी के मलबे में 8 दिन से फंसा था गार्ड, 7 देशों की रेस्क्यू टीम ने आखिर निकाल लिया जिंदा- देखें VIDEO
उसी 7 मंजिला बिल्डिंग के मलबे में 8 दिनों से दबा था गिल जहां वो ड्यूटी कर रहा था
AFP/NDTV
  • चिली, वेनेजुएला, अमेरिका, पुर्तगाल, कोस्टा रिका, एल साल्वाडोर, मेक्सिको के एक्सपर्ट बचाव दल में शामिल थे.
  • गार्ड की पत्नी ने कहा, "यह किसी चमत्कार से कम नहीं. एक इंसान को बचाने के लिए इतने देश एक साथ काम कर रहे हैं."
  • 24 जून को आए 7.2 और 7.5 तीव्रता के दो भूकंपों में अब तक लगभग 2,300 लोगों की मौत हो चुकी है.

सात देशों के अंतरराष्ट्रीय टीम उस सिक्योरिटी गार्ड को मलबे के नीचे से निकालने में कामयाब हो गई है, जो वेनेजुएला में आए दो जोरदार भूकंपों के दौरान ड्यूटी पर जिस बिल्डिंग में काम कर रहा था वहीं आठ दिनों से फंसा हुआ था. इस गार्ड का नाम हर्नान गिल है जिनकी उम्र 43 साल है. गिल वेनेजुएला के तटीय इलाके कैटिया ला मार में एक सात मंजिला इमारत के ढह जाने से नीचे दबे हुए थे. यह इलाका भूकंप से बुरी तरह प्रभावित हुआ है.

इस मुश्किल ऑपरेशन में सात देशों - वेनेजुएला, चिली, अमेरिका, पुर्तगाल, कोस्टा रिका, अल साल्वाडोर और मैक्सिको के बचाव दल शामिल थे. जैसे ही गिल को बाहर निकाला गया बचाव दल के सभी सदस्य खुशी से झूम उठे और एक दूसरे को गले लगाया. गिल को तुरंत ही पास ही में तैयार एंबुलेंस में लिटा कर प्राथमिक उपचार किया गया और अस्पताल ले जाया गया.

मलबे से निकालने के तुरंत बाद गिल को एंबुलेंस से अस्पताल ले जाया गया

मलबे से निकालने के तुरंत बाद गिल को एंबुलेंस से अस्पताल ले जाया गया
Photo Credit: AFP

कैसे किया गया रेस्क्यू?

गिल को बचाने के लिए पिछले तीन दिनों से सावधानीपूर्वक खुदाई चल रही थी. बचाव कर्मियों ने पास की बिल्डिंग के गिरने के खतरे की चेतावनी के बाद मेटल प्लेट को तोड़ने के लिए रोटरी हैमर का इस्तेमाल किया. पूरे ऑपरेशन के दौरान, उन्होंने गिल को पानी दिया और एक ट्यूब के जरिए उनके पास सांस लेने के लिए हवा पहुंचाई गई.

आखिरी चरण में, दो बचाव कर्मियों ने उन्हें बाहर निकालने के लिए बनाई गई तीन मीटर लंबी सुरंग के अंदर खुदाई की, जबकि बचाव दल के लगभग 30 अन्य सदस्य बिल्डिंग की पार्किंग में मलबा हटाने के लिए लगातार काम कर रहे थे.

मौके पर मौजूद एक बचाव कर्मी ने नाम न बताने की शर्त पर न्यूज एजेंसी एएफपी से कहा, "मैंने इतना मुश्किल काम कभी नहीं देखा. मुझे नहीं पता कि क्या कभी इतना लंबा रेस्क्यू ऑपरेशन हुआ है."

गिल को बचाने के लिए सात देशों की संयुक्त रेस्क्यू टीम ने दिन-रात अभियान चलाया.

रेस्क्यू टीमों के मुताबिक, बुधवार देर रात तक बचावकर्मी हर्नान गिल से करीब एक मीटर की दूरी पर पहुंच चुके थे. उनके पास सुरक्षित पहुंचने के लिए बेहद सावधानी से मलबा हटाया जा रहा है, क्योंकि पास की एक इमारत कभी भी गिर सकती है.

जब बचावकर्मियों को गिल का एक वीडियो मिला तब जाकर उन्हें राहत मिली. चिली की फायर सर्विस ने सोशल मीडिया पर एक वीडियो भी साझा किया, जिसमें हर्नान गिल अपनी छोटी-सी जगह के अंदर कैमरे की ओर सिर घुमाते दिखाई दिए. उन्होंने चेहरे पर मास्क लगाया हुआ था और उनकी दाईं आंख लाल नजर आ रही थी.

हर्नान की पत्नी गुस्बिमार गोंजालेज ने कहा, "यह किसी चमत्कार से कम नहीं है. मैंने पहली बार देखा है कि एक इंसान की जान बचाने के लिए इतने देश एक साथ काम कर रहे हैं."

24 जून को आए 7.2 और 7.5 तीव्रता के दो भूकंपों में वेनेजुएला की नेशनल असेंबली के अध्यक्ष जॉर्ज रोड्रिगेज ने मुताबिक मरने वालों की संख्या बढ़कर 2,295 हो गई है और 11,000 से अधिक लोग घायल हुए हैं.ऐसे में हर्नान गिल का आठ दिन तक मलबे के नीचे जिंदा रहना उन लोगों के लिए एक उम्मीद बनी है जिनके जीवित मिलने की उम्मीद लगभग खत्म हो चुकी है.

पूरी स्टोरी पढ़ें

NDTV.in पर ताज़ातरीन ख़बरों को ट्रैक करें, व देश के कोने-कोने से और दुनियाभर से न्यूज़ अपडेट पाएं

फॉलो करे:
Venezuela Earthquake, Venezuela Earthquake Damage, Venezuela Earthquake Death Number, Venezuela Earthquake News Hindi, Venezuela Earthquake News
Listen to the latest songs, only on JioSaavn.com