उत्तराखंड के देहरादून जिले के विकासनगर में मस्जिदों से लाउडस्पीकर हटाने की कार्रवाई अब एक बड़ा विवाद बनती नजर आ रही है. इस कार्रवाई के विरोध में मुस्लिम समाज के लोग सड़क पर उतर आए, जिसके बाद तहसील परिसर नारेबाजी से गूंज उठा. प्रदर्शनकारियों ने पुलिस पर एकतरफा कार्रवाई करने का आरोप लगाया है.
प्रदर्शनकारियों ने प्रशासन को खुली चुनौती देते हुए कहा कि कांवड़ यात्रा 2026 में बजने वाले हाई वॉल्यूम डीजे, तेज साउंड सिस्टम और नगर निगम की ध्वनि प्रसारण गाड़ियों पर भी कार्रवाई की जानी चाहिए. इसके साथ ही उन्होंने साफ चेतावनी दी कि यदि यह कार्रवाई तुरंत नहीं रुकी या फिर सभी पर समान नियम लागू नहीं किए गए, तो एक बड़ा आंदोलन छेड़ा जाएगा. गुस्से में आए प्रदर्शनकारियों ने राष्ट्रपति के नाम तहसील प्रशासन को एक ज्ञापन भी सौंपा है.
सुप्रीम कोर्ट के आदेश का हवाला देकर उतारे 43 लाउडस्पीकर
दरअसल, बीते दिनों एसएसपी देहरादून के निर्देश पर पुलिस ने एक साथ कई जगहों पर ताबड़तोड़ एक्शन लिया था. इलाके की मस्जिदों से लाउडस्पीकर उतारने का यह एक विशेष अभियान था, जिसमें प्रशासन ने सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों का हवाला देते हुए 43 जगहों से लाउडस्पीकर उतरवा दिए. पुलिस की इस कार्रवाई के विरोध में शनिवार को समुदाय विशेष के लोग भड़क उठे. उन्होंने प्रशासन पर पक्षपातपूर्ण कार्रवाई का आरोप जड़ते हुए उग्र प्रदर्शन किया और आंदोलन की चेतावनी दे डाली. इस विरोध प्रदर्शन के बाद पूरे क्षेत्र में इस मुद्दे को लेकर सियासी और सामाजिक बहस तेज हो गई है, जिससे यह मामला आने वाले दिनों में और ज्यादा गरमाने के कयास लगाए जा रहे हैं.

vikasnagar uttarakhand mosque loudspeaker
"कोर्ट ने लाउडस्पीकर उतारने का नहीं, डेसीबल तय करने का आदेश दिया था"
लाउडस्पीकरों पर हुई इस कार्रवाई का विरोध कर रहे प्रदर्शनकारियों की अगुवाई करने वाले इमरान उत्तराखंडी का दावा है कि साल 2021 में सुप्रीम कोर्ट ने एक आदेश जारी किया था. उस आदेश के मुताबिक, ध्वनि की सीमा 50 डेसीबल से अधिक नहीं होनी चाहिए ताकि उससे दूसरे लोगों को कोई परेशानी न हो.

vikasnagar uttarakhand mosque loudspeaker
प्रदर्शनकारियों के मुताबिक, कोर्ट ने कहीं भी लाउडस्पीकर जबरन उतरवाने का निर्देश नहीं दिया है. उनका आरोप है कि कोर्ट के आदेश की गलत व्याख्या करके असंवैधानिक तरीके से पुलिस जबरन धीमी आवाज में चलने वाले मस्जिदों के माइक और लाउडस्पीकर भी उतरवा रही है. उन्होंने इसे मुस्लिम समाज को निशाना बनाने वाली एक असंवैधानिक कार्रवाई करार दिया है. प्रदर्शनकारियों ने इस कार्रवाई को पूरी तरह गलत ठहराते हुए इसे तुरंत रोकने की मांग की है. बताया जा रहा है कि इस संबंध में प्रदर्शनकारी सोमवार को कोई बड़ा कदम उठा सकते हैं.
NDTV.in पर ताज़ातरीन ख़बरों को ट्रैक करें, व देश के कोने-कोने से और दुनियाभर से न्यूज़ अपडेट पाएं